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Kaithal News: ग्रुप डी कर्मचारी ने पुलिस अधिकारी बनकर नौकरी का दिया झांसा, युवती से 15,700 रुपये ठगे
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कैथल। कैथल में पुलिस लाइन के एक ग्रुप-डी कर्मचारी ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर युवती से नौकरी दिलाने के नाम पर 15, 700 रुपये ठग लिए। आरोपी ने युवती को पुलिस विभाग में डीसी रेट पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया और अलग-अलग बहानों से पैसे ऐंठ लिए। इतना ही नहीं उसने युवती की जॉइनिंग के बाद हर महीने वेतन में से पांच हजार रुपये देने की शर्त भी रखी।
परिचित होने का उठाया फायदा
गांव सजूमा निवासी कोमल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने 12वीं के साथ नर्सिंग केयर का डिप्लोमा किया है। जींद जिले के गांव बड़ौदा निवासी बलिंद्र उनके गांव में काफी समय से रह रहा था और परिवार में उसका आना-जाना था। उसने स्वयं को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उसकी तैनाती कैथल पुलिस लाइन में है। शिकायत के अनुसार आरोपी ने डीसी रेट पर पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर पहले फॉर्म भरने के लिए 2700 रुपये लिए। इसके बाद तीन हजार रुपये, फिर पुलिस वर्दी के नाम पर पांच हजार रुपये और वर्दी की सिलाई के लिए तीन हजार रुपये भी ले लिए। आरोपी ने कहा कि शेष रुपये नौकरी लगने के बाद दे देना।
कोमल का आरोप है कि बलिंद्र ने यह भी कहा कि नौकरी मिलने के बाद उसे हर महीने वेतन में से पांच हजार रुपये देने होंगे। 16 जुलाई को जब वह पुलिस लाइन पहुंची तो वहां जानकारी मिली कि बलिंद्र कोई अधिकारी नहीं बल्कि वाटर कैरियर (ग्रुप-डी कर्मचारी) है और फिलहाल ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा है। इसके बाद उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला।
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पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
कलायत थाना प्रभारी अमन ने बताया कि युवती की शिकायत पर आरोपी बलिंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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परिचित होने का उठाया फायदा
गांव सजूमा निवासी कोमल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने 12वीं के साथ नर्सिंग केयर का डिप्लोमा किया है। जींद जिले के गांव बड़ौदा निवासी बलिंद्र उनके गांव में काफी समय से रह रहा था और परिवार में उसका आना-जाना था। उसने स्वयं को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उसकी तैनाती कैथल पुलिस लाइन में है। शिकायत के अनुसार आरोपी ने डीसी रेट पर पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर पहले फॉर्म भरने के लिए 2700 रुपये लिए। इसके बाद तीन हजार रुपये, फिर पुलिस वर्दी के नाम पर पांच हजार रुपये और वर्दी की सिलाई के लिए तीन हजार रुपये भी ले लिए। आरोपी ने कहा कि शेष रुपये नौकरी लगने के बाद दे देना।
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कोमल का आरोप है कि बलिंद्र ने यह भी कहा कि नौकरी मिलने के बाद उसे हर महीने वेतन में से पांच हजार रुपये देने होंगे। 16 जुलाई को जब वह पुलिस लाइन पहुंची तो वहां जानकारी मिली कि बलिंद्र कोई अधिकारी नहीं बल्कि वाटर कैरियर (ग्रुप-डी कर्मचारी) है और फिलहाल ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा है। इसके बाद उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला।
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पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
कलायत थाना प्रभारी अमन ने बताया कि युवती की शिकायत पर आरोपी बलिंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।