{"_id":"6aa9b427ba0296fc540d0985","slug":"day-ultimatum-for-compensation-sonipat-news-c-197-1-snp1003-160570-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: मुआवजे के लिए किसानों ने दिया 15 दिन का दिया अल्टीमेटम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: मुआवजे के लिए किसानों ने दिया 15 दिन का दिया अल्टीमेटम
विज्ञापन
फोटो : सोनीपत के गांव रायपुर में मुआवजे की मांग को लेकर दिए धरने पर नारेबाजी करते ग्रामीण। स्रो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सोनीपत। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) रोहतक से जमीन का मुआवजा नहीं मिलने के विरोध में गांव रायपुर में 12 किसान परिवारों ने मंगलवार को दो घंटे सांकेतिक धरना दिया। पूर्व सरपंच पंडित हरनारायण की अध्यक्षता में किसानों ने 11 कनाल पुश्तैनी जमीन पर टेंट लगाकर प्रदर्शन किया। किसानों ने 15 दिन में मुआवजा नहीं मिलने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
पंडित हरनारायण ने बताया कि एलएसी नंबर 125 और 132 के तहत करीब 11 कनाल जमीन का मुआवजा साढ़े तीन साल से लंबित है। किसानों ने प्रशासक, कानूनगो और पटवारी को सात-आठ बार लिखित शिकायत दी, लेकिन समाधान नहीं हुआ। किसानों के अनुसार इसी जमीन से सड़क का निर्माण किया जा चुका है। उन्होंने मांग की कि मुआवजा देने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए।
धरने के दौरान किसानों ने जमीन पर तारबंदी कर दोबारा कब्जा लेने की बात कही। उनका कहना है कि सड़क के साथ बाजरे की फसल पकने को है और रास्ता खुलने पर आवारा पशु फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
विज्ञापन
भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम गौतम और देवेंद्र गौतम ने किसानों की मांग का समर्थन किया। रक्षक सेना के मनजीत तिहाड़ा ने 15 दिन में भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। योगी धर्मवीर और समाज पंचायत के संयोजक एवं व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष संजय सिंगला ने भी मांग को उच्च अधिकारियों और स्थानीय नेतृत्व के समक्ष उठाने की बात कही।
इन किसानों की है जमीन
धरने में पंडित हरनारायण, जयप्रकाश, भयराम, प्रेम गौतम, श्रीपाल, रामरतन, धनीराम, होशियार सिंह, कृष्णा, दर्शना, शांति, सुमन और इंद्रावती सहित अन्य किसान परिवार शामिल रहे।
पंडित हरनारायण ने बताया कि एलएसी नंबर 125 और 132 के तहत करीब 11 कनाल जमीन का मुआवजा साढ़े तीन साल से लंबित है। किसानों ने प्रशासक, कानूनगो और पटवारी को सात-आठ बार लिखित शिकायत दी, लेकिन समाधान नहीं हुआ। किसानों के अनुसार इसी जमीन से सड़क का निर्माण किया जा चुका है। उन्होंने मांग की कि मुआवजा देने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए।
विज्ञापन
धरने के दौरान किसानों ने जमीन पर तारबंदी कर दोबारा कब्जा लेने की बात कही। उनका कहना है कि सड़क के साथ बाजरे की फसल पकने को है और रास्ता खुलने पर आवारा पशु फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
विज्ञापन
भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम गौतम और देवेंद्र गौतम ने किसानों की मांग का समर्थन किया। रक्षक सेना के मनजीत तिहाड़ा ने 15 दिन में भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। योगी धर्मवीर और समाज पंचायत के संयोजक एवं व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष संजय सिंगला ने भी मांग को उच्च अधिकारियों और स्थानीय नेतृत्व के समक्ष उठाने की बात कही।
इन किसानों की है जमीन
धरने में पंडित हरनारायण, जयप्रकाश, भयराम, प्रेम गौतम, श्रीपाल, रामरतन, धनीराम, होशियार सिंह, कृष्णा, दर्शना, शांति, सुमन और इंद्रावती सहित अन्य किसान परिवार शामिल रहे।