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Chamba News: दूसरे दिन भी डोम में खाली रहीं अधिकांश दुकानें
Mon, 27 Jul 2026 11:04 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 27 Jul 2026 11:04 PM IST
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चंबा में मिंजर मेले के दौरान डोम के अंदर खाली पड़ी दुकानें।संवाद
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दुकानों को किराया बढ़ना माना जा रहा कारण, बारिश ने भी रोके कदम
चंबा के ऐतिहासिक चंबा चौगान में चल रहा है अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मिंजर मेले के दूसरे दिन भी डोम में अधिकांश दुकानें खाली नजर आईं। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार स्टॉल के किराये में हुई भारी बढ़ोतरी को इसकी वजह माना जा रहा है।
महंगे स्टॉल और लगातार हो रही बारिश के कारण कई व्यापारियों ने मेले में दुकानें लगाने का फैसला ही बदल दिया। इससे डोम का बड़ा हिस्सा सूना दिखाई दे रहा है।
व्यापारी अनवर शेख, योगेश्वर सिंह, अर्पित कुमार, जाकिर हुसैन और असलम खान ने कहा कि इस बार स्टॉल के किराये में पिछले साल के मुकाबले 20 हजार से 50 हजार रुपये तक बढ़ोतरी की गई है। बढ़े हुए किराये का असर छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर पड़ा है। कई व्यापारी अधिक किराया सुनने के बाद स्टॉल लेने से हट गए। लगातार हो रही बारिश ने भी व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मौसम में बिक्री प्रभावित होने की आशंका रहती है जिससे महंगे स्टॉल का खर्च निकालना मुश्किल हो जाता है। किराया बढ़ने और मौसम की मार के कारण कई व्यापारी बिना दुकान लगाए लौट चुके हैं। व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि यदि स्टॉल किराए को व्यावहारिक रखा जाए तो अधिक संख्या में व्यापारी मेले से जुड़ेंगे और मेले की रौनक भी पहले जैसी लौट सकेगी।
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चंबा के ऐतिहासिक चंबा चौगान में चल रहा है अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मिंजर मेले के दूसरे दिन भी डोम में अधिकांश दुकानें खाली नजर आईं। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार स्टॉल के किराये में हुई भारी बढ़ोतरी को इसकी वजह माना जा रहा है।
महंगे स्टॉल और लगातार हो रही बारिश के कारण कई व्यापारियों ने मेले में दुकानें लगाने का फैसला ही बदल दिया। इससे डोम का बड़ा हिस्सा सूना दिखाई दे रहा है।
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व्यापारी अनवर शेख, योगेश्वर सिंह, अर्पित कुमार, जाकिर हुसैन और असलम खान ने कहा कि इस बार स्टॉल के किराये में पिछले साल के मुकाबले 20 हजार से 50 हजार रुपये तक बढ़ोतरी की गई है। बढ़े हुए किराये का असर छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर पड़ा है। कई व्यापारी अधिक किराया सुनने के बाद स्टॉल लेने से हट गए। लगातार हो रही बारिश ने भी व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मौसम में बिक्री प्रभावित होने की आशंका रहती है जिससे महंगे स्टॉल का खर्च निकालना मुश्किल हो जाता है। किराया बढ़ने और मौसम की मार के कारण कई व्यापारी बिना दुकान लगाए लौट चुके हैं। व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि यदि स्टॉल किराए को व्यावहारिक रखा जाए तो अधिक संख्या में व्यापारी मेले से जुड़ेंगे और मेले की रौनक भी पहले जैसी लौट सकेगी।
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