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रवि मोहन-श्रीलीला स्टारर 'पराशक्ति' को मद्रास हाईकोर्ट से हरी झंडी, थलपति विजय की 'जन नायकन' से होगी टक्कर
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: हिमांशु सोनी
Updated Fri, 02 Jan 2026 05:28 PM IST
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सार
Madras Highcourt on Movie Parasakthi: शिवकार्तिकेयन, रवि मोहन और श्रीलीला की फिल्म 'पराशक्ति' को मद्रास हाईकोर्ट की तरफ से रिलीज की इजाजत मिल गई है। अब इस तमिल फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर थलपति विजय की फिल्म 'जन नायकन' के साथ टक्कर देखने को मिलेगी।
पराशक्ति -जन नायकन
- फोटो : एक्स
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विस्तार
तमिल सिनेमा की मच अवेटेड फिल्मों में शामिल ‘पराशक्ति’ को लेकर चल रहा कानूनी विवाद अब थमता नजर आ रहा है। मद्रास हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार करते हुए इसे पोंगल के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज करने की इजाजत दे दी है। जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया, जिससे फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों दोनों को बड़ी राहत मिली है।
फिल्म में शिवकार्तिकेयन के साथ रवि मोहन-श्रीलीला
निर्देशक सुधा कोंगरा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शिवकार्तिकेयन मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके साथ फिल्म में रवि मोहन, अथर्वा और श्रीलीला भी अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म को 10 जनवरी को रिलीज किया जाना तय है, जो पोंगल के दौरान सिनेमाघरों में दस्तक देगी। दरअसल, यह मामला तब सामने आया जब एक सहायक निर्देशक के.वी. राजेंद्रन ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दावा किया कि ‘पराशक्ति’ की कहानी उनके पहले से रजिस्टर्ड स्क्रिप्ट से मिलती-जुलती है। उन्होंने फिल्म पर साहित्य चोरी (प्लेजरिज्म) का आरोप लगाया और रिलीज पर रोक लगाने की मांग की।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान निर्देशक सुधा कोंगरा की ओर से वरिष्ठ वकील पी एस रमन ने पक्ष रखा, जबकि फिल्म के निर्माता डॉन पिक्चर्स की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद पांडियन ने अदालत में दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों की बातों को सुनने के बाद कोर्ट ने साफ कहा कि फिलहाल फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का कोई ठोस आधार नहीं है। हालांकि, अदालत ने इस मामले को पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया। हाईकोर्ट ने साउथ इंडियन फिल्म राइटर्स एसोसिएशन को निर्देश दिया है कि वह साहित्य चोरी के आरोपों की जांच करे और 2 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट पेश करे। इसके लिए याचिकाकर्ता और फिल्म से जुड़े लोगों को अपनी-अपनी बात रखने का मौका भी दिया गया है।
यह खबर भी पढ़ें: अनुष्का शर्मा के साथ एक बार फिर बड़े पर्दे पर नजर आएंगे रणवीर सिंह, फैंस को इस दिन मिलेगा तोहफा
फिल्म तय समय पर ही रिलीज होगी
कोर्ट के इस फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ‘पराशक्ति’ तय समय पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। पोंगल के मौके पर यह फिल्म पहले से ही चर्चा में थी और कानूनी विवाद के चलते इसकी रिलीज को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। अब इस फैसले ने फिल्म की राह आसान कर दी है। प्रोमो और पोस्टर्स से संकेत मिलते हैं कि ‘पराशक्ति’ की कहानी 1960 के दशक में हुए हिंदी विरोधी आंदोलनों की पृष्ठभूमि पर आधारित हो सकती है, जो इसे और भी संवेदनशील और चर्चित बनाती है। यही वजह है कि फिल्म को लेकर दर्शकों और इंडस्ट्री दोनों की नजरें टिकी हुई थीं।
थलपति विजय की फिल्म से टक्कर
दिलचस्प बात यह भी है कि ‘पराशक्ति’ को बॉक्स ऑफिस पर कड़ी टक्कर मिलने वाली है, क्योंकि थलापति विजय की विदाई फिल्म ‘जन नायकन’ 9 जनवरी को रिलीज़ होने जा रही है। ऐसे में पोंगल वीकेंड पर तमिल सिनेमा में जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। कुल मिलाकर, हाईकोर्ट के फैसले ने ‘पराशक्ति’ के निर्माताओं को बड़ी राहत दी है और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक इस फिल्म को किस तरह से अपनाते हैं।
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फिल्म में शिवकार्तिकेयन के साथ रवि मोहन-श्रीलीला
निर्देशक सुधा कोंगरा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शिवकार्तिकेयन मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके साथ फिल्म में रवि मोहन, अथर्वा और श्रीलीला भी अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म को 10 जनवरी को रिलीज किया जाना तय है, जो पोंगल के दौरान सिनेमाघरों में दस्तक देगी। दरअसल, यह मामला तब सामने आया जब एक सहायक निर्देशक के.वी. राजेंद्रन ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दावा किया कि ‘पराशक्ति’ की कहानी उनके पहले से रजिस्टर्ड स्क्रिप्ट से मिलती-जुलती है। उन्होंने फिल्म पर साहित्य चोरी (प्लेजरिज्म) का आरोप लगाया और रिलीज पर रोक लगाने की मांग की।
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सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान निर्देशक सुधा कोंगरा की ओर से वरिष्ठ वकील पी एस रमन ने पक्ष रखा, जबकि फिल्म के निर्माता डॉन पिक्चर्स की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद पांडियन ने अदालत में दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों की बातों को सुनने के बाद कोर्ट ने साफ कहा कि फिलहाल फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का कोई ठोस आधार नहीं है। हालांकि, अदालत ने इस मामले को पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया। हाईकोर्ट ने साउथ इंडियन फिल्म राइटर्स एसोसिएशन को निर्देश दिया है कि वह साहित्य चोरी के आरोपों की जांच करे और 2 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट पेश करे। इसके लिए याचिकाकर्ता और फिल्म से जुड़े लोगों को अपनी-अपनी बात रखने का मौका भी दिया गया है।
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फिल्म तय समय पर ही रिलीज होगी
कोर्ट के इस फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ‘पराशक्ति’ तय समय पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। पोंगल के मौके पर यह फिल्म पहले से ही चर्चा में थी और कानूनी विवाद के चलते इसकी रिलीज को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। अब इस फैसले ने फिल्म की राह आसान कर दी है। प्रोमो और पोस्टर्स से संकेत मिलते हैं कि ‘पराशक्ति’ की कहानी 1960 के दशक में हुए हिंदी विरोधी आंदोलनों की पृष्ठभूमि पर आधारित हो सकती है, जो इसे और भी संवेदनशील और चर्चित बनाती है। यही वजह है कि फिल्म को लेकर दर्शकों और इंडस्ट्री दोनों की नजरें टिकी हुई थीं।
थलपति विजय की फिल्म से टक्कर
दिलचस्प बात यह भी है कि ‘पराशक्ति’ को बॉक्स ऑफिस पर कड़ी टक्कर मिलने वाली है, क्योंकि थलापति विजय की विदाई फिल्म ‘जन नायकन’ 9 जनवरी को रिलीज़ होने जा रही है। ऐसे में पोंगल वीकेंड पर तमिल सिनेमा में जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। कुल मिलाकर, हाईकोर्ट के फैसले ने ‘पराशक्ति’ के निर्माताओं को बड़ी राहत दी है और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक इस फिल्म को किस तरह से अपनाते हैं।