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Karnal News: घरेलू सिलिंडर की आंच पर जल रहा व्यावसायिक चूल्हा
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सेक्टर 12 के ढाबे पर रखा सिलिंडर संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में घरेलू गैस सिलिंडरों का होटल, मोटल, रेस्तरां, फास्टफूड स्टॉल और ढाबों पर धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। प्रशासन की एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई कागजों तक सीमित है। घरेलू गैस सिलिंडरों की खपत व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने के बाद से काफी बढ़ गई है। पहले जहां करीब 6000 घरेलू गैस सिलिंडरों की खपत होती थी वहीं अब रोजाना 9500 की खपत हो रही है। ऐसे में माना यह जा रहा है कि करीब 3500 घरेलू गैस सिलिंडर का व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है।
पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते सरकार के नए नियमों के मुताबिक होटल, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद कर दी गई है। पिछले कुछ दिनों में 20 फीसदी आपूर्ति शुरू की गई है लेकिन यह व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए नहीं है। अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और आवश्यक प्रतिष्ठानों को ही इन सिलिंडर की आपूर्ति प्राथमिकता है।
बावजूद शहर के कई प्रमुख बाजारों और हाईवे किनारे स्थित ढाबे संचालित हैं। यहां घरेलू सिलिंडर खुलेआम उपयोग हो रहा है। जीटी रोड से लगते तकरीबन सभी बड़े प्रतिष्ठानों, होटल, ढाबों पर घरेलू सिलिंडर चल रहे हैं। शहर के अंदर भी सभी मार्केट में फास्टफूड और ढाबा संचालक घरेलू गैस सिलिंडरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुंजपुरा रोड हो या सेक्टर 12 या 13 की मार्केट, प्रतिष्ठानों पर घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल हो रहा है।
प्रशासन का दावा है कि शहर में टीमें गठित कर औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि न तो किसी बड़े होटल या ढाबे पर कार्रवाई की गई और न ही कोई बड़ी एफआईआर दर्ज की गई है। कुछ रेहड़ियों पर कार्रवाई कर इतिश्री कर ली जा रही है।
वर्जन-
शहर में नियमित तौर पर टीमें औचक निरीक्षण कर रही हैं। जो भी नियमों की अवहेलना करते पाया गया उस पर सिलिंडर जब्त करने के साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। जिले में गैस की कोई किल्लत नहीं है। घरेलू उपभोक्ता 25 दिन बाद सिलिंडर बुक करवा गैस ले सकते हैं। -मुकेश कुमार, नियंत्रक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग
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करनाल। शहर में घरेलू गैस सिलिंडरों का होटल, मोटल, रेस्तरां, फास्टफूड स्टॉल और ढाबों पर धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। प्रशासन की एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई कागजों तक सीमित है। घरेलू गैस सिलिंडरों की खपत व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने के बाद से काफी बढ़ गई है। पहले जहां करीब 6000 घरेलू गैस सिलिंडरों की खपत होती थी वहीं अब रोजाना 9500 की खपत हो रही है। ऐसे में माना यह जा रहा है कि करीब 3500 घरेलू गैस सिलिंडर का व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है।
पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते सरकार के नए नियमों के मुताबिक होटल, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद कर दी गई है। पिछले कुछ दिनों में 20 फीसदी आपूर्ति शुरू की गई है लेकिन यह व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए नहीं है। अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और आवश्यक प्रतिष्ठानों को ही इन सिलिंडर की आपूर्ति प्राथमिकता है।
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बावजूद शहर के कई प्रमुख बाजारों और हाईवे किनारे स्थित ढाबे संचालित हैं। यहां घरेलू सिलिंडर खुलेआम उपयोग हो रहा है। जीटी रोड से लगते तकरीबन सभी बड़े प्रतिष्ठानों, होटल, ढाबों पर घरेलू सिलिंडर चल रहे हैं। शहर के अंदर भी सभी मार्केट में फास्टफूड और ढाबा संचालक घरेलू गैस सिलिंडरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुंजपुरा रोड हो या सेक्टर 12 या 13 की मार्केट, प्रतिष्ठानों पर घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल हो रहा है।
प्रशासन का दावा है कि शहर में टीमें गठित कर औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि न तो किसी बड़े होटल या ढाबे पर कार्रवाई की गई और न ही कोई बड़ी एफआईआर दर्ज की गई है। कुछ रेहड़ियों पर कार्रवाई कर इतिश्री कर ली जा रही है।
वर्जन-
शहर में नियमित तौर पर टीमें औचक निरीक्षण कर रही हैं। जो भी नियमों की अवहेलना करते पाया गया उस पर सिलिंडर जब्त करने के साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। जिले में गैस की कोई किल्लत नहीं है। घरेलू उपभोक्ता 25 दिन बाद सिलिंडर बुक करवा गैस ले सकते हैं। -मुकेश कुमार, नियंत्रक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग