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Yamuna Nagar News: बारिश से बुझने लगी चिता तो टिन रख किया अंतिम संस्कार
Wed, 02 Sep 2026 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 02 Sep 2026 01:32 AM IST
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गुलाबनगर के श्मशान घाट में चिता के ऊपर डाला गया टीन का शेड व रखे ड्रम। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम के वार्ड नंबर एक के गांव गुलाब नगर में मंगलवार को एक परिवार को अपने परिजन के अंतिम संस्कार के दौरान अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। चिता को अग्नि देने के कुछ देर बाद ही अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। इससे चिता तक पहुंचा तो आग बुझने लगी। इस पर ग्रामीणों ने टिन से चिता को ढका और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई।
परिजनों ने बताया कि सुखराम करीब छह माह से पैरालाइज थे। दिमाग की नस फटने के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी। मंगलवार सुबह उनकी मौत के बाद परिवार व रिश्तेदार अंतिम संस्कार के लिए गांव के श्मशान घाट पहुंचे। श्मशान घाट परिसर में घास और झाड़ियां उगी हुई थीं। पक्का शेड नहीं होने के कारण खुले में ही चिता तैयार की गई।
जैसे ही चिता को अग्नि दी गई और लोग वहां से हटने लगे, बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते पानी चिता के आसपास जमा होने लगा और आग बुझने लगी। छोटू राम, मंदिर प्रधान पवन कुमार, अशोक कुमार, मुकेश कुमार, कर्ण, मृतक के बेटे दीपक और भाई ओमप्रकाश समेत अन्य लोगों ने बताया कि बारिश के बीच ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने गांव से टीन, लोहे की चादर और अन्य सामान जुटाया। चिता के ऊपर अस्थायी छत बनाकर उसे बारिश से बचाया गया। इस दौरान कई लोग पानी में खड़े रहे और किसी तरह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई।
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पानी में खड़े होकर करना पड़ा संस्कार
ग्रामीण गुरमीत ने कहा कि श्मशान घाट में कोई सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को पानी में खड़े होकर संस्कार करना पड़ा। बारिश से बचने के लिए ग्रामीणों ने स्वयं टिन और शेड की व्यवस्था की। अंतिम यात्रा के पड़ाव पर भी लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए खुद इंतजाम करना पड़ रहा है।
बुनियादी सुविधाओं से वंचित गांव
रिश्तेदार लक्ष्मीचंद ने कहा कि अंतिम संस्कार के दौरान बारिश होने से काफी परेशानी हुई। आज दुनिया चांद तक पहुंच गई है, लेकिन गुलाब नगर का श्मशान घाट अभी भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। आरोप है कि कई बार पार्षद को समस्या से अवगत कराया। हर बार टेंडर लगाने का हवाला दिया गया।
पार्षद बोलीं- 32 लाख से होगा विकास
वार्ड की पार्षद रीना रस्तोगी ने बताया कि श्मशान घाट के विकास का टेंडर लगाया जा चुका है। करीब 32 लाख रुपये की लागत से चारदीवारी और शेड का निर्माण करवाया जाएगा। जल्द ही गुलाब नगर के श्मशान घाट का काम पूरा कराया जाएगा।
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यमुनानगर। नगर निगम के वार्ड नंबर एक के गांव गुलाब नगर में मंगलवार को एक परिवार को अपने परिजन के अंतिम संस्कार के दौरान अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। चिता को अग्नि देने के कुछ देर बाद ही अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। इससे चिता तक पहुंचा तो आग बुझने लगी। इस पर ग्रामीणों ने टिन से चिता को ढका और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई।
परिजनों ने बताया कि सुखराम करीब छह माह से पैरालाइज थे। दिमाग की नस फटने के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी। मंगलवार सुबह उनकी मौत के बाद परिवार व रिश्तेदार अंतिम संस्कार के लिए गांव के श्मशान घाट पहुंचे। श्मशान घाट परिसर में घास और झाड़ियां उगी हुई थीं। पक्का शेड नहीं होने के कारण खुले में ही चिता तैयार की गई।
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जैसे ही चिता को अग्नि दी गई और लोग वहां से हटने लगे, बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते पानी चिता के आसपास जमा होने लगा और आग बुझने लगी। छोटू राम, मंदिर प्रधान पवन कुमार, अशोक कुमार, मुकेश कुमार, कर्ण, मृतक के बेटे दीपक और भाई ओमप्रकाश समेत अन्य लोगों ने बताया कि बारिश के बीच ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने गांव से टीन, लोहे की चादर और अन्य सामान जुटाया। चिता के ऊपर अस्थायी छत बनाकर उसे बारिश से बचाया गया। इस दौरान कई लोग पानी में खड़े रहे और किसी तरह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई।
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पानी में खड़े होकर करना पड़ा संस्कार
ग्रामीण गुरमीत ने कहा कि श्मशान घाट में कोई सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को पानी में खड़े होकर संस्कार करना पड़ा। बारिश से बचने के लिए ग्रामीणों ने स्वयं टिन और शेड की व्यवस्था की। अंतिम यात्रा के पड़ाव पर भी लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए खुद इंतजाम करना पड़ रहा है।
बुनियादी सुविधाओं से वंचित गांव
रिश्तेदार लक्ष्मीचंद ने कहा कि अंतिम संस्कार के दौरान बारिश होने से काफी परेशानी हुई। आज दुनिया चांद तक पहुंच गई है, लेकिन गुलाब नगर का श्मशान घाट अभी भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। आरोप है कि कई बार पार्षद को समस्या से अवगत कराया। हर बार टेंडर लगाने का हवाला दिया गया।
पार्षद बोलीं- 32 लाख से होगा विकास
वार्ड की पार्षद रीना रस्तोगी ने बताया कि श्मशान घाट के विकास का टेंडर लगाया जा चुका है। करीब 32 लाख रुपये की लागत से चारदीवारी और शेड का निर्माण करवाया जाएगा। जल्द ही गुलाब नगर के श्मशान घाट का काम पूरा कराया जाएगा।

गुलाबनगर के श्मशान घाट में चिता के ऊपर डाला गया टीन का शेड व रखे ड्रम। संवाद

गुलाबनगर के श्मशान घाट में चिता के ऊपर डाला गया टीन का शेड व रखे ड्रम। संवाद

गुलाबनगर के श्मशान घाट में चिता के ऊपर डाला गया टीन का शेड व रखे ड्रम। संवाद