{"_id":"6ae4e505f9aa1c5b1c0c8bc4","slug":"kaleem-an-accused-in-the-embezzlement-of-yarn-worth-rs-142-crore-from-dcm-textiles-arrested-in-up-hisar-news-c-21-hsr1020-984178-2026-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: डीसीएम टैक्सटाइल्स के 1.42 करोड़ के धागा गबन में आरोपी कलीम यूपी से गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: डीसीएम टैक्सटाइल्स के 1.42 करोड़ के धागा गबन में आरोपी कलीम यूपी से गिरफ्तार
विज्ञापन
हिसार। डीसीएम टैक्सटाइल्स मिल से 1.42 करोड़ रुपये के धागे के गबन के मामले में सीआईए की टीम ने आरोपी कलीम अहमद को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के गांव नहटौर से गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर गोदाम से 215 कट्टों में भरा 10,857 किलो धागा बरामद हुआ है। कंपनी ने यह धागा चीन और बांग्लादेश निर्यात के लिए भेजा था लेकिन दोनों कंटेनरों में माल की जगह बजरी-कंकड़ मिले थे।
डीएसपी कमलजीत की अध्यक्षता में गठित एसआईटी के अनुसार कंपनी ने 13 अगस्त को चीन भेजने के लिए 23,668.92 किलो धागा कंटेनर में लोड कर गढ़ी हरसरू (गुरुग्राम) भेजा था। इसकी कीमत करीब 71.24 लाख रुपये थी। कस्टम विभाग की सील लगने के बाद रवाना किए गए कंटेनर की जांच हुई तो उसमें धागे की जगह बजरी-कंकड़ मिले।
इसी तरह 19 अगस्त को बांग्लादेश भेजने के लिए 23,668.92 किलो धागे के 473 कार्टून कंटेनर में लोड किए गए थे। इनकी कीमत करीब 71.01 लाख रुपये थी। कंटेनर पर कस्टम विभाग की सील लगाकर उसे रवाना किया गया। बाद में बांग्लादेशी ग्राहक ने ई-मेल से सूचना दी कि कंटेनर में धागे के बजाय बजरी-कंकड़ भरे हैं और सील भी टूटी नहीं है। दोनों घटनाओं में कुल 1.42 करोड़ रुपये से अधिक के धागे का गबन सामने आया।
विज्ञापन
इस मामले में 16 सितंबर को एसआईटी गठित की गई थी। जांच के दौरान कंपनी के दस्तावेज, बिल, माल की मात्रा, कंटेनर और परिवहन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई। पूछताछ के बाद कलीम अहमद को 28 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया। उसने नहटौर स्थित अपने गोदाम में धागा रखे होने की जानकारी दी। 29 अक्तूबर को सीआईए टीम ने उसकी निशानदेही पर धागा बरामद कर लिया।
डीएसपी कमलजीत की अध्यक्षता में गठित एसआईटी के अनुसार कंपनी ने 13 अगस्त को चीन भेजने के लिए 23,668.92 किलो धागा कंटेनर में लोड कर गढ़ी हरसरू (गुरुग्राम) भेजा था। इसकी कीमत करीब 71.24 लाख रुपये थी। कस्टम विभाग की सील लगने के बाद रवाना किए गए कंटेनर की जांच हुई तो उसमें धागे की जगह बजरी-कंकड़ मिले।
इसी तरह 19 अगस्त को बांग्लादेश भेजने के लिए 23,668.92 किलो धागे के 473 कार्टून कंटेनर में लोड किए गए थे। इनकी कीमत करीब 71.01 लाख रुपये थी। कंटेनर पर कस्टम विभाग की सील लगाकर उसे रवाना किया गया। बाद में बांग्लादेशी ग्राहक ने ई-मेल से सूचना दी कि कंटेनर में धागे के बजाय बजरी-कंकड़ भरे हैं और सील भी टूटी नहीं है। दोनों घटनाओं में कुल 1.42 करोड़ रुपये से अधिक के धागे का गबन सामने आया।
इस मामले में 16 सितंबर को एसआईटी गठित की गई थी। जांच के दौरान कंपनी के दस्तावेज, बिल, माल की मात्रा, कंटेनर और परिवहन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई। पूछताछ के बाद कलीम अहमद को 28 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया। उसने नहटौर स्थित अपने गोदाम में धागा रखे होने की जानकारी दी। 29 अक्तूबर को सीआईए टीम ने उसकी निशानदेही पर धागा बरामद कर लिया।
विज्ञापन
डीएसपी कमलजीत की अध्यक्षता में गठित एसआईटी के अनुसार कंपनी ने 13 अगस्त को चीन भेजने के लिए 23,668.92 किलो धागा कंटेनर में लोड कर गढ़ी हरसरू (गुरुग्राम) भेजा था। इसकी कीमत करीब 71.24 लाख रुपये थी। कस्टम विभाग की सील लगने के बाद रवाना किए गए कंटेनर की जांच हुई तो उसमें धागे की जगह बजरी-कंकड़ मिले।
विज्ञापन
इसी तरह 19 अगस्त को बांग्लादेश भेजने के लिए 23,668.92 किलो धागे के 473 कार्टून कंटेनर में लोड किए गए थे। इनकी कीमत करीब 71.01 लाख रुपये थी। कंटेनर पर कस्टम विभाग की सील लगाकर उसे रवाना किया गया। बाद में बांग्लादेशी ग्राहक ने ई-मेल से सूचना दी कि कंटेनर में धागे के बजाय बजरी-कंकड़ भरे हैं और सील भी टूटी नहीं है। दोनों घटनाओं में कुल 1.42 करोड़ रुपये से अधिक के धागे का गबन सामने आया।
विज्ञापन
इस मामले में 16 सितंबर को एसआईटी गठित की गई थी। जांच के दौरान कंपनी के दस्तावेज, बिल, माल की मात्रा, कंटेनर और परिवहन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई। पूछताछ के बाद कलीम अहमद को 28 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया। उसने नहटौर स्थित अपने गोदाम में धागा रखे होने की जानकारी दी। 29 अक्तूबर को सीआईए टीम ने उसकी निशानदेही पर धागा बरामद कर लिया।
डीएसपी कमलजीत की अध्यक्षता में गठित एसआईटी के अनुसार कंपनी ने 13 अगस्त को चीन भेजने के लिए 23,668.92 किलो धागा कंटेनर में लोड कर गढ़ी हरसरू (गुरुग्राम) भेजा था। इसकी कीमत करीब 71.24 लाख रुपये थी। कस्टम विभाग की सील लगने के बाद रवाना किए गए कंटेनर की जांच हुई तो उसमें धागे की जगह बजरी-कंकड़ मिले।
इसी तरह 19 अगस्त को बांग्लादेश भेजने के लिए 23,668.92 किलो धागे के 473 कार्टून कंटेनर में लोड किए गए थे। इनकी कीमत करीब 71.01 लाख रुपये थी। कंटेनर पर कस्टम विभाग की सील लगाकर उसे रवाना किया गया। बाद में बांग्लादेशी ग्राहक ने ई-मेल से सूचना दी कि कंटेनर में धागे के बजाय बजरी-कंकड़ भरे हैं और सील भी टूटी नहीं है। दोनों घटनाओं में कुल 1.42 करोड़ रुपये से अधिक के धागे का गबन सामने आया।
इस मामले में 16 सितंबर को एसआईटी गठित की गई थी। जांच के दौरान कंपनी के दस्तावेज, बिल, माल की मात्रा, कंटेनर और परिवहन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई। पूछताछ के बाद कलीम अहमद को 28 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया। उसने नहटौर स्थित अपने गोदाम में धागा रखे होने की जानकारी दी। 29 अक्तूबर को सीआईए टीम ने उसकी निशानदेही पर धागा बरामद कर लिया।