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Hisar News: एचएसवीपी ने ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के प्लॉटों के लाॅस की भरपाई सामान्य प्लॉटधारकों से की, अब करवा दी ऑनलाइन
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हिसार। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सेक्टर 3-5 व 4 पार्ट टू की अलॉटमेंट के समय ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के प्लॉटों के लाॅस की भरपाई सामान्य प्लॉटधारकों से की। बाद में एचएसवीपी ने ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के प्लॉटों की ऑनलाइन बोली करवा दी। अब सेक्टरवासियों ने एचएसवीपी से ब्याज सहित वह राशि लौटाने की मांग की है। सेक्टर रेजिडेंट सोसायटी की तरफ से इस बारे में मुख्यमंत्री व एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक को पत्र भी लिखा है।
पत्र में सेक्टर रेजिडेंट सोसायटी सेक्टर 3-5 व 4 पार्ट टू के प्रधान इंजीनियर बलवंत सिंह बूरा ने कहा कि आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना से पता चला है कि ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के प्लाॅटों का प्रावधान करने पर हुए लॉस की भरपाई के लिए आवेदन पत्र में सामान्य कैटेगरी के प्लॉटों के रेट 486 रुपये प्रति गज बढ़ाकर दिखाए थे। विभाग ने साढ़े 14 एकड़ जमीन ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए रिजर्व रखी थी। मगर इसके बाद इसकी जमीन क ऑनलाइन बोली करवा दी गई और फिलहाल सेक्टर 3-5 व 4 पार्ट टू में ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए जमीन नहीं है। प्रधान का कहना है कि उक्त जमीन बेचने के बाद भी विभाग ने प्लॉटधारकों से ली गई अतिरिक्त राशि नहीं लौटाई।
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तारबंदी व गांव को विकसित करने के नाम भी वसूली अतिरिक्त राशि
प्रधान ने बताया कि आरटीआई से मिली सूचना के अनुसार विभाग ने अधिग्रहण की गई जमीन की तारबंदी के नाम और गांव विकसित करने के नाम पर जमीन के कीमत की 0.50 प्रतिशत और 0.250 प्रतिशत अतिरिक्त राशि ली गई। हकीकत यह है कि सेक्टर के पहले मौके पर कोई गांव नहीं था। इसके अलावा भी विभाग ने कई तरह से चार्ज प्लॉटधारकों से वसूले हैं, जिनकी जरूरत नहीं थी। यही नहीं विभाग ने इस राशि पर भी अत्याधिक ब्याज लगाकर वसूला। मगर अब इस इस राशि को ब्याज सहित लौटाने की देनदारी बनती है।
पत्र में सेक्टर रेजिडेंट सोसायटी सेक्टर 3-5 व 4 पार्ट टू के प्रधान इंजीनियर बलवंत सिंह बूरा ने कहा कि आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना से पता चला है कि ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के प्लाॅटों का प्रावधान करने पर हुए लॉस की भरपाई के लिए आवेदन पत्र में सामान्य कैटेगरी के प्लॉटों के रेट 486 रुपये प्रति गज बढ़ाकर दिखाए थे। विभाग ने साढ़े 14 एकड़ जमीन ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए रिजर्व रखी थी। मगर इसके बाद इसकी जमीन क ऑनलाइन बोली करवा दी गई और फिलहाल सेक्टर 3-5 व 4 पार्ट टू में ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए जमीन नहीं है। प्रधान का कहना है कि उक्त जमीन बेचने के बाद भी विभाग ने प्लॉटधारकों से ली गई अतिरिक्त राशि नहीं लौटाई।
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तारबंदी व गांव को विकसित करने के नाम भी वसूली अतिरिक्त राशि
प्रधान ने बताया कि आरटीआई से मिली सूचना के अनुसार विभाग ने अधिग्रहण की गई जमीन की तारबंदी के नाम और गांव विकसित करने के नाम पर जमीन के कीमत की 0.50 प्रतिशत और 0.250 प्रतिशत अतिरिक्त राशि ली गई। हकीकत यह है कि सेक्टर के पहले मौके पर कोई गांव नहीं था। इसके अलावा भी विभाग ने कई तरह से चार्ज प्लॉटधारकों से वसूले हैं, जिनकी जरूरत नहीं थी। यही नहीं विभाग ने इस राशि पर भी अत्याधिक ब्याज लगाकर वसूला। मगर अब इस इस राशि को ब्याज सहित लौटाने की देनदारी बनती है।