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Kangra News: कांगड़ा घाटी रेल ट्रैक पर कल हो सकता है इंजन ट्रायल की संभावना
Mon, 28 Sep 2026 07:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 28 Sep 2026 07:56 AM IST
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धर्मशाला। कांगड़ा घाटी रेल सेवा की बहाली की कवायद के बीच 29 सितंबर को रेल ट्रैक पर इंजन का ट्रायल किए जाने की संभावना है। इसके बाद 2 अक्तूबर को कांगड़ा-चंबा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज और उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल के डीआरएम विवेक कुमार रेल ट्रैक का संयुक्त रूप से व्यापक निरीक्षण कर सकते हैं।
रेलवे संघर्ष समिति के अनुसार ट्रायल और निरीक्षण की इन दोनों प्रक्रियाओं के बाद ही घाटी में नियमित रेल सेवा की बहाली को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि जम्मू रेल मंडल के डीआरएम विवेक कुमार से उनकी विस्तृत बातचीत हुई है। डीआरएम ने जानकारी दी है कि 29 सितंबर को ट्रैक पर ट्रायल इंजन दौड़ाकर तकनीकी स्थिति परखी जाएगी।
उधर, 2 अक्तूबर को सांसद और डीआरएम के संयुक्त दौरे के दौरान समिति का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात करेगा। इस दौरान उन्हें मांगपत्र सौंपकर कांगड़ा घाटी रेल सेवा को अविलंब और पूरी क्षमता के साथ बहाल करने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। इंजन ट्रायल और निरीक्षण के बाद समिति नई परिस्थितियों पर विचार-विमर्श के लिए अलग से बैठक कर आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय करेगी।
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अगर मौसम अनुकूल रहा तो मैं और जम्मू रेलवे डिवीजन के डीआरएम विवेक कुमार 2 अक्तूबर को कांगड़ा घाटी में जगह-जगह रेल ट्रैक का निरीक्षण करेंगे। 29 सितंबर को ट्रैक पर इंजन का ट्रायल किया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर ही नियमित रेल चलाने पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। -डॉ. राजीव भारद्वाज, सांसद, कांगड़ा-चंबा
सुविधाएं बढ़ाने के बजाय कटौती का आरोप, सभी सात ट्रेनें चलाने की मांग
बरियाल (कांगड़ा)। कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति की बैठक रविवार को नगरोटा सूरियां में अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आरोप लगाया गया कि घाटी में रेल सेवा का विस्तार करने के बजाय इसे लगातार सीमित किया जा रहा है। विश्वकर्मा ने कहा कि पहले इस रूट पर सात जोड़ी ट्रेनें चलती थीं, लेकिन अब इसे केवल दो ट्रेनों तक समेटने और पठानकोट में जाम के नाम पर ट्रेनों को डलहौजी रोड स्टेशन तक ही सीमित करने की तैयारी है। उन्होंने मांग की कि जब तक ब्रॉडगेज नहीं बनता, तब तक नैरोगेज ट्रैक पर सातों ट्रेनें नियमित चलाई जाएं।
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रेलवे संघर्ष समिति के अनुसार ट्रायल और निरीक्षण की इन दोनों प्रक्रियाओं के बाद ही घाटी में नियमित रेल सेवा की बहाली को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि जम्मू रेल मंडल के डीआरएम विवेक कुमार से उनकी विस्तृत बातचीत हुई है। डीआरएम ने जानकारी दी है कि 29 सितंबर को ट्रैक पर ट्रायल इंजन दौड़ाकर तकनीकी स्थिति परखी जाएगी।
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उधर, 2 अक्तूबर को सांसद और डीआरएम के संयुक्त दौरे के दौरान समिति का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात करेगा। इस दौरान उन्हें मांगपत्र सौंपकर कांगड़ा घाटी रेल सेवा को अविलंब और पूरी क्षमता के साथ बहाल करने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। इंजन ट्रायल और निरीक्षण के बाद समिति नई परिस्थितियों पर विचार-विमर्श के लिए अलग से बैठक कर आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय करेगी।
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अगर मौसम अनुकूल रहा तो मैं और जम्मू रेलवे डिवीजन के डीआरएम विवेक कुमार 2 अक्तूबर को कांगड़ा घाटी में जगह-जगह रेल ट्रैक का निरीक्षण करेंगे। 29 सितंबर को ट्रैक पर इंजन का ट्रायल किया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर ही नियमित रेल चलाने पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। -डॉ. राजीव भारद्वाज, सांसद, कांगड़ा-चंबा
सुविधाएं बढ़ाने के बजाय कटौती का आरोप, सभी सात ट्रेनें चलाने की मांग
बरियाल (कांगड़ा)। कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति की बैठक रविवार को नगरोटा सूरियां में अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आरोप लगाया गया कि घाटी में रेल सेवा का विस्तार करने के बजाय इसे लगातार सीमित किया जा रहा है। विश्वकर्मा ने कहा कि पहले इस रूट पर सात जोड़ी ट्रेनें चलती थीं, लेकिन अब इसे केवल दो ट्रेनों तक समेटने और पठानकोट में जाम के नाम पर ट्रेनों को डलहौजी रोड स्टेशन तक ही सीमित करने की तैयारी है। उन्होंने मांग की कि जब तक ब्रॉडगेज नहीं बनता, तब तक नैरोगेज ट्रैक पर सातों ट्रेनें नियमित चलाई जाएं।