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हिमाचल प्रदेश: हमीरपुर जिले में लंपी का प्रकोप बढ़ा, 48 पशु संक्रमित; चार की मौत

Wed, 26 Aug 2026 03:58 PM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर। Published by: Ankesh Dogra Updated Wed, 26 Aug 2026 03:58 PM IST
सार

हमीरपुर जिले में लंपी स्किन डिजीज का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को आठ नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित पशुओं की संख्या 48 हो गई। इसी दिन नादौन और बड़सर में एक-एक पशु की मौत हुई, जिससे मृतकों की संख्या चार पहुंच गई। पशुपालन विभाग ने टीकाकरण अभियान तेज करते हुए अब तक करीब 3,000 पशुओं को वैक्सीन लगाई है। विभाग ने पशुपालकों से संक्रमित पशुओं को अलग रखने की अपील की है।

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hamirpur lumpy skin disease 48 animals infected four deaths
लंपी वायरस से ग्रसित गाय। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हमीरपुर जिले में लंपी स्किन डिजीज का संक्रमण लगातार फैल रहा है। बुधवार को बीमारी के आठ नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित पशुओं की संख्या बढ़कर 48 हो गई है। इसी दिन लंपी से पीड़ित दो पशुओं की मौत भी हुई। इनमें एक पशु नादौन और दूसरा बड़सर क्षेत्र का बताया गया है।
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इन दो मौतों के बाद जिले में लंपी स्किन डिजीज से मरने वाले पशुओं की संख्या चार हो गई है। मृत पशुओं में तीन बड़सर और एक नादौन क्षेत्र का शामिल है। लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच पशुपालन विभाग ने निगरानी और उपचार की व्यवस्था को और सक्रिय कर दिया है।
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एक दिन में 1,470 पशुओं का टीकाकरण
पशुपालन विभाग की ओर से बुधवार को करीब 1,470 पशुओं को लंपी से बचाव का टीका लगाया गया। विभाग के अनुसार अब तक लगभग 3,000 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। बीमारी की रोकथाम के लिए विभाग के पास करीब 13,500 टीके उपलब्ध हैं। प्रभावित क्षेत्रों के अलावा जिले के अन्य हिस्सों में भी पशुओं की निगरानी की जा रही है, ताकि बीमारी के लक्षण सामने आने पर समय रहते उपचार शुरू किया जा सके।
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लक्षण दिखें तो पशु को तुरंत अलग करें
पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। किसी पशु में लंपी स्किन डिजीज के लक्षण दिखाई देने पर उसे तुरंत दूसरे पशुओं से अलग रखने और नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करने को कहा गया है। विभाग का कहना है कि संक्रमित पशु को अलग रखने से बीमारी के दूसरे पशुओं तक फैलने की आशंका को कम किया जा सकता है।

कैसे फैलता है लंपी वायरस?
लंपी स्किन डिजीज गोवंश में होने वाली संक्रामक वायरल बीमारी है। यह कैप्रिपॉक्स वायरस से होती है और मुख्य रूप से मच्छर, काटने वाली मक्खियां तथा टिक जैसे रक्त चूसने वाले कीट इसके प्रसार में भूमिका निभा सकते हैं। संक्रमण की स्थिति में पशु को बुखार आ सकता है और त्वचा पर गोल, उभरी हुई गांठें या नोड्यूल दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर पशुपालकों को बिना देरी किए पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

चार पशुओं की हो चुकी है मौत
पशुपालन विभाग हमीरपुर के सहायक निदेशक परियोजना डॉ. सतीश ने बताया कि पशुओं का टीकाकरण लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि जिले में अब तक लंपी स्किन डिजीज से चार पशुओं की मौत हो चुकी है।
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