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Jhajjar-Bahadurgarh News: पीने लायक नहीं है भूजल, 40 सैंपलों में लवण की मात्रा अधिक
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बहादुरगढ़। शहर की करीब 30 प्रतिशत आबादी नहरी पानी की सप्लाई से वंचित है। ऐसे में टैंकरों व कैंपरों के सहारे पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है जिससे उनकी जेब पर असर पड़ रहा है। यहां के भूजल में लवण की मात्रा अधिक है।
इसके साथ ही विद्युत चालकता, क्लोराइड, बाईकार्बोनेट, कैल्शियम व मैग्नीशियम की मात्रा अधिक है। इसके अलावा कई जगह के भूजल में टीडीएस की मात्रा भी ज्यादा है। इस साल अब तक 40 सैंपल लिए जा चुके हैं।
कृषि विभाग के मिट्टी व भूजल जांच शाखा के अनुसार शहर में भूजल की जांच में लवण की मात्रा 10 हजार के आसपास है। इसकी मात्रा 7500 तक होनी चाहिए। यहां के पानी में विद्युत चालकता 6 हजार से ज्यादा है जबकि इसकी मात्रा 0 से 2500 के बीच अच्छी मानी जाती है।
इतना ही नहीं क्लोराइड की मात्रा 1.7 से 2.6 तक पाई गई है जबकि यह 1.3 से 1.5 तक होनी चाहिए। बाईकार्बोनेट की मात्रा 30 तक ठीक है लेकिन बहादुरगढ़ के भूजल में इसकी मात्रा 50 से ज्यादा है। कैल्शियम व मैग्नीशियम की मात्रा भी 50 से ज्यादा है जबकि यह इससे कम होनी चाहिए।
18 सैंपलों में मिली बैक्टीरिया की 50-100 की मात्रा
वहीं जनस्वास्थ्य विभाग ने भी पेयजल सप्लाई के सैंपल लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। पिछले 15 दिन में 135 सैंपल लिए गए हैं जिनमें 18 फेल पाए गए हैं। विभाग का दावा है कि जो सैंपल फेल पाए गए हैं उनमें लोगों की व्यक्तिगत वजह है। जांच करने पर उनके कनेक्शन के पाइप लीकेज की समस्या पाई गई। इन सैंपलों में बैक्टीरिया की मात्रा 50 से 100 तक मिली जो बिल्कुल 0 होनी चाहिए।
वर्सन
बहादुरगढ़ शहर के साथ-साथ उपमंडल के गांवों में भी मिट्टी व भूजल की जांच की जाती है। इस साल अब तक करीब 40 सैंपल लिए गए हैं। जहां-जहां से सैंपल लिए जाते हैं उन्हें रिपोर्ट भेज दी जाती है। यहां के पानी में लवण, विद्युत चालकता आदि की मात्रा काफी अधिक है जो पीने लायक नहीं है।
-- -नरेंद्र सिंह, सॉयल टेस्टिंग अधिकारी, कृषि विभाग, बहादुरगढ़।
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इसके साथ ही विद्युत चालकता, क्लोराइड, बाईकार्बोनेट, कैल्शियम व मैग्नीशियम की मात्रा अधिक है। इसके अलावा कई जगह के भूजल में टीडीएस की मात्रा भी ज्यादा है। इस साल अब तक 40 सैंपल लिए जा चुके हैं।
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कृषि विभाग के मिट्टी व भूजल जांच शाखा के अनुसार शहर में भूजल की जांच में लवण की मात्रा 10 हजार के आसपास है। इसकी मात्रा 7500 तक होनी चाहिए। यहां के पानी में विद्युत चालकता 6 हजार से ज्यादा है जबकि इसकी मात्रा 0 से 2500 के बीच अच्छी मानी जाती है।
इतना ही नहीं क्लोराइड की मात्रा 1.7 से 2.6 तक पाई गई है जबकि यह 1.3 से 1.5 तक होनी चाहिए। बाईकार्बोनेट की मात्रा 30 तक ठीक है लेकिन बहादुरगढ़ के भूजल में इसकी मात्रा 50 से ज्यादा है। कैल्शियम व मैग्नीशियम की मात्रा भी 50 से ज्यादा है जबकि यह इससे कम होनी चाहिए।
18 सैंपलों में मिली बैक्टीरिया की 50-100 की मात्रा
वहीं जनस्वास्थ्य विभाग ने भी पेयजल सप्लाई के सैंपल लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। पिछले 15 दिन में 135 सैंपल लिए गए हैं जिनमें 18 फेल पाए गए हैं। विभाग का दावा है कि जो सैंपल फेल पाए गए हैं उनमें लोगों की व्यक्तिगत वजह है। जांच करने पर उनके कनेक्शन के पाइप लीकेज की समस्या पाई गई। इन सैंपलों में बैक्टीरिया की मात्रा 50 से 100 तक मिली जो बिल्कुल 0 होनी चाहिए।
वर्सन
बहादुरगढ़ शहर के साथ-साथ उपमंडल के गांवों में भी मिट्टी व भूजल की जांच की जाती है। इस साल अब तक करीब 40 सैंपल लिए गए हैं। जहां-जहां से सैंपल लिए जाते हैं उन्हें रिपोर्ट भेज दी जाती है। यहां के पानी में लवण, विद्युत चालकता आदि की मात्रा काफी अधिक है जो पीने लायक नहीं है।