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Hamirpur (Himachal) News: किताबों के बोझ से दूर रहकर खेल-खेल में सीखेंगे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 14 Apr 2026 04:31 AM IST
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प्राथमिक स्कूलों में ‘विद्या प्रवेश’ की शुरुआत, नौनिहालों को मिलेगा तीन माह का बफर पीरियड
गतिविधि आधारित शिक्षा से होगा पंचकोषीय विकास
दाखिले से तीन माह तक मौखिक व गतिविधियों से करेंगे पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले के प्राथमिक स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाले नन्हे विद्यार्थियों के लिए इस बार पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदला गया है। शिक्षा को सरल, आनंददायक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ‘विद्या प्रवेश’ कार्यक्रम शुरू किया गया है।
इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को शुरुआती तीन माह तक विशेष ‘बफर पीरियड’ दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें किताबों और कॉपियों के दबाव से दूर रखते हुए मौखिक गतिविधियों, कहानियों, गीतों, चित्रों और रचनात्मक कार्यों के माध्यम से पढ़ाया जाएगा।
पहली बार स्कूल आने वाले बच्चों पर अचानक औपचारिक पढ़ाई का दबाव न पड़े, इसके लिए यह पहल की गई है। बफर पीरियड के दौरान बच्चे स्कूल के माहौल से परिचित होंगे, शिक्षकों और सहपाठियों से सहज संबंध बनाएंगे और आत्मविश्वास विकसित करेंगे।
शिक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह गतिविधि आधारित बनाया गया है, जिसमें अक्षरों और संख्याओं की पहचान भी खेल-खेल में कराई जाएगी। शिक्षक चित्रों, कहानियों और संवाद के माध्यम से बच्चों की भाषा क्षमता को विकसित करेंगे।
इसके साथ ही बच्चों में समूह में कार्य करने की आदत, सहयोग की भावना और रचनात्मक सोच को भी बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों का पंचकोषीय विकास सुनिश्चित करना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
कोट
पहली कक्षा के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूलों में बफर पीरियड शुरू किया गया है। स्कूल प्रमखों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।-भवानी सिंह, मीडिया प्रभारी, डाइट गौना करौर
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दाखिले से तीन माह तक मौखिक व गतिविधियों से करेंगे पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले के प्राथमिक स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाले नन्हे विद्यार्थियों के लिए इस बार पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदला गया है। शिक्षा को सरल, आनंददायक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ‘विद्या प्रवेश’ कार्यक्रम शुरू किया गया है।
इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को शुरुआती तीन माह तक विशेष ‘बफर पीरियड’ दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें किताबों और कॉपियों के दबाव से दूर रखते हुए मौखिक गतिविधियों, कहानियों, गीतों, चित्रों और रचनात्मक कार्यों के माध्यम से पढ़ाया जाएगा।
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पहली बार स्कूल आने वाले बच्चों पर अचानक औपचारिक पढ़ाई का दबाव न पड़े, इसके लिए यह पहल की गई है। बफर पीरियड के दौरान बच्चे स्कूल के माहौल से परिचित होंगे, शिक्षकों और सहपाठियों से सहज संबंध बनाएंगे और आत्मविश्वास विकसित करेंगे।
शिक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह गतिविधि आधारित बनाया गया है, जिसमें अक्षरों और संख्याओं की पहचान भी खेल-खेल में कराई जाएगी। शिक्षक चित्रों, कहानियों और संवाद के माध्यम से बच्चों की भाषा क्षमता को विकसित करेंगे।
इसके साथ ही बच्चों में समूह में कार्य करने की आदत, सहयोग की भावना और रचनात्मक सोच को भी बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों का पंचकोषीय विकास सुनिश्चित करना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
कोट
पहली कक्षा के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूलों में बफर पीरियड शुरू किया गया है। स्कूल प्रमखों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।-भवानी सिंह, मीडिया प्रभारी, डाइट गौना करौर

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