{"_id":"69b842b563113af1dd0dc8ed","slug":"insurance-claims-worth-rs-60-crore-for-farmers-approved-funds-begin-reaching-their-accounts-fatehabad-news-c-127-1-ftb1001-150288-2026-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: किसानों का 60 करोड़ का बीमा क्लेम मंजूर, खातों में राशि पहुंचना हुई शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: किसानों का 60 करोड़ का बीमा क्लेम मंजूर, खातों में राशि पहुंचना हुई शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 16 Mar 2026 11:19 PM IST
विज्ञापन
गांव बनगांव में जलभराव से नष्ट हुई नरमा की फसल। फाइल फोटो
विज्ञापन
फतेहाबाद। लंबे समय से फसल बीमा क्लेम का इंतजार कर रहे जिले के किसानों की उम्मीद पूरी होती दिख रही है। कृषि विभाग और बीमा कंपनी में समन्वय के बाद जिले के किसानों का कुल 60 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम अप्रूव कर दिया गया है। बीमा क्लेम की यह राशि अब सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचना शुरू हो गई है। अब तक 17 करोड़ की राशि किसानों के खातों में पहुंच चुकी है।
कृषि विभाग के अनुसार और बीमा कंपनी के फील्ड कर्मचारी सागर ने बताया कि भुगतान की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग का लक्ष्य है कि इस माह के अंत तक सभी पात्र किसानों के खातों में उनके नुकसान की भरपाई की राशि पहुंचा दी जाए। खरीफ सीजन में ओलावृष्टि, जलभराव और बेमौसम बारिश के कारण फसलों को नुकसान हुआ था, जिसका सर्वे करने के बाद अब यह राशि जारी की गई है। दूसरी तरफ राशि का सामान वितरण नहीं होने के कारण किसान इससे असंतुष्ट हैं।
--
क्लेम की राशि में अंतर से किसान परेशान
बीमा राशि का वितरण शुरू होते ही जिला मुख्यालय और कृषि कार्यालयों में किसान पहुंचने शुरू हो गए हैं। हालांकि अभी राशि खातों में आ रही है लेकिन इसके वितरण के पैमाने पर किसानों में असमंजस और असंतोष की स्थिति बनी हुई है। जहां जिले के कुछ किसानों को नुकसान के आधार पर 20 हजार रुपये प्रति एकड़ तक का मुआवजा मिला है वहीं कुछ किसानों के खातों में महज 10 हजार रुपये प्रति एकड़ या उससे भी कम की राशि पहुंची है। वहीं जिले के कई किसानों के खातों में अभी तक बीमा क्लेम नहीं डाला गया है।
--
बीमा कंपनियों पर गड़बड़ी के आरोप
बीमा राशि के इस असमान वितरण से असंतुष्ट किसानों ने नाराजगी जाहिर की है। किसानों का आरोप है कि बीमा कंपनियां और सर्वे टीमें साठगांठ कर गड़बड़ी कर रही हैं। किसान अमित, तेजपाल, भूप सिंह और राय सिंह आदि का कहना है कि उनकी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी लेकिन हमें पड़ोसी किसान के मुकाबले आधा मुआवजा ही मिला है। सर्वे के दौरान नुकसान का आकलन सही ढंग से नहीं किया गया जिस कारण आज हमें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
--
मेरी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। लेकिन मुझे इसका अभी तक बीमा क्लेम नहीं मिला है। सरकार और बीमा कंपनी को सही आकलन करके किसानों को पूरा बीमा देना चाहिए। खाते में बीमा क्लेम की राशि आनी शुरू हो गई है, लेकिन मुझे एक पैसा भी नहीं मिला है।
-राम सिंह, किसान।
--
फसल खराब होने से काफी नुकसान हुआ था। अब खाते में पैसा आना शुरू हुआ है तो थोड़ी राहत मिली है लेकिन सभी किसानों को एक समान और सही हिसाब से क्लेम मिलना चाहिए। बीमा कंपनियां कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर किसानों को लूट रही हैं।
- विष्णुदत्त, किसान।
--
गांव में कई किसानों को अलग-अलग बीमा क्लेम की राशि मिली है। किसी को 20 हजार रुपये प्रति एकड़ और किसी को सिर्फ 10 हजार मिला है। गांव चिंदड़ के किसानों को अभी तक बीमा क्लेम नहीं मिला है।
- श्रीभगवान, किसान।
--
सरकार कह रही है कि इस महीने के अंत तक सभी किसानों के खातों में पैसा आ जाएगा लेकिन कई किसानों को अभी तक क्लेम नहीं मिला है। बीमा कंपनियों को पारदर्शिता रखनी चाहिए, तभी किसानों का भरोसा बनेगा।
- कृष्ण कुमार, किसान।
-- -- -- -
:: पिछले कई दिनों से किसानों के खातों में खरीफ फसल का बीमा क्लेम डालना शुरू किया गया है। उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष तक सभी पात्र किसानों को राशि जारी हो जाएगी।
- डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।
Trending Videos
कृषि विभाग के अनुसार और बीमा कंपनी के फील्ड कर्मचारी सागर ने बताया कि भुगतान की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग का लक्ष्य है कि इस माह के अंत तक सभी पात्र किसानों के खातों में उनके नुकसान की भरपाई की राशि पहुंचा दी जाए। खरीफ सीजन में ओलावृष्टि, जलभराव और बेमौसम बारिश के कारण फसलों को नुकसान हुआ था, जिसका सर्वे करने के बाद अब यह राशि जारी की गई है। दूसरी तरफ राशि का सामान वितरण नहीं होने के कारण किसान इससे असंतुष्ट हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्लेम की राशि में अंतर से किसान परेशान
बीमा राशि का वितरण शुरू होते ही जिला मुख्यालय और कृषि कार्यालयों में किसान पहुंचने शुरू हो गए हैं। हालांकि अभी राशि खातों में आ रही है लेकिन इसके वितरण के पैमाने पर किसानों में असमंजस और असंतोष की स्थिति बनी हुई है। जहां जिले के कुछ किसानों को नुकसान के आधार पर 20 हजार रुपये प्रति एकड़ तक का मुआवजा मिला है वहीं कुछ किसानों के खातों में महज 10 हजार रुपये प्रति एकड़ या उससे भी कम की राशि पहुंची है। वहीं जिले के कई किसानों के खातों में अभी तक बीमा क्लेम नहीं डाला गया है।
बीमा कंपनियों पर गड़बड़ी के आरोप
बीमा राशि के इस असमान वितरण से असंतुष्ट किसानों ने नाराजगी जाहिर की है। किसानों का आरोप है कि बीमा कंपनियां और सर्वे टीमें साठगांठ कर गड़बड़ी कर रही हैं। किसान अमित, तेजपाल, भूप सिंह और राय सिंह आदि का कहना है कि उनकी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी लेकिन हमें पड़ोसी किसान के मुकाबले आधा मुआवजा ही मिला है। सर्वे के दौरान नुकसान का आकलन सही ढंग से नहीं किया गया जिस कारण आज हमें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
मेरी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। लेकिन मुझे इसका अभी तक बीमा क्लेम नहीं मिला है। सरकार और बीमा कंपनी को सही आकलन करके किसानों को पूरा बीमा देना चाहिए। खाते में बीमा क्लेम की राशि आनी शुरू हो गई है, लेकिन मुझे एक पैसा भी नहीं मिला है।
-राम सिंह, किसान।
फसल खराब होने से काफी नुकसान हुआ था। अब खाते में पैसा आना शुरू हुआ है तो थोड़ी राहत मिली है लेकिन सभी किसानों को एक समान और सही हिसाब से क्लेम मिलना चाहिए। बीमा कंपनियां कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर किसानों को लूट रही हैं।
- विष्णुदत्त, किसान।
गांव में कई किसानों को अलग-अलग बीमा क्लेम की राशि मिली है। किसी को 20 हजार रुपये प्रति एकड़ और किसी को सिर्फ 10 हजार मिला है। गांव चिंदड़ के किसानों को अभी तक बीमा क्लेम नहीं मिला है।
- श्रीभगवान, किसान।
सरकार कह रही है कि इस महीने के अंत तक सभी किसानों के खातों में पैसा आ जाएगा लेकिन कई किसानों को अभी तक क्लेम नहीं मिला है। बीमा कंपनियों को पारदर्शिता रखनी चाहिए, तभी किसानों का भरोसा बनेगा।
- कृष्ण कुमार, किसान।
:: पिछले कई दिनों से किसानों के खातों में खरीफ फसल का बीमा क्लेम डालना शुरू किया गया है। उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष तक सभी पात्र किसानों को राशि जारी हो जाएगी।
- डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।