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Hamirpur (Himachal) News: दियोटसिद्ध में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, दस हजार श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 19 Jan 2026 12:42 AM IST
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दियोटसिद्ध(हमीरपुर)। प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में ज्येष्ठ रविवार को श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। दियोटसिद्ध नगरी में देर रात तक 10 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए।
दिनभर मंदिर परिसर के मुख्य द्वार, गुफा मार्ग और बकरा स्थल के समीप भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह पांच बजे मंदिर के कपाट खुलते ही आरती के बाद जय बाबा बालक नाथ, बालयोगी महाराज की जय के जयकारों के साथ भक्तों ने दर्शन करना शुरू किए।
रात आठ बजे तक श्रद्धालु दर्शनों के लिए कतारों में खड़े रहे। इसके बाद कीर्तन हॉल में सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने पौणाहारी के भजन गाकर उनकी महिमा का गुणगान किया। ज्येष्ठ रविवार होने के कारण पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली बाहरी राज्यों से श्रद्धालु एक दिन पहले ही मंदिर में पहुंच गए थे।
वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर न्यास की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। श्रद्धालुओं ने धूने में आहुतियां और रोट चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। देर रात तक मंदिर परिसर में बाबा बालक नाथ के जयकारे गूंजते रहे।
कोट
मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ शनिवार और रविवार के दिन बढ़ जाती है। श्रद्धालुओं को न्यास प्रशासन की ओर से हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। -सूरम सिंह, सहायक मंदिर अधिकारी, दियोटसिद्ध
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दिनभर मंदिर परिसर के मुख्य द्वार, गुफा मार्ग और बकरा स्थल के समीप भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह पांच बजे मंदिर के कपाट खुलते ही आरती के बाद जय बाबा बालक नाथ, बालयोगी महाराज की जय के जयकारों के साथ भक्तों ने दर्शन करना शुरू किए।
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रात आठ बजे तक श्रद्धालु दर्शनों के लिए कतारों में खड़े रहे। इसके बाद कीर्तन हॉल में सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने पौणाहारी के भजन गाकर उनकी महिमा का गुणगान किया। ज्येष्ठ रविवार होने के कारण पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली बाहरी राज्यों से श्रद्धालु एक दिन पहले ही मंदिर में पहुंच गए थे।
वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर न्यास की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। श्रद्धालुओं ने धूने में आहुतियां और रोट चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। देर रात तक मंदिर परिसर में बाबा बालक नाथ के जयकारे गूंजते रहे।
कोट
मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ शनिवार और रविवार के दिन बढ़ जाती है। श्रद्धालुओं को न्यास प्रशासन की ओर से हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। -सूरम सिंह, सहायक मंदिर अधिकारी, दियोटसिद्ध