Don't Be Shy Review: नई पीढ़ी की भावनाओं का रोलर कोस्टर, अभिनय अच्छा पर पटरी से उतरी पटकथा; कैसी है फिल्म?
Don't Be Shy Movie Review in hindi: फिल्म ‘डोंट बी शाय’ ओटीटी पर 25 सितंबर 2026 को रिलीज हो चुकी है। रिश्तों से उम्मीदें और उनकी असफल होने पर बनी यह फिल्म आज की जेनेरेशन को एक आईना दिखाती है। जानें कितनी फीकी और मीठी है आलिया के प्रोडक्शन की यह रोम-कॉम मिठाई?
विस्तार
कहानी
फिल्म ‘डोंट बी शाय’ की कहानी में मुख्य किरदार श्यामिली दास (आरुषी बजाज) हैं, जिन्हें प्यार से सब शॉय कहकर बुलाते हैं। शॉय एक ऐसी युवा लड़की है जिसने अपनी जिंदगी का भविष्य पहले से तय कर रखा है। उसने अपने करियर, प्यार, शादी और आगे की जिंदगी को लेकर योजनाएं बना रखी हैं।
उसे लगता है कि अगर वह सही फैसले लेती रही तो जिंदगी उसी योजना के मुताबिक चलेगी। शाय को अपने अमीर बॉयफ्रेंड मयंक (पीयूष खाती) पर पूरा भरोसा है कि वह उसे एक अच्छा भविष्य दे सकता है। उसके पिता जॉय दास (अनुराग बसु) से भी शॉय के रिश्ते कुछ खास अच्छे नहीं हैं।
लेकिन उसकी जिंदगी तब बदलने लगती है जब उसका रिश्ता टूटता है। उसके तय किए हुए भविष्य की योजनाएं हिल जाती हैं। इस दौरान उसका खुद पर जरुरत से ज्यादा भरोसा सब खत्म होने लगता है। कभी उसे दुश्मन लगने वाली उसकी सबसे महत्वपूर्ण साथी तारा (बियांका अरोड़ा) उसकी दोस्त बन जाती है।
तारा के जीवन में भी उसका एक दोस्त है ध्रुव (अंश दुग्गल) जिसके जीवन में एक ठहराव है। शॉय और तारा की दोस्ती कहानी का अहम हिस्सा है। दोनों के बीच बातचीत और उनका एक-दूसरे को समझना शॉय को उस टूटे रिश्ते और जीवन की असुरक्षाओं से निकले में मदद करती हैं।
फिल्म ‘डोंट बी शाय’ में किरदारों का चुनाव बहुत ही सोच समझ कर किया गया। अगर इसकी कहानी पर अच्छी तरह काम किया जाता तो यह एक कमाल की फिल्म बन सकती थी।
अभिनय
आरुषी बजाज, बियांका अरोड़ा, पीयूष खाती, अंश दुग्गल चारों ही अपने किरदार में ठीक-ठाक लगे। फिर भी फिल्म खत्म होने तक ये कोई यादगार सीन नहीं दे पाते। दूसरी तरफ निर्देशक अनुराग बसु को फिल्म में एक्टिंग करता देखना फैंस के लिए एक अलग ही अनुभव है। फिल्म में एक खाते पीते दमदार पिता के रोल में वह काफी अच्छे लग रहे हैं। फिल्म के सहयोगी कलाकार जैसे कुणाल रॉय कपूर और अंजू अल्वा नाइक अपने-अ़पने रोल के साथ इंसाफ करते नजर आए।
निर्देशन
‘डोंट बी शाय’ में मुद्दा नई पीढ़ी से जुड़ा हुआ उठाया गया। फिल्म का लेखन-निर्देशन श्रीति मुखर्जी ने किया है। इसके पहले वह 'ए दिल है मुश्किल' और 'ये जवानी है दीवानी' में भी असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम कर चुकी हैं। यह उनका एकल रूप से पहला बड़ा प्रोजेक्ट था, जिसमें वह बहुत हद तक सफल हो जातीं अगर कहानी की छोटी-छोटी बारीकियों पर ध्यान दिया जाता। शुरुआत में फिल्म को जिस तरह दिखाया गया था, निर्देशन में कमी के चलते वह अंत में अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाती।
देखें या नहीं
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई फिल्म ‘डोंट बी शाय’ देखने लायक है। खास तौर पर जेन जी और जेन अल्फा को यह फिल्म पसंद आ सकती है। अगर खाली समय है तो इसे विकल्प में शामिल कर सकते हैं। इससे उलट अगर सीमित समय है और कुछ बेहतरीन देखना चाहते हैं तो इसे नहीं भी देखेंगे तो कुछ खास मिस नहीं करेंगे।