आस्था: अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के लिए 347 देवी-देवताओं को न्योता, 1660 ईसवी में ऐसे हुई थी शुरुआत
सात दिवसीय महोत्सव का समापन 27 अक्तूबर को होगा। वर्ष 2025 में जिला प्रशासन और कारदार संघ ने 332 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया था। इस बार 15 नए देवी-देवताओं को भी बुलावा भेजा गया है।
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लाखों लोगों की आस्था के केंद्र अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के लिए इस बार 347 देवी-देवताओं को न्योता दिया गया है। अमूमन दशहरा के दिन महोत्सव का आगाज होता था, लेकिन इस बार 21 अक्तूबर से होगा। सात दिवसीय महोत्सव का समापन 27 अक्तूबर को होगा। वर्ष 2025 में जिला प्रशासन और कारदार संघ ने 332 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया था। इस बार 15 नए देवी-देवताओं को भी बुलावा भेजा गया है। देवी-देवताओं के महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। दशहरा में हर वर्ष लाखों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। विदेशों से भी पर्यटक भी यहां डेरा लगाते हैं। दशहरा पर्व शोधार्थियों के लिए शोध का विषय रहता है। दशहरा के दौरान करोड़ों रुपये का कारोबार होता है।
भगवान रघुनाथ की अगुवाई शोभायात्रा से होती है शुरुआत
1660 ईसवी से शुरू हुए कुल्लू दशहरा में पहले दिन भगवान रघुनाथ की अगुवाई शोभायात्रा निकाली जाती है। इसके बाद सात दिन ढालपुर मैदान में सैकड़ों देवताओं से लोग आशीर्वाद प्राप्त करते हें। बता दें कि न्योते के आधार पर ही दशहरा उत्सव समिति देवी-देवताओं के ठहरने, नजराने और अन्य सुविधाओं का इंतजाम करती है। खास बात है कि कुल्लू दशहरा में आनी-निरमंड से करीब 200 किलोमीटर का लंबा सफर कर देवी-देवता भगवान रघुनाथ की चाकरी को ढालपुर पहुंचते हैं। ऐसे में उपरोक्त क्षेत्रों के देवी-देवता अपने देवालय से करीब एक सप्ताह पहले कुल्लू को रवाना होते हैं।
अक्तूबर के दूसरे सप्ताह से दशहरा की तैयारियां
कार्यवाहक उपायुक्त कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने कहा कि 21 अक्तूबर से 27 अक्तूबर तक मनाया जाने वाले कुल्लू दशहरा के लिए जिला के 347 देवी-देवताओं को बुलाया गया है। इसके लिए निमंत्रण पत्र जारी किए गए थे। जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि दशहरा के लिए अधिकतर देवी-देवताओं को दशहरा का निमंत्रण पत्र मिल गया है। अक्तूबर के दूसरे सप्ताह से देव समाज दशहरा की तैयारियों में जुट जाएगा।
कोरोना काल में भी निभाई 13 देवताओं ने परंपरा
वर्ष 2020 में कोरोना काल में अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में कोविड-19 नियमों के कारण केवल सात देवी-देवताओं को ही आमंत्रित किया गया। हालांकि, दशहरा में 13 देवी-देवता पहुंचे थे। कोरोना में बेशक देवी-देवता कम आए, लेकिन दशहरा की परंपरा को देव विधि के अनुसार निभाया गया।