हरियाणा: स्कूल की चलती बस के फर्श में बने छेद में फंसी बच्ची की गर्दन, पैरे नीचे लटके
बस में सवार बच्चों का शोर सुन चालक ने बस रोकी। इसके बाद बच्ची को सुरक्षित निकाल लिया गया। मौके परिजनों और लोगों ने हंगामा किया तो चालक भाग गया। परिजन ने इस सबंध में पुलिस को शिकायत दी है। हालांकि देर रात तक किसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी।
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कस्बे निवासी अमित कुमार ने बताया कि उनके छोटे भाई सुमित की उनकी बेटी निशिका निजी स्कूल में केजी कक्षा में पढ़ती है। सुबह करीब आठ बजे उसे स्कूल बस में बैठाया। बस हल्की सी चली थी कि उसमें बैठी बड़ी बेटी ने शोर मचाया। चालक ने बस रोक दी। शोर सुनकर कुछ ही दूरी पर खड़े सुमित बस की तरफ दौड़े। अंदर देखा कि निशिका की गर्दन फर्श में बने छेद में फंसी थी और पैर नीचे। उसे किसी तरह बाहर निकाला। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग इकट्ठे हो गए और हंगामा किया तो चालक बस छोड़कर भाग गया। डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस को बुलाया गया। बस को जब्त कर लिया है तोशाम थाने के एसएचओ विशेष कुमार ने बताया कि अभी जांच कर रहे हैं।
बस हादसे के संंबंध में जांच के लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं। इस संबंध में रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजकर अनुशासनात्मक कार्रवाई कराई जाएगी। निजी स्कूल वाहनों का फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य है। इसके बावजूद इस तरह की बसें चल रही है। जाहिर है जांच में कोताही बरती जा रही है। - डॉ निर्मल दहिया जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।