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Hamirpur (Himachal) News: टौणीदेवी-जंगलबैरी वाया ऊहल सड़क पर खौफ का सफर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 19 Jan 2026 12:47 AM IST
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मदन लाल निवासी ऊटपुर
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हमीरपुर। टौणीदेवी से जंगलबैरी की ओर बढ़ते ही सड़क नहीं, बल्कि डर शुरू हो जाता है। कहीं आधी सड़क पूरी तरह टूट चुकी है, तो कहीं पहाड़ी से गिरे मलबे के बीच से मजबूरी में वाहन निकाले जा रहे हैं। इस सड़क पर सफर यादों भरा नहीं, बल्कि खौफ से भरा है।
30 किलोमीटर लंबी टौणीदेवी–जंगलबैरी वाया ऊहल सड़क पर सफर करते हुए हर मोड़ पर हादसे का अंदेशा रहता है। बीती बरसात में आई आपदा के बाद इस सड़क पर करीब 20 जगह डंगे और ल्हासे ढह गए। छह माह बीत चुके हैं, लेकिन ज्यादातर स्थानों पर हालात जस के तस हैं। पलबू, कक्कड़, भटलंबर, जंगलबैरी और बजरोल जैसे इलाकों में सड़क इतनी संकरी हो चुकी है कि छोटे और बड़े वाहन निकालना भी जोखिम भरा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार वाहन चालक यहां जान हथेली पर रखकर गाड़ियां चला रहे हैं। कई स्थानों पर सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह से धंस चुका है, जबकि दूसरी ओर गहरी खाई है। टारिंग उखड़ चुकी है और गड्ढों से बचते-बचाते वाहन कब अनियंत्रित हो जाए, कहा नहीं जा सकता।
यह सड़क ऊहल–कक्कड़ क्षेत्र की 15 से 20 पंचायतों के हजारों लोगों के लिए जिला मुख्यालय पहुंचने का मुख्य मार्ग है। मरीज, छात्र, कर्मचारी और किसान सभी इसी रास्ते पर निर्भर हैं। सड़क की हालत ऐसी है कि आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचना भी चुनौती बन गया है। वहीं, लोक निर्माण विभाग मंडल टौणीदेवी की ओर से इस सड़क पर आपदा के बाद डंगे लगाने और मलबा हटाने के लिए करीब 70 लाख का एस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेजा गया है।
कोट्स
विभाग को जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत करनी चाहिए, ताकि समस्या का समाधान हो सके। सड़क पर सफर जानलेवा हो गया है। -चुनी लाल, निवासी कक्कड़
पलभू में सड़क पर ल्हासे गिरने के कई माह बाद भी डंगा नहीं लगाया है। यहां पर हादसे का खतरा बना रहता है। विभाग को जल्द डंगा लगाना चाहिए। -निर्मला, निवासी पलभू
पूरी सड़क पर गड्ढे पड़े हुए हैं। वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे है। कई बार सड़क की बदहाली से हादसे हो चुके हैं। सरकार को इस पर गौर करना चाहिए। -राकेश चंद, निवासी ऊटपुर
यह हजारों लोगों के लिए अहम सड़क मार्ग है, जो कि जिला मुख्यालय से दर्जनों पंचायतों को जोड़ता है। सरकार जल्द इसकी मरम्मत करवाए। -मदन लाल, निवासी ऊटपुर
15 करोड़ के एस्टीमेट को बजट का इंतजार
टौणीदेवी डिविजन से 15 करोड़ के एस्टीमेट विभिन्न सड़कों के लिए भेजे गए हैं, लेकिन मंजूरी न मिलने से क्षेत्र में सफर जानलेवा बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग मंडल टौणीदेवी के सहायक अभियंता नीतिश का कहना है कि 30 किमी लंबी यह सड़क विभाग के कक्कड़ और टौणीदेवी उपमंडल के तहत आती है। सड़क को बरसात में नुकसान हुआ है। डंगे लगाने के लिए एस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेजे हैं। बजट मंजूर होने पर यहां पर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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30 किलोमीटर लंबी टौणीदेवी–जंगलबैरी वाया ऊहल सड़क पर सफर करते हुए हर मोड़ पर हादसे का अंदेशा रहता है। बीती बरसात में आई आपदा के बाद इस सड़क पर करीब 20 जगह डंगे और ल्हासे ढह गए। छह माह बीत चुके हैं, लेकिन ज्यादातर स्थानों पर हालात जस के तस हैं। पलबू, कक्कड़, भटलंबर, जंगलबैरी और बजरोल जैसे इलाकों में सड़क इतनी संकरी हो चुकी है कि छोटे और बड़े वाहन निकालना भी जोखिम भरा है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार वाहन चालक यहां जान हथेली पर रखकर गाड़ियां चला रहे हैं। कई स्थानों पर सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह से धंस चुका है, जबकि दूसरी ओर गहरी खाई है। टारिंग उखड़ चुकी है और गड्ढों से बचते-बचाते वाहन कब अनियंत्रित हो जाए, कहा नहीं जा सकता।
यह सड़क ऊहल–कक्कड़ क्षेत्र की 15 से 20 पंचायतों के हजारों लोगों के लिए जिला मुख्यालय पहुंचने का मुख्य मार्ग है। मरीज, छात्र, कर्मचारी और किसान सभी इसी रास्ते पर निर्भर हैं। सड़क की हालत ऐसी है कि आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचना भी चुनौती बन गया है। वहीं, लोक निर्माण विभाग मंडल टौणीदेवी की ओर से इस सड़क पर आपदा के बाद डंगे लगाने और मलबा हटाने के लिए करीब 70 लाख का एस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेजा गया है।
कोट्स
विभाग को जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत करनी चाहिए, ताकि समस्या का समाधान हो सके। सड़क पर सफर जानलेवा हो गया है। -चुनी लाल, निवासी कक्कड़
पलभू में सड़क पर ल्हासे गिरने के कई माह बाद भी डंगा नहीं लगाया है। यहां पर हादसे का खतरा बना रहता है। विभाग को जल्द डंगा लगाना चाहिए। -निर्मला, निवासी पलभू
पूरी सड़क पर गड्ढे पड़े हुए हैं। वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे है। कई बार सड़क की बदहाली से हादसे हो चुके हैं। सरकार को इस पर गौर करना चाहिए। -राकेश चंद, निवासी ऊटपुर
यह हजारों लोगों के लिए अहम सड़क मार्ग है, जो कि जिला मुख्यालय से दर्जनों पंचायतों को जोड़ता है। सरकार जल्द इसकी मरम्मत करवाए। -मदन लाल, निवासी ऊटपुर
15 करोड़ के एस्टीमेट को बजट का इंतजार
टौणीदेवी डिविजन से 15 करोड़ के एस्टीमेट विभिन्न सड़कों के लिए भेजे गए हैं, लेकिन मंजूरी न मिलने से क्षेत्र में सफर जानलेवा बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग मंडल टौणीदेवी के सहायक अभियंता नीतिश का कहना है कि 30 किमी लंबी यह सड़क विभाग के कक्कड़ और टौणीदेवी उपमंडल के तहत आती है। सड़क को बरसात में नुकसान हुआ है। डंगे लगाने के लिए एस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेजे हैं। बजट मंजूर होने पर यहां पर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

मदन लाल निवासी ऊटपुर

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