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Fatehabad News: बीडीपीओ कार्यालय की 11 दुकानें एक माह में करनी होंगी खाली
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 16 Mar 2026 11:20 PM IST
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शहर के मुख्य रोड पर स्थित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय के परिसर में बनी दुकानें। सं
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फतेहाबाद। शहर के मुख्य रोड पर स्थित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय परिसर में बनी 11 दुकानों का चल रहा विवाद निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने इन दुकानों में व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को मई माह तक समय देकर इनको खाली करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही अदालत ने संबंधित विभाग को दुकानदारों से पिछला बकाया किराया वसूलने के भी आदेश जारी किए हैं। बीडीपीओ भजनलाल ने इसकी पुष्टि की है। बीडीपीओ कार्यालय परिसर में बनी ये दुकानें काफी समय पहले बनाई गई थी। विभाग के अनुसार, वर्तमान में इन दुकानों की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है और इन्हें जर्जर घोषित किया जा चुका है।
विभाग की योजना इन पुरानी और असुरक्षित दुकानों को ध्वस्त कर नई दुकानों का निर्माण करने की है ताकि सरकारी राजस्व में भी वृद्धि हो सके और परिसर को नया स्वरूप दिया जा सके लेकिन काफी समय से न्यायालय में मामला होने के कारण दुकानदार दुकानों को खाली नहीं कर रहे थे। अब दुकानों को खाली करने व बकाया किराया बीडीपीओ कार्यालय के बैंक खाता में जमा करवाने बारे में नोटिस जारी होने से राहत मिली है।
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खुली बोली के दौरान दो साल के लिए किराये पर दी गई थी दुकानें
दुकानदारों को दुकानें खाली करवाने का मामला काफी समय से कोर्ट में चल रहा है। दुकानें खाली करवाने का मुख्य कारण दुकानों के जर्जर होना बताया गया। विभाग का कहना था कि दुकानें जर्जर हो चुकी हैं। जिस कारण इनको तोड़कर यहां पर दो मंजिला नया भवन व दुकानें बनाई जानी हैं लेकिन दुकानदारों ने इनको खाली करने के बजाय न्यायालय में याचिका दायर कर दी।
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न्यायालय ने विभाग के पक्ष सुनाया फैसला
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की ओर से जारी आदेशों में दिनांक 1 अप्रैल 2019 से 31 मई 2026 तक बकाया कुल किराया ब्याज सहित जमा करवाने व दुकानों को खाली करने के आदेश जारी किए गए हैं। नोटिस के अनुसार करीब 11 दुकानों पर लाखों रुपये का किराया बकाया है। प्रत्येक दुकान पर करीब 3 से 5 लाख रुपये तक का किराया बकाया है। उच्च न्यायालय ने कहा है कि मई माह तक दुकानें खाली नहीं करने के बाद प्रशासन दुकानदारों पर कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
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न्यायालय की ओर से जारी आदेशों के बाद दुकानदारों को बकाया किराया जमा करवाने के लिए भी नोटिस दिए हुए हैं। दुकानें जर्जर हो चुकी हैं। उम्मीद है कि अब दुकानें खाली होंगी ताकि उन्हें ध्वस्त करके नई का निर्माण कार्य शुरू हो सके।
- भजन लाल, बीडीपीओ फतेहाबाद।
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इसके साथ ही अदालत ने संबंधित विभाग को दुकानदारों से पिछला बकाया किराया वसूलने के भी आदेश जारी किए हैं। बीडीपीओ भजनलाल ने इसकी पुष्टि की है। बीडीपीओ कार्यालय परिसर में बनी ये दुकानें काफी समय पहले बनाई गई थी। विभाग के अनुसार, वर्तमान में इन दुकानों की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है और इन्हें जर्जर घोषित किया जा चुका है।
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विभाग की योजना इन पुरानी और असुरक्षित दुकानों को ध्वस्त कर नई दुकानों का निर्माण करने की है ताकि सरकारी राजस्व में भी वृद्धि हो सके और परिसर को नया स्वरूप दिया जा सके लेकिन काफी समय से न्यायालय में मामला होने के कारण दुकानदार दुकानों को खाली नहीं कर रहे थे। अब दुकानों को खाली करने व बकाया किराया बीडीपीओ कार्यालय के बैंक खाता में जमा करवाने बारे में नोटिस जारी होने से राहत मिली है।
खुली बोली के दौरान दो साल के लिए किराये पर दी गई थी दुकानें
दुकानदारों को दुकानें खाली करवाने का मामला काफी समय से कोर्ट में चल रहा है। दुकानें खाली करवाने का मुख्य कारण दुकानों के जर्जर होना बताया गया। विभाग का कहना था कि दुकानें जर्जर हो चुकी हैं। जिस कारण इनको तोड़कर यहां पर दो मंजिला नया भवन व दुकानें बनाई जानी हैं लेकिन दुकानदारों ने इनको खाली करने के बजाय न्यायालय में याचिका दायर कर दी।
न्यायालय ने विभाग के पक्ष सुनाया फैसला
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की ओर से जारी आदेशों में दिनांक 1 अप्रैल 2019 से 31 मई 2026 तक बकाया कुल किराया ब्याज सहित जमा करवाने व दुकानों को खाली करने के आदेश जारी किए गए हैं। नोटिस के अनुसार करीब 11 दुकानों पर लाखों रुपये का किराया बकाया है। प्रत्येक दुकान पर करीब 3 से 5 लाख रुपये तक का किराया बकाया है। उच्च न्यायालय ने कहा है कि मई माह तक दुकानें खाली नहीं करने के बाद प्रशासन दुकानदारों पर कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
न्यायालय की ओर से जारी आदेशों के बाद दुकानदारों को बकाया किराया जमा करवाने के लिए भी नोटिस दिए हुए हैं। दुकानें जर्जर हो चुकी हैं। उम्मीद है कि अब दुकानें खाली होंगी ताकि उन्हें ध्वस्त करके नई का निर्माण कार्य शुरू हो सके।
- भजन लाल, बीडीपीओ फतेहाबाद।