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Karnal News: प्रेमी के साथ मिलकर की थी पति की हत्या, दोनों को उम्रकैद
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 01 Apr 2026 12:23 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार शर्मा की अदालत ने काछवा निवासी सूरजभान की 7 मई, 2021 को हुई हत्या के मामले में उसकी पत्नी रानी उर्फ कुलदीप और पत्नी के प्रेमी सलिंद्र को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 66 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना न चुकाने की सूरत में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मृतक की पत्नी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए सदर थाना में पति की गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। पुलिस सूरजभान का शव बरामद नहीं कर सकी।
अदालत में मुकदमे की पैरवी कर रहे उप जिला न्यायवादी सचिन कुमार ने बताया कि काछवा वासी रानी ने 8 मई को सदर थाना करनाल में अपने पति सूरजभान की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। महिला ने बताया था कि उसका पति सुबह 6:30 बजे किसी अन्य व्यक्ति के साथ चला गया था। उसने बाइक की आवाज तो सुनी थी लेकिन जानकारी नहीं मिल पाई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करके सूरजभान को खोजबीन की लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
मामले में शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन की काॅल डिटेल भी निकलवाई गई। इसमें पता लगा कि महिला की लगातार गांव के ही सलिंद्र उर्फ रिन्ना से बात हो रही है। इससे पुलिस को उसकी पत्नी और सलिंद्र पर संदेह हुआ। पुलिस ने सूरजभान के परिवार के लोगों को जांच में शामिल किया। परिजन ने बताया कि महिला का उनके गांव के ही सलिंद्र के साथ प्रेम प्रसंग है। परिवार ने शक जताया कि दोनों ने मिलकर सूरजभान की हत्या की है। पुलिस ने जांच की तो दोनों घर नहीं मिले। सदर थाना पुलिस ने 14 मई, 2021 को गांव के ही एक व्यक्ति ने आरोपी महिला रानी को पुलिस के समक्ष पेश किया। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया और मामले में हत्या सहित अन्य संबंधित धाराएं जोड़ दीं।
ईंटें बांधकर नहर में फेंक दिया था शव
अदालत में पेश करके दो दिन का रिमांड लिया गया। महिला ने कई जिलों में सूरजभान के शव की तलाश करवाई। शव बरामद नहीं हो सका। 16 मई, 2021 को महिला को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 19 मई को वारदात में शामिल दूसरे सलिंद्र को गिरफ्तार किया गया। 20 मई को अदालत में पेश किया। आरोपी का रिमांड लिया गया। रिमांड के दाैरान उसने भी कबूल किया कि उसने रानी के साथ मिलकर सूरजभान की हत्या की है। इसके बाद शव को को टाटा मैजिक गाड़ी में डालकर काछवा से चमारखेड़ा के पास नहर के पुल से शव पर ईंटें बांधकर एसवाईएल नहर में फेंक दिया था। दोनों उसी गाड़ी में कुड़क गांव से होते हुए वापस अपने गांव पहुंचे थे।
पुलिस ने आरोपी सलिंद्र के मोबाइल फोन की लोकेशन निकलवाई तो उसी जगह की आई। इसी आधार पर पुलिस के पास पुख्ता सबूत हो गए। पुलिस ने अदालत में मामले को रखा। मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी सचिन कुमार ने की। इस मामले में 14 गवाहों की गवाही करवाई गई। इसी आधार पर अदालत में दोनों को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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नींद की गोलियां देकर किया था बेहोश
रानी और उसके प्रेमी ने पुलिस की पूछताछ में कबूल किया कि उन्होंने साजिश के तहत पहले सूरजभान को खाने में नींद की गोलियां दी थी। इसके बाद बेहोशी की हालत में कपड़े से गला घोंटकर हत्या की। सबूत मिटाने के लिए शव के साथ ईंट बांधकर नहर में फेंक दिया था। मुकदमें के दौरान दोषी रानी ने अपने तीन बच्चों का हवाला देते हुए खुद को परिवार की एकमात्र सहारा बताया। सलिंद्र ने बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी का जिक्र कर नरमी की मांग की। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि दोषियों ने एक व्यक्ति की कीमती जान ली है, इसलिए उन्हें कड़ी सजा मिलना जरूरी है लेकिन यह मामला फांसी योग्य नहीं है।
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करनाल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार शर्मा की अदालत ने काछवा निवासी सूरजभान की 7 मई, 2021 को हुई हत्या के मामले में उसकी पत्नी रानी उर्फ कुलदीप और पत्नी के प्रेमी सलिंद्र को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 66 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना न चुकाने की सूरत में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मृतक की पत्नी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए सदर थाना में पति की गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। पुलिस सूरजभान का शव बरामद नहीं कर सकी।
अदालत में मुकदमे की पैरवी कर रहे उप जिला न्यायवादी सचिन कुमार ने बताया कि काछवा वासी रानी ने 8 मई को सदर थाना करनाल में अपने पति सूरजभान की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। महिला ने बताया था कि उसका पति सुबह 6:30 बजे किसी अन्य व्यक्ति के साथ चला गया था। उसने बाइक की आवाज तो सुनी थी लेकिन जानकारी नहीं मिल पाई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करके सूरजभान को खोजबीन की लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
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मामले में शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन की काॅल डिटेल भी निकलवाई गई। इसमें पता लगा कि महिला की लगातार गांव के ही सलिंद्र उर्फ रिन्ना से बात हो रही है। इससे पुलिस को उसकी पत्नी और सलिंद्र पर संदेह हुआ। पुलिस ने सूरजभान के परिवार के लोगों को जांच में शामिल किया। परिजन ने बताया कि महिला का उनके गांव के ही सलिंद्र के साथ प्रेम प्रसंग है। परिवार ने शक जताया कि दोनों ने मिलकर सूरजभान की हत्या की है। पुलिस ने जांच की तो दोनों घर नहीं मिले। सदर थाना पुलिस ने 14 मई, 2021 को गांव के ही एक व्यक्ति ने आरोपी महिला रानी को पुलिस के समक्ष पेश किया। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया और मामले में हत्या सहित अन्य संबंधित धाराएं जोड़ दीं।
ईंटें बांधकर नहर में फेंक दिया था शव
अदालत में पेश करके दो दिन का रिमांड लिया गया। महिला ने कई जिलों में सूरजभान के शव की तलाश करवाई। शव बरामद नहीं हो सका। 16 मई, 2021 को महिला को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 19 मई को वारदात में शामिल दूसरे सलिंद्र को गिरफ्तार किया गया। 20 मई को अदालत में पेश किया। आरोपी का रिमांड लिया गया। रिमांड के दाैरान उसने भी कबूल किया कि उसने रानी के साथ मिलकर सूरजभान की हत्या की है। इसके बाद शव को को टाटा मैजिक गाड़ी में डालकर काछवा से चमारखेड़ा के पास नहर के पुल से शव पर ईंटें बांधकर एसवाईएल नहर में फेंक दिया था। दोनों उसी गाड़ी में कुड़क गांव से होते हुए वापस अपने गांव पहुंचे थे।
पुलिस ने आरोपी सलिंद्र के मोबाइल फोन की लोकेशन निकलवाई तो उसी जगह की आई। इसी आधार पर पुलिस के पास पुख्ता सबूत हो गए। पुलिस ने अदालत में मामले को रखा। मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी सचिन कुमार ने की। इस मामले में 14 गवाहों की गवाही करवाई गई। इसी आधार पर अदालत में दोनों को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
नींद की गोलियां देकर किया था बेहोश
रानी और उसके प्रेमी ने पुलिस की पूछताछ में कबूल किया कि उन्होंने साजिश के तहत पहले सूरजभान को खाने में नींद की गोलियां दी थी। इसके बाद बेहोशी की हालत में कपड़े से गला घोंटकर हत्या की। सबूत मिटाने के लिए शव के साथ ईंट बांधकर नहर में फेंक दिया था। मुकदमें के दौरान दोषी रानी ने अपने तीन बच्चों का हवाला देते हुए खुद को परिवार की एकमात्र सहारा बताया। सलिंद्र ने बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी का जिक्र कर नरमी की मांग की। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि दोषियों ने एक व्यक्ति की कीमती जान ली है, इसलिए उन्हें कड़ी सजा मिलना जरूरी है लेकिन यह मामला फांसी योग्य नहीं है।