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Karnal News: निगम ने बनाया प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का रिकॉर्ड, 29 करोड़ पार
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निगम ने बनाया प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का रिकॉर्ड, 29 करोड़ पार
- 31 मार्च से पहले भुगतान की अपील, इसके बाद लगेगा ब्याज
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल।
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 29 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटा ली है। निगम का निर्धारित लक्ष्य 27 करोड़ रुपये था जिसे पार कर यह उपलब्धि हासिल की गई।
मेयर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि शहर वासियों ने अपेक्षा से अधिक टैक्स जमा कर शहर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने सभी संपत्ति धारकों से अपील की है कि वे 31 मार्च से पहले अपने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान अवश्य कर दें, ताकि 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और अन्य पेनल्टी से बचा जा सके।
निगम ने खोले 6 काउंटर -
नगर निगम प्रशासन ने करदाताओं की सुविधा के लिए भुगतान की व्यवस्था को सरल बनाया है। निगम कार्यालय में प्रतिदिन छह काउंटरों पर टैक्स जमा किया जा सकता है, वहीं ऑनलाइन माध्यम से भी राज्य सरकार के पोर्टल के जरिए भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते टैक्स जमा करने से उपभोक्ताओं को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलती है।
मेयर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर ब्याज माफी योजना लागू करने की घोषणा की जा चुकी है और इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जल्द जारी होने की संभावना है। इस योजना के लागू होने के बाद हजारों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
बड़े डिफॉल्टरों पर सख्ती शुरू-
नगर निगम ने बकाया वसूली अभियान को तेज करते हुए बड़े डिफॉल्टरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। ऐसे उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और समय पर भुगतान नहीं करने पर उनकी संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।
धर्मार्थ संस्थाओं को मिलेगी राहत-
प्रावधानों के तहत धार्मिक स्थल, धर्मशालाएं, अनाथालय तथा चैरिटेबल संस्थान निर्धारित शर्तों के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स में छूट के पात्र हैं। अगर संपत्ति का उपयोग पूरी तरह धर्मार्थ कार्यों के लिए हो रहा है और उसमें कोई व्यावसायिक गतिविधि शामिल नहीं है तो पूर्ण छूट दी जाती है।
मेयर ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले अपना बकाया कर जमा कर सरकार की संभावित राहत योजनाओं का लाभ उठाएं और भविष्य की किसी भी आर्थिक या कानूनी परेशानी से बचें।
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- 31 मार्च से पहले भुगतान की अपील, इसके बाद लगेगा ब्याज
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करनाल।
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 29 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटा ली है। निगम का निर्धारित लक्ष्य 27 करोड़ रुपये था जिसे पार कर यह उपलब्धि हासिल की गई।
मेयर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि शहर वासियों ने अपेक्षा से अधिक टैक्स जमा कर शहर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने सभी संपत्ति धारकों से अपील की है कि वे 31 मार्च से पहले अपने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान अवश्य कर दें, ताकि 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और अन्य पेनल्टी से बचा जा सके।
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निगम ने खोले 6 काउंटर -
नगर निगम प्रशासन ने करदाताओं की सुविधा के लिए भुगतान की व्यवस्था को सरल बनाया है। निगम कार्यालय में प्रतिदिन छह काउंटरों पर टैक्स जमा किया जा सकता है, वहीं ऑनलाइन माध्यम से भी राज्य सरकार के पोर्टल के जरिए भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते टैक्स जमा करने से उपभोक्ताओं को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलती है।
मेयर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर ब्याज माफी योजना लागू करने की घोषणा की जा चुकी है और इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जल्द जारी होने की संभावना है। इस योजना के लागू होने के बाद हजारों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
बड़े डिफॉल्टरों पर सख्ती शुरू-
नगर निगम ने बकाया वसूली अभियान को तेज करते हुए बड़े डिफॉल्टरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। ऐसे उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और समय पर भुगतान नहीं करने पर उनकी संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।
धर्मार्थ संस्थाओं को मिलेगी राहत-
प्रावधानों के तहत धार्मिक स्थल, धर्मशालाएं, अनाथालय तथा चैरिटेबल संस्थान निर्धारित शर्तों के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स में छूट के पात्र हैं। अगर संपत्ति का उपयोग पूरी तरह धर्मार्थ कार्यों के लिए हो रहा है और उसमें कोई व्यावसायिक गतिविधि शामिल नहीं है तो पूर्ण छूट दी जाती है।
मेयर ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले अपना बकाया कर जमा कर सरकार की संभावित राहत योजनाओं का लाभ उठाएं और भविष्य की किसी भी आर्थिक या कानूनी परेशानी से बचें।