बीते 26 अगस्त को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म रिलीज हुई, नाम है 'द लास्ट सैल्यूट'। इसकी कहानी देश के सबसे बुजुर्ग फाइटर जेट मिग 21 के 62 साल के कार्यकाल और रिटायरमेंट से जुड़ी हुई है। डाक्यूमेंट्री के निर्देशक कुशल श्रीवास्तव ने अमर उजाला से बातचीत में इससे जुड़े कुछ किस्से साझा किए।
‘कॉल पर बोले पत्नी रो रही हैं…’, ‘द लास्ट सैल्यूट’ देखकर भावुक हो रहे एयरफोर्स अफसर; निर्देशक ने सुनाया किस्सा
The Last Salute: हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में इंडियन एयरफाेर्स के शौर्य की गाथा पेश की गई। इसी सीरीज के क्रिएटर कुशल श्रीवास्तव अब एक नई डाॅक्यूमेंट्री ‘द लास्ट सैल्यूट’ लेकर आए हैं। जानिए इसके बारे में…
इस डॉक्यूमेंट्री का ख्याल आपको कब और कैसे आया?
यह डॉक्यूमेंट्री मिग 21 पर है। हाल ही में मेरी एक सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ आई है, मैं उसका क्रिएटर हूं। वो कारगिल में एयरफोर्स की कहानी है जो मिग 21 फाइटर पायलेट्स के एक स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ के इर्द-गिर्द बुनी गई है। मुझे इसे बनाने में तीन से चार साल लगे। जब हम इसे शूट कर रहे थे तब पता चला कि मिग 21 अब आउट ऑफ सर्विस जा रहे हैं। इसके चलते हमें अपना शेड्यूल भी काफी चेंज करना पड़ा। इस पूरे प्रोसेस में हमने यह समझा कि 62 साल तक इस देश की वायुसेना को मिग 21 ने अपनी सेवा दी है। पूरी दुनिया में यह किसी भी एक जहाज का सबसे लंबा समय है। इसे रूस ने बनाया था पर वहां भी इसने इतने लंबे काल तक सेवा नहीं दी, जितना भारत में दी।
जब हम शूट कर रहे थे तो देखते थे कि लोग इसे किसी इंसान की तरह सम्मान देते थे। वो इससे जुड़े हुए थे। इसकी सेवा समाप्त होने की खबर सुनकर दुखी थे, जैसे कोई बुजुर्ग उनसे विदा लेने वाला है। वो इसे लेकर काफी भावुक थे। तो उस वक्त मुझे ख्याल आया कि हम दुनिया के आखिरी मिग 21 के साथ शूट कर रहे हैं और जिनकी कहानी दिखा रहे हैं वो छह आखिरी पायलट थे जिन्होंने इसे उड़ाया। तब वहां से ख्याल आया कि इस पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाना चाहिए। हमने सीरीज के साथ ही इसे शूट किया।
इसके लिए रिसर्च करते वक्त या शूट करते वक्त कैसा अनुभव रहा?
हम जब इसकी शूटिंग कर रहे थे तो बीच में मिग 21 में कुछ रोड़ा आ गया था और इसकी फ्लाइंग रोक दी गई थी। तब हमसे कहा गया था कि अब मिग 21 उड़ेंगे नहीं। दूसरी तरफ एयरफाेर्स में एक नियम होता है कि कोई भी जहाज जब रिटायर होता है तो उसे आखिरी बार उड़ाकर विदा किया जाता है। रक्षामंत्री समेत कई अतिथि पहुंचते हैं और बड़ा कार्यक्रम होता है। तो हम बहुत परेशान हो गए। हम रोज रिक्वेस्ट करते थे कि प्लीज सर इसको ठीक करवा दो। वो कहते थे कि विदेश से इसके पार्ट्स आ रहे हैं, आप चिंता मत करो ये जरूर उड़ेगा। तो जब तक मिग 21 पूर तरह ठीक नहीं हो गया, हम इस कश्मकश में थे कि इस डॉक्यूमेंट्री को पूरा शूट कर पाएंगे या नहीं।
आपने खुद मिग को बेहद करीब से देखा है, इससे कैसे इमोशंस जुड़े हुए हैं?
मैं खुद एक्स एयरफाेर्स हूं। मैंने छह साल एयरफोर्स में सेवा दी है। कारगिल के बाद मैंने जॉइन किया था। दिसंबर 1999 से लेकर 2006 तक मैंने एयरफोर्स में सेवा दी। वहां से फिर मैं मुंबई आया। निर्देशक जेपी दत्ता के साथ जुड़ा, उनको असिस्ट किया, तो मुझे बहुत पहले से ही वह एहसास मालूम था कि लोग मिग 21 से किस तरह जुड़े हुए हैं। नॉर्मल सिविलियन को नहीं समझ आएगा कि हमारे लिए मिग क्या है? हमें उसमें एक स्वैग, एक टशन नजर आता है। एक वक्त था जब 90 प्रतिशत पायलट मिग का प्रशिक्षण ले चुके थे। तो हमने फिल्म में उसके एक दौर को कवर किया है। फाइटर पायलट्स आज भी इस जहाज से बेइंतहा मोहब्बत करते हैं। एक दौर में इसके कई एक्सीडेंट की भी खबरें सामने आईं जिसकी बड़ी वजह यह थी कि उस दौर में 90 प्रतिशत पायलट इसे ही उड़ा रहे थे। मिग 21 जिसने 62 साल देश की सेवा की है, लगभग हर युद्ध में भाग लिया है। अभी भी एक एफ 16 को गिराया है, जो अभिनंदन ने गिराया था।
(बता दें कि भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर (अब ग्रुप कैप्टन) अभिनंदन वर्धमान ने 27 फरवरी 2019 को पाकिस्तानी वायुसेना के F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। उस दौरान वो मिग 21 ही चला रहे थे।)
इस डॉक्यूमेंटी को देखकर लोग कैसा रिस्पॉन्स दे रहे हैं?
कुल मिलाकर यह एक ऐसा जश्न है, जिसमें लोगों की आंखें नम भी है। जब से यह डॉक्यूमेंट्री रिलीज हुई है, मुझे एयरफोर्स से जुड़े कई लोगों के कॉल आ रहे हैं। एक 82 वर्ष के पायलट, जिन्होंने सबसे ज्यादा मिग उड़ाया है, उनको कवर भी किया हमने अपनी डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने रात काे 11:30 बजे कॉल किया। मुझसे कहा कि इस फिल्म को देखने के बाद उनकी पत्नी रो रही हैं। एयरफोर्स के पीआरओ का कॉल आया तो उन्होंने बताया कि इतने फोन तो मुझे तब नहीं आए जब ऑपरेशन सफेद सागर रिलीज हुई थी। कई लोग इस फिल्म को देखकर बहुत भावुक हुए हैं, क्योंकि इसका नाम ही है ‘द लास्ट सैल्यूट’ और टैग लाइन है- ए लव लेटर टू मिग 21। तो यह एक फाइटल पायलट का लव लेटर है, सारे एयरफाेर्स के ऑफिसर्स का लव लेटर है और कहीं ना कहीं मेरा भी लव लेटर है क्योंकि मैंने जिस लास्ट स्क्वाड्रन में सर्व किया था, उसमें मिग 21 थे। हालांकि, मुझे इस प्लेन को उड़ाने का कभी मौका नहीं मिला क्योंकि मैं लाॅजिस्टिक में था।