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Rohtak News: धान खरीद में एमएसपी से 111 रुपये कम देने का आरोप, दो किसानों ने की शिकायत

Sat, 24 Oct 2026 09:29 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 09:29 PM IST
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below MSP in paddy procurement
जींद। जींद अनाज मंडी में धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद के दौरान प्रति क्विंटल 111 रुपये की कथित कटौती का मामला सामने आया है। दो किसानों ने मार्केट कमेटी सचिव को शिकायत देकर पूरे एमएसपी के भुगतान की मांग की है। किसानों का आरोप है कि धान खरीदने के बदले आढ़ती के मुनीम ने एमएसपी की राशि में से 111 रुपये नकद वापस मांगे।
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गांव सामण पुट्ठी निवासी किसान संदीप ने बताया कि वह 11 अक्तूबर को तीन एकड़ में उगाई गई पीआर धान लेकर जींद अनाज मंडी पहुंचा था। उसकी धान का वजन 70 क्विंटल हुआ। गेट पास कटवाने और तौल करवाने के बाद मुनीम ने उसे एमएसपी से 111 रुपये प्रति क्विंटल कम भुगतान होने की बात कही। आरोप है कि खाते में राशि आने के बाद इतनी रकम नकद वापस देनी होगी। संदीप के अनुसार, धान में नमी की मात्रा भी निर्धारित मानक के अनुसार थी। किसान ने बताया कि कटौती का कारण पूछने पर मुनीम ने खरीद एजेंटों और मिल मालिकों को राशि देने की बात कही। संदीप ने रुपये देने से मना किया तो उसे धान का उठान नहीं होने की बात कही गई। किसान का आरोप है कि शिकायत देने के बाद आढ़ती उससे नाराज हो गया और उसकी शेष पीआर धान खरीदने से भी मना कर दिया। अब उसे दूसरे आढ़ती के पास फसल ले जानी पड़ेगी। गांव ईटल खुर्द निवासी अनिल ने भी 21 अक्तूबर को मार्केट कमेटी सचिव को शिकायत दी थी। उसने आरोप लगाया कि उससे भी 2461 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी में से 111 रुपये नकद वापस मांगे गए। हालांकि, फसल का पंजीकरण नहीं मिलने के कारण उसकी धान की खरीद नहीं हो सकी।
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एक किसान की ढेरी नहीं मिली, दूसरे को पूरा भुगतान दिलाने का दावा

मार्केट कमेटी सचिव संजीव कुमार ने बताया कि दोनों किसानों की शिकायतें मिली थीं। जांच में एक किसान की मंडी में धान की ढेरी नहीं मिली, जबकि संदीप की शिकायत पर आढ़ती से जवाब मांगा गया है। सचिव के अनुसार, आढ़ती ने किसान के खाते में 2461 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से पूरी राशि डलवाने की बात कही है। अभी धान का उठान नहीं हुआ है। उठान के बाद खाते में कम राशि आने पर किसान सबूत दे सकता है। सचिव ने यह भी कहा कि किसान 111 रुपये मांगने के आरोप के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं कर सका है।
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