नाजा डॉक्यूमेंट्री विवाद: गाजा पर बनी 80 मिनट की फिल्म पर बवाल क्यों? खतरे में आई मेकर्स की नागरिकता
NAZA Documentary Controversy: डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'नाजा' विवाद के घेरे में है। यह फिल्म गाजा युद्ध पर आधारित है। वेनिस फिल्म फेस्टिवल में पुरस्कार हासिल करने वाली इस डॉक्यूमेंट्री के मेकर्स की नागरिकता खतरे हैं। उन पर देशद्रोह का आरोप है। जानिए क्या है पूरा मामला?
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विस्तार
वेनिस फिल्म फेस्टिवल में 'नाजा' डॉक्यूमेंट्री ने काफी ध्यान खींचा। इसे वहां स्पेशल जूरी पुरस्कार प्रदान किया गया। फिल्म देखने वालों ने तालियां बजाईं। मगर, इसी के साथ यह फिल्म सवालों के घेरे में भी है। फिल्म के मेकर्स पर इस्राइल के खिलाफ नफरत फैलाने के प्रयास का आरोप है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फिल्म पर सवाल उठाए हैं और इसे यहूदियों के खिलाफ नफरत फैलान की कोशिश बताया है।
किस विषय पर बनी है 'नाजा'?
'नाजा' ब्रिटिश डॉक्यूमेंट्री फिल्म है, जो कथित तौर पर गाजा संघर्ष पर आधारित है। इसे 10 सितंबर 2026 को वेनिस फिल्म फेस्टिवल में दिखाया गया है। फिल्म गाजा युद्ध के दौरान इस्राइली सेना द्वारा फिलिस्तीनी नागरिकों की बड़े पैमाने पर हो रही 'हत्याओं' को दिखाती है। इस डॉक्यू फिल्म में सेना और इंटेलिजेंस के अंदरूनी सूत्रों के 24 इंटरव्यू का सहारा लिया गया है। इनकी पहचान गुप्त रखी गई है।
इसे इस्राइल के पत्रकार युवल अब्राहम और राहेल जोर ने बनाया है। युवल और राहेल इससे पहले 'नो अदर लैंड' नाम की डॉक्यूमेंट्री बना चुके हैं, जिसके लिए इन्हें ऑस्कर मिला था। अब उनकी 80 मिनट की फिल्म 'नाजा' की चर्चा हो रही है। वेनिस फेस्टिवल में तो इस फिल्म की खूब वाहवाही हुई। स्क्रीनिंग के दौरान दर्शकों ने इस फिल्म के सम्मान में खड़े होकर 25 मिनट तक तालियां बजाईं। अवॉर्ड भी मिल गया। मगर, युवल और राहेल की अपने ही देश में खूब किरकिरी हो रही है। बात अब इनकी नागरिकता रद्द हो सकने तक आ गई है।
'नाजा' पर इस्राइल के प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में इस्राइली सैन्य अभियानों पर बेस्ड 'नाजा' को चौंकाने वाला बताया। उन्होंने इस पर सवाल उठाए हैं और इस डॉक्यूमेंट्री को एक उकसावा करार दिया है। उन्होंने फिल्म पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह फिल्म यहूदियों के खिलाफ दुनियाभर में भड़काई जा रही नफरत का ही एक हिस्सा है। इस्राइल के तमाम अधिकारियों ने भी फिल्म पर आपत्ति जताई है और 'नाजा' के मेकर्स के खिलाफ कानूनी एक्शन की मांग की है।
नेतन्याहू ने टेलीग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा, 'यह चौंकाने वाली बात है। हम दुनिया भर में यहूदियों के खिलाफ नफरत फैलाने वाली बातों से लड़ रहे हैं। ऐसी बातें जब हमारे अपने लोगों की तरफ से आती हैं, तो यह बर्दाश्त के बाहर है'।
क्या खतरे में है मेकर्स की नागरिकता?
इस्राइल के कल्चर मिनिस्टर मिकी जोहर के मुताबिक, उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि वे इस बात की जांच करें कि ये कंटेंट कैसे हासिल किया गया? क्या इन्हें हासिल करने या पब्लिश करने की प्रक्रिया में कुछ ऐसी कार्यवाई हुई, जो युद्ध के समय दुश्मन की मदद करने के बराबर हो।
उन्होंने इस संबंध में इस्राइल के गृह मंत्रालय को पत्र लिखा और कहा फिल्म में किए गए दावे झूठे हैं। इन्हें तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा, 'सैनिकों और इस्राइल को जानबूझकर अपराध करने वालों के तौर पर दिखाने की कोशिश को पूरी तरह से खारिज करता हूं'।
पत्र में नागरिकता कानून का जिक्र
मिकी जोहर ने देश के नागरिकता कानून का भी जिक्र पत्र में किया है। उन्होंने कहा कि यह इस्राइल राज्य के प्रति निष्ठा तोड़ने की वजह से नागरिकता रद्द करने की इजाजत देता है। कल्चर मिनिस्टर के लिखे पत्र से साफ है कि फिल्म के निर्माताओं की नागरिकता पर खतरा मंडरा सकता है। इस्राइल सरकार के सदस्यों के अलावा इस्राइल रक्षा बल ने भी फिल्म में लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।
कहां से लिया गया 'नाजा' शब्द?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉक्यू फिल्म 'नाजा' में गाजा में इस्राइली सेना की कार्रवाई से जुड़े पहलू शामिल किए गए हैं। इस डॉक्यूमेंट्री का नाम कथित तौर पर इस्राइली सेना के उस शब्द से लिया गया है, जिसका इस्तेमाल जंग में होने वाली संभावित 'अतिरिक्त मौतों' के लिए किया जाता है। फिल्म की मेकिंग के लिए युवल अब्राहम और राहेल ने करीब तीन साल तक जांच की। फिल्म गाजा युद्ध में शामिल इंटेलिजेंस अफसरों और सैनिकों के गुमनाम इंटरव्यू पर आधारित है। फिल्म में जिन लोगों के साक्षात्कार हुए उन्होंने बताया कि गाजा पट्टी में टारगेट कैसे चुने जाते थे।