{"_id":"6a9f9da1e279dd268e0e3dbb","slug":"dharamshala-paneer-price-330-sold-440-2026-09-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल प्रदेश: पनीर की मनमानी कीमतें... तय रेट 330, बाजार में 440 रुपये तक वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल प्रदेश: पनीर की मनमानी कीमतें... तय रेट 330, बाजार में 440 रुपये तक वसूली
Tue, 08 Sep 2026 11:01 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला।
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 08 Sep 2026 11:01 AM IST
सार
धर्मशाला में पनीर की कीमतों को लेकर मनमानी का मामला सामने आया है। विभाग ने पनीर का रेट 330 रुपये प्रति किलो तय किया है, लेकिन बाजार में यह 440 रुपये तक बिक रहा है। कचहरी से दाड़ी तक अलग-अलग दुकानों पर कीमतों में काफी अंतर है। एनालॉग पनीर पर पाबंदी के बाद दुग्ध पनीर की मांग बढ़ने को कारोबारी कीमत बढ़ने की वजह बता रहे हैं।
विज्ञापन
पनीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिला मुख्यालय धर्मशाला में पनीर की कीमतों को लेकर ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है। विभाग की ओर से पनीर का रेट 330 रुपये प्रति किलो निर्धारित है, लेकिन बाजार में ग्राहकों से 440 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। कचहरी क्षेत्र में ही अलग-अलग दुकानों पर पनीर के भाव में 40 रुपये तक का अंतर सामने आया है। इससे ग्राहकों को समझ नहीं आ रहा कि आखिर पनीर का सही बाजार भाव क्या है।
विज्ञापन
हाल ही में हिमाचल में एनालॉग पनीर पर पाबंदी लगाए जाने के बाद शुद्ध दुग्ध पनीर की मांग बढ़ गई है। इसी बीच बाजार में इसके दाम भी तेजी से बढ़े हैं। दाड़ी में जहां दुग्ध पनीर पहले 320 रुपये किलो मिल रहा था, वहीं अब इसकी कीमत 360 रुपये तक पहुंच गई है। कचहरी क्षेत्र में यह 380 से बढ़कर 400 और कुछ दुकानों पर 440 रुपये किलो तक बिक रहा है।
विज्ञापन
कीमतों में इस तरह के अंतर से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। आम ग्राहक को एक ही शहर में अलग-अलग दुकानों पर पनीर के अलग भाव चुकाने पड़ रहे हैं। महंगाई के बीच पनीर के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
मांग बढ़ने से कीमत बढ़ने का दावा
कारोबारियों का कहना है कि एनालॉग पनीर पर पाबंदी के बाद कंपनियों की ओर से अब केवल दुग्ध पनीर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। मांग बढ़ने के कारण इसकी कीमत में उछाल आया है। कारोबारी प्रमोद सिंह के अनुसार बाजार में उपलब्धता और बढ़ी मांग के चलते दुग्ध पनीर के दाम बढ़े हैं।
वहीं, उपभोक्ता हरबंस का कहना है कि पाबंदी के बाद दुग्ध पनीर की कीमत अचानक बढ़ गई है और इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। गृहिणी रीना वर्मा ने कहा कि पहले ही रसोई का बजट हर महीने प्रभावित हो रहा है और अब पनीर के दाम बढ़ने से घर का खर्च संभालना और मुश्किल हो गया है। ग्राहक पंकू कुमार ने कहा कि धर्मशाला में अन्य क्षेत्रों की तुलना में सामान के दाम अक्सर अधिक रहते हैं। लगातार बढ़ती महंगाई से आम आदमी परेशान है।
मनमाने दाम वसूले तो होगी कार्रवाई
जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले कांगड़ा पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से पनीर का रेट 330 रुपये प्रति किलो तय किया गया है। यदि धर्मशाला में नियमों के खिलाफ जाकर ग्राहकों से अधिक कीमत वसूली जा रही है तो विभाग की ओर से तुरंत निरीक्षण किया जाएगा और नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अब देखना होगा कि विभाग के निरीक्षण के बाद धर्मशाला के बाजार में पनीर की कीमतें निर्धारित दर के अनुरूप आती हैं या नहीं। फिलहाल अलग-अलग दुकानों पर अलग-अलग दाम वसूले जाने से उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले कांगड़ा पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से पनीर का रेट 330 रुपये प्रति किलो तय किया गया है। यदि धर्मशाला में नियमों के खिलाफ जाकर ग्राहकों से अधिक कीमत वसूली जा रही है तो विभाग की ओर से तुरंत निरीक्षण किया जाएगा और नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अब देखना होगा कि विभाग के निरीक्षण के बाद धर्मशाला के बाजार में पनीर की कीमतें निर्धारित दर के अनुरूप आती हैं या नहीं। फिलहाल अलग-अलग दुकानों पर अलग-अलग दाम वसूले जाने से उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।