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Mahendragarh-Narnaul News: स्कूल सुधार की कमान अब अभिभावकों के हाथों में
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फोटो नंबर-15 मुख्यमंत्री से संवाद करते मॉडल संस्कृति स्कूल नारनौल प्रबंधन समिति के सदस्य
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नारनौल/महेंद्रगढ़। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने रविवार को प्रदेशभर की स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के सदस्यों से वर्चुअल संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षक, अभिभावक और एसएमसी का सहयोग बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन समितियों, अभिभावकों और शिक्षकों की भागीदारी से ही सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने सभी से मिलकर सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने का आह्वान किया। जिले का मुख्य कार्यक्रम नारनौल स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित हुआ। वहीं महेंद्रगढ़ में राजकीय माध्यमिक विद्यालय सिसोठ में हुआ।
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कार्यक्रम में जिले के कई सरकारी विद्यालयों की एसएमसी ने भाग लिया। तकनीकी कारणों से जहां सीधा प्रसारण नहीं हो पाया, वहां शिक्षा विभाग ने यूट्यूब लिंक के माध्यम से सदस्यों को कार्यक्रम से जोड़ा।
मुख्यमंत्री ने स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य हेमंत चौबे से बातचीत की। हेमंत चौबे ने विद्यालय की व्यवस्थाओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने स्कूल परिसर में आधुनिक सभागार बनाने, सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था करने और बिजली कटौती के समय विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जनरेटर उपलब्ध कराने की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी।
हेमंत चौबे ने बताया कि सरकारी स्कूलों में परिवहन सुविधा शुरू होने से विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कक्षा 9वीं से 12वीं तक विद्यार्थियों को मिल्क प्रोटीन देने, खाली पदों को भरने और स्कूल भवनों के सुधार के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विश्वेश्वर कौशिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी पवन भारद्वाज, दिलबाग सिंह और कर्ण सिंह यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन समितियों, अभिभावकों और शिक्षकों की भागीदारी से ही सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
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उन्होंने सभी से मिलकर सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने का आह्वान किया। जिले का मुख्य कार्यक्रम नारनौल स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित हुआ। वहीं महेंद्रगढ़ में राजकीय माध्यमिक विद्यालय सिसोठ में हुआ।
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कार्यक्रम में जिले के कई सरकारी विद्यालयों की एसएमसी ने भाग लिया। तकनीकी कारणों से जहां सीधा प्रसारण नहीं हो पाया, वहां शिक्षा विभाग ने यूट्यूब लिंक के माध्यम से सदस्यों को कार्यक्रम से जोड़ा।
मुख्यमंत्री ने स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य हेमंत चौबे से बातचीत की। हेमंत चौबे ने विद्यालय की व्यवस्थाओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने स्कूल परिसर में आधुनिक सभागार बनाने, सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था करने और बिजली कटौती के समय विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जनरेटर उपलब्ध कराने की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी।
हेमंत चौबे ने बताया कि सरकारी स्कूलों में परिवहन सुविधा शुरू होने से विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कक्षा 9वीं से 12वीं तक विद्यार्थियों को मिल्क प्रोटीन देने, खाली पदों को भरने और स्कूल भवनों के सुधार के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विश्वेश्वर कौशिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी पवन भारद्वाज, दिलबाग सिंह और कर्ण सिंह यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।