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विद्या ऐसा धन है, जो बांटने से बढ़ता है: प्रताप शास्त्री
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महेंद्रगढ़। शिक्षाविद् एवं साहित्यकार प्रताप सिंह शास्त्री ने कहा कि विद्या ऐसा धन है जो बांटने से बढ़ता है है। शिक्षक और विद्यार्थियों को इसे पूरी ईमानदारी, लगन और निष्ठा के साथ निभाना चाहिए। वे छात्र जागृति अभियान के तहत गांव मालड़ा बास के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
शास्त्री ने कहा कि विद्या ऐसा धन है, जो खर्च करने से कम नहीं होता, बल्कि बांटने पर और बढ़ता है। विद्यार्थियों को इसे हासिल करने में आलस्य और लापरवाही नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य बनाने का सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस दौरान की गई मेहनत आगे चलकर जीवन को सुखद और उज्ज्वल बनाती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को आलस्य और प्रमाद से दूर रहने की सलाह दी। शास्त्री ने कहा कि लापरवाही व्यक्ति को कमजोर और अयोग्य बना सकती है। इसलिए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति हमेशा गंभीर रहना चाहिए।
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विद्यालय प्राचार्य ओमकुमार ने शास्त्री का आभार जताते हुए विद्यार्थियों से उनके विचारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा को भी दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर सुशीला यादव, भुवनेश गौतम, राजेश, ललित कुमार, राजीव यादव, अशोक कुमार, आरती शर्मा, कर्ण सिंह, रमेश कुमार, विजय कुमार, अजीत सिंह, राधेश्याम, सत्यवीर सिंह, सुधीर और बलवंत सहित विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।
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शास्त्री ने कहा कि विद्या ऐसा धन है, जो खर्च करने से कम नहीं होता, बल्कि बांटने पर और बढ़ता है। विद्यार्थियों को इसे हासिल करने में आलस्य और लापरवाही नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य बनाने का सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस दौरान की गई मेहनत आगे चलकर जीवन को सुखद और उज्ज्वल बनाती है।
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उन्होंने विद्यार्थियों को आलस्य और प्रमाद से दूर रहने की सलाह दी। शास्त्री ने कहा कि लापरवाही व्यक्ति को कमजोर और अयोग्य बना सकती है। इसलिए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति हमेशा गंभीर रहना चाहिए।
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विद्यालय प्राचार्य ओमकुमार ने शास्त्री का आभार जताते हुए विद्यार्थियों से उनके विचारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा को भी दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर सुशीला यादव, भुवनेश गौतम, राजेश, ललित कुमार, राजीव यादव, अशोक कुमार, आरती शर्मा, कर्ण सिंह, रमेश कुमार, विजय कुमार, अजीत सिंह, राधेश्याम, सत्यवीर सिंह, सुधीर और बलवंत सहित विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।