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Hindi News ›   Gen-Z ›   What Is the Looksmaxxing Trend? What Are Gen Z Boys Doing to Look More Attractive?

Beyond Basic Grooming: क्या है Looksmaxxing का ट्रेंड, खूबसूरत दिखने की चाह में क्या-क्या कर रहे GEN-Z लड़के?

Fri, 25 Sep 2026 07:07 PM IST
रिया दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: रिया दुबे Updated Fri, 25 Sep 2026 07:07 PM IST
सार

Looksmaxxing यानी Good Looks की तलाश में Gen-Z लड़कों की नई रेस। लेकिन जब Perfect Look पाने की चाह सोशल मीडिया के ट्रेंड से बढ़कर जुनून बनने लगे, तो मामला सिर्फ Grooming तक नहीं रहता। आइए जानते हैं इस ट्रेंड के बारे में सबकुछ। 

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What Is the Looksmaxxing Trend? What Are Gen Z Boys Doing to Look More Attractive?
जेन जी ट्रेंड - फोटो : Ai

विस्तार

आजकल सोशल मीडिया खोलते ही ऐसे वीडियो सामने आ जाते हैं, जहां लड़के अपने लुक्स को बेहतर बनाने के तरीके बताते नजर आते हैं। कोई जबड़े की बनावट को ज्यादा उभरा हुआ दिखाने की बात कर रहा है, कोई त्वचा की देखभाल के तरीके बता रहा है, तो कोई बाल, फिटनेस और कपड़ों को लेकर नए प्रयोग कर रहा है। अच्छा दिखने की चाह तो नई नहीं है, लेकिन अब इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक खास ट्रेंड चल रहा है और इसका नाम है Looksmaxxing।

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सवाल है कि आखिर Looksmaxxing है क्या? लड़कों के बीच इसका क्रेज क्यों बढ़ रहा है? और यह सामान्य सजने-संवरने से आगे कब निकल जाता है?

Looksmaxxing आखिर है क्या?

सीधी भाषा में कहें तो Looksmaxxing का मतलब है अपने लुक को जितना हो सके उतना बेहतर बनाने की कोशिश करना। इसमें चेहरे, त्वचा, बाल, शरीर, कपड़े और फिटनेस से लेकर चेहरे की बनावट तक पर ध्यान दिया जाता है। यानी मकसद है अपने लुक का ऐसा रूप तैयार करना, जिसमें खुद को ज्यादा आकर्षक महसूस किया जा सके। Michigan Medicine के मुताबिक, Looksmaxxing सोशल मीडिया पर खुद को जितना अच्छा दिखा सकते हैं, उतना अच्छा दिखाने की कोशिश से जुड़ा है। यह चलन खास तौर पर किशोर लड़कों और युवा पुरुषों के बीच दिखाई दे रहा है।

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आया कहां से यह ट्रेंड?

Looksmaxxing शब्द की जड़ें इंटरनेट की कुछ पुरानी पुरुष समुदायों में मिलती हैं। 2010 के दशक में कुछ ऑनलाइन मंचों पर लोग अपने रूप-रंग और आकर्षण को लेकर चर्चा करते थे।

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लेकिन सोशल मीडिया ने इसे बिल्कुल नया रूप दे दिया। अब छोटे वीडियो में लोग त्वचा की देखभाल, फिटनेस, बालों की शैली, चेहरे की बनावट और व्यक्तिगत साज-संवार के तरीके बताते हैं। यही वजह है कि Looksmaxxing अब सिर्फ किसी छोटे ऑनलाइन समुदाय तक सीमित नहीं है।

Softmaxxing क्या है?

Looksmaxxing में सबसे पहले आता है Softmaxxing। इसका मतलब है बिना किसी बड़ी चिकित्सकीय प्रक्रिया के अपने लुक को बेहतर बनाने की कोशिश। जैसे

  • त्वचा की देखभाल
  • व्यायाम और फिटनेस
  • अच्छी नींद
  • खानपान पर ध्यान
  • बालों की देखभाल
  • दाढ़ी और साज-संवार
  • हेयरस्टाइल
  • कपड़ों और पहनावे पर ध्यान
  • पोश्चर सुधारना

यानी जो चीजें रोजमर्रा की जिंदगी में अपनी देखभाल का हिस्सा हो सकती हैं, उन्हें ही अपने लुक को बेहतर करने के लिए इस्तेमाल करना।

Hardmaxxing क्या है?

अब आता है इसका ज्यादा जोखिम वाला हिस्सा Hardmaxxing। इसमें चेहरे या शरीर में बड़ा बदलाव लाने के लिए सर्जरी, कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं या दूसरे आक्रामक तरीकों की तरफ जाने की बात होती है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग चेहरे की बनावट या जबड़े को बदलने के लिए ऐसे तरीके भी बताते हैं, जिनके पीछे पर्याप्त वैज्ञानिक सबूत नहीं होते। कुछ मामलों में बिना विशेषज्ञ की सलाह के दवाओं या दूसरे पदार्थों का इस्तेमाल करने की बातें भी सामने आती हैं।

Bone Smashing क्यों खतरनाक है?

Looksmaxxing से जुड़े कुछ वीडियो में Bone Smashing जैसी खतरनाक चीजें भी दिखाई देती हैं। इसमें चेहरे की हड्डियों पर चोट करके जबड़े या चेहरे की बनावट बदलने का दावा किया जाता है। लेकिन Michigan Medicine के मुताबिक, यह तरीका काम नहीं करता और इससे गंभीर चोट लग सकती है। यानी सोशल मीडिया पर कोई तरीका वायरल हो जाए, इसका मतलब यह नहीं कि वह सुरक्षित या वैज्ञानिक रूप से सही भी है।

लुक्स की ये रेस मानसिक दबाव भी बना सकती है

यहां कहानी सिर्फ चेहरे तक नहीं रुकती। जब सोशल मीडिया पर लगातार एक जैसे चेहरे, शरीर और Jawline को आकर्षक दिखाया जाता है, तो अपनी शक्ल की तुलना उनसे करना आसान हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे आत्मसम्मान प्रभावित हो सकता है और अपने चेहरे या शरीर को लेकर असंतुष्टि बढ़ सकती है। Looksmaxxing से जुड़ी कुछ ऑनलाइन प्रवृत्तियां युवाओं में अपने शरीर और चेहरे को लेकर जरूरत से ज्यादा चिंता बढ़ा सकती हैं।

सोशल मीडिया का इसमें बड़ा रोल

आज चेहरा सिर्फ आईने में नहीं दिखता। फोन का कैमरा भी लगातार हमारे सामने है। फिल्टर, रोशनी, कैमरा एंगल और एडिटिंग किसी के लुक को काफी बदल सकते हैं। लेकिन जब कोई युवा लगातार ऐसे वीडियो देखता है, तो उसे अपने लुक की तुलना दूसरों से करना आसान लगने लगता है। एक बार अगर कोई व्यक्ति Jawline, त्वचा या चेहरे से जुड़ा कंटेंट देखता है, तो सोशल मीडिया उसे इसी तरह के और वीडियो दिखा सकता है। धीरे-धीरे पूरा फीड ही लुक्स को बेहतर बनाने वाले वीडियो से भर सकता है।

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