हिमाचल अपराध ट्रेंड रिपोर्ट: घर में अपनों का सितम, बाहर ईव टीजिंग का दंश, महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
राज्य अपराध ट्रेंड रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार छेड़छाड़, ईव टीजिंग और घरेलू प्रताड़ना के मामले चिंता का विषय बने हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज मामलों के अलावा बड़ी संख्या में घटनाओं के सामने नहीं आने की आशंका भी है।
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शांत हिमाचल प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पर घर से लेकर सार्वजनिक स्थानों तक सवाल खड़े हो रहे हैं। राज्य अपराध ट्रेंड रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार छेड़छाड़, ईव टीजिंग और घरेलू प्रताड़ना के मामले चिंता का विषय बने हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज मामलों के अलावा बड़ी संख्या में घटनाओं के सामने नहीं आने की आशंका भी है। प्रदेश में अगस्त 2026 तक महिलाओं से छेड़छाड़ के 328 और सार्वजनिक स्थानों पर परेशान करने यानी ईव टीजिंग के 122 मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2025 में छेड़छाड़ के 521 और ईव टीजिंग के 137 मामले सामने आए थे।
किस वर्ष कितने मामले आए
वर्ष 2024 में ईव टीजिंग के 97 और 2023 में 99 मामले दर्ज हुए। पिछले दशक के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2020 में छेड़छाड़ के 539, 2018 में 515 और 2022 में 499 मामले दर्ज किए गए थे। ये आंकड़े सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती को उजागर करते हैं। घर की चहारदीवारी के भीतर भी महिलाओं को प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। अगस्त 2026 तक पतियों और ससुराल पक्ष की ओर से क्रूरता के 102 से अधिक मामले दर्ज हुए। वर्ष 2025 में ऐसे 156, 2024 में 178 और 2023 में 218 मामले सामने आए थे। वर्ष 2020 में यह संख्या 258 थी।
महिलाओं के खिलाफ अपराध (जनवरी से अगस्त 2026)
कांगड़ा 119
मंडी 46
शिमला 29
हमीरपुर 29
सोलन 26
बिलासपुर 24
सिरमौर 21
चंबा 17
ऊना 15
कुल्लू 15
पुलिस जिला बद्दी 14
पुलिस जिला नूरपुर 13
पुलिस जिला देहरा 5
किन्नौर 2
लाहौल और स्पीति 1
कुल योग 430
संकट में संकोच न करें: 1091 और 112 पर तुरंत मिलेगी मदद
घरेलू हिंसा या छेड़छाड़ पर महिलाएं चुप न रहें। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा व त्वरित सहायता के लिए 24 घंटे सक्रिय हेल्पलाइन व्यवस्था लागू की है। किसी भी आपात स्थिति या उत्पीड़न पर टोल-फ्री महिला हेल्पलाइन 1091 अथवा आपात नंबर 112 पर कॉल कर सीधे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। कॉल मिलते ही नजदीकी पुलिस पेट्रोलिंग टीम व संबंधित थाना तुरंत हरकत में आकर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगा।