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सेलेब इंटरव्यू: क्याें मेघना को झेलना पड़ा गुलजार की बेटी होने का दबाव? बोलीं- 'शुरुआती फिल्में फ्लॉप रहीं...'

Tue, 01 Sep 2026 06:00 PM IST
Kiran Vinod Kumar Jain किरण जैन
Updated Tue, 01 Sep 2026 06:00 PM IST
सार

Meghna Gulzar Interview: मेघना गुलजार आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं रहा। मशहूर गीतकार-शायर गुलजार और अभिनेत्री राखी की बेटी मेघना की शुरुआती दो फिल्में सफल नहीं हुईं। अमर उजाला से खास बातचीत में मेघना ने उस कठिन दौर के बारे में भी कई बातें साझा कीं। 

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meghna gulzar exclusive interview revealed about the pressure of being a starkid
मेघना गुलजार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेघना गुलजार ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें काम नहीं मिल रहा था। उस दौर में उन्होंने खुद से यह तक कह दिया था कि शायद अब फिल्में नहीं बनाएंगी। अमर उजाला से खास बातचीत में मेघना ने अपने इस दौर और दर्शकों के भरोसे को लेकर खुलकर बात की।
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साथ ही, उन्होंने अपने माता-पिता की पहचान के साथ आने वाले दबाव और उम्मीदों पर भी बात की। बता दें, मेघना की आने वाली फिल्म 'दायरा' है, जिसमें करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन नजर आएंगे।
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गुलजार की बेटी मेघना - फोटो : एक्स (ट्विटर)
'कुछ और बना नहीं सकती थी और जो बना रही थी, वह लोगों को पसंद नहीं आ रहा था' 
अपने करियर के बारे में बात करते हुए मेघना कहती हैं, 'शुरुआत में मुश्किल था। मैं अपनी क्रिएटिव जिंदगी को 'तलवार' से पहले और 'तलवार' के बाद में बांटती हूं। क्योंकि मेरी पहली दो फिल्में सफल नहीं हुई थीं। इसलिए काम भी नहीं मिलता था। फिल्मों के बीच में सात-सात साल का गैप हो जाता था।' 

आगे मेघना ने बताया, 'फिर एक वक्त ऐसा आया जब मुझे लगा कि मैं अपनी क्रिएटिविटी और अपनी सेंसिबिलिटी तो बदल नहीं सकती। अगर यही नहीं बदलना है, तो शायद मुझसे नहीं हो पाएगा। समझौता भी नहीं करना था। कुछ और बना नहीं सकती थी और जो बना रही थी, वह सब लोगों को पसंद नहीं आ रहा था।'

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मेघना गुलजार परिवार के साथ - फोटो : सोशल मीडिया
'फिल्में छोड़ मैंने घर-गृहस्थी की तरफ ध्यान दिया..' 
उन्होंने आगे कहा, 'फिर मैंने सोचा, दो कदम पीछे चलते हैं। थोड़ा रुक जाते हैं। अगर वक्त सही हुआ तो फिर मौका मिलेगा। ऐसा भी एक दौर आया, जब मैंने कहा, 'ठीक है, अब फिल्में नहीं बनाएंगे।' फिल्में छोड़ मैंने घर-गृहस्थी की तरफ ध्यान दिया। मेरा बेटा पैदा हुआ और उसके बाद करीब चार-पांच साल तक मुझे काम नहीं करना था। फिर 'तलवार' आई और उसके बाद चीजें बदल गईं। क्योंकि जब आपकी फिल्म कामयाब होती है, तो आपको और काम मिलता है। मेरे साथ भी वही हुआ।'
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गुलजार की बेटी मेघना - फोटो : एक्स (ट्विटर)
'गुलजार की बेटी है, तो अच्छी फिल्म ही बनाएगी'  
मेघना के माता-पिता गुलजार और राखी अपने-अपने क्षेत्र में बड़े नाम रहे हैं। ऐसे में उनकी बेटी होने का असर उनके करियर पर भी पड़ा। हालांकि, मेघना के मुताबिक यह दबाव घर से नहीं आया।

वो बताती हैं, 'पैरेंट्स की तरफ से तो कोई दवाब नहीं था, लेकिन मीडिया और इंडस्ट्री की तरफ से जरूर था। अगर मेरे सामने सीधे तौर पर नहीं कहा जाता था, तो लिखा जाता था कि उनके पिता इतनी कामयाब फिल्में बना रहे हैं, फिर इन्हें क्या हो गया।'

मेघना आगे कहती हैं, 'मां की तरफ से यह दबाव कम था, क्योंकि मैं एक्ट्रेस नहीं बनी। शायद अगर मैं एक्ट्रेस बनती और कामयाब नहीं होती, तो वहां से भी यह बात आती। तो हां, ऐसा जरूर हुआ। फिर जब मेरी फिल्में लोगों को पसंद आने लगीं, तो ये भी हुआ कि गुलजार की बेटी है, तो अच्छी फिल्म ही बनाएगी। तो यह भी उस विरासत का हिस्सा है, जो पापा-मम्मी के साथ आती है।'

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गुलजार और राखी बेटी मेघना के साथ - फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
'पापा को पहला ड्राफ्ट दिखाती हूं, मम्मी फिल्म की पहली कॉपी देखती हैं' 
पिता गुलजार के साथ अपनी क्रिएटिव बॉन्डिंग को लेकर मेघना कहती हैं, 'हम हर क्रिएटिव चीज पर ज्यादा चर्चा नहीं करते। हमारी रचनात्मकता भी काफी अलग है और वह हमारी फिल्मों में भी नजर आती है। हां, जब मेरी स्क्रिप्ट का पहला ड्राफ्ट पूरा होता है, तो मैं पापा को देती हूं। वह उसमें अपने विचार लिखते हैं। लेकिन मैं उनके सुझावों के हिसाब से अपनी कहानी नहीं बदलती, क्योंकि ये मेरे विचार हैं।'

वहीं मां के बारे में मेघना कहती हैं, 'फिल्म पूरी होने के बाद जब उसकी पहली कॉपी निकलती है, तब मम्मी दिखाती हूं। ऐसा नहीं है कि उनके सुझाव मुझे दिशा देते हैं या मेरा रास्ता तय करते हैं। ऐसा नहीं है। हालांकि, सपोर्ट हमेशा दोनों की तरफ से रहा है।'

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करीना कपूर-मेघना गुलजार-पृथ्वीराज सुकुमारन - फोटो : इंस्टाग्राम
'दर्शकों का भरोसा प्रेरित भी करता है और डराता भी है' 
फिल्म 'तलवार' के बाद मेघना की फिल्मों को दर्शकों का भरोसा लगातार मिलता रहा। वह इस भरोसे को अपने लिए खुशी के साथ-साथ एक जिम्मेदारी भी मानती हैं।
मेघना कहती हैं, 'मैं ऐसा नहीं कह सकती कि 'तलवार' से लेकर अब तक मेरे दर्शकों ने मुझे निराश किया है। मैं इसके लिए खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हूं। बहुत कम फिल्ममेकर ऐसा कह सकते हैं कि उनके दर्शकों ने उन्हें निराश नहीं किया है। लेकिन यह थोड़ा डरावना भी है, क्योंकि फिर आपके ऊपर उस भरोसे पर लगातार खरा उतरने की जिम्मेदारी होती है। यह भरोसा मुझे प्रेरित भी करता है और थोड़ा डराता भी है। लेकिन शायद यही इस सफर का हिस्सा है।'
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