कांगड़ा में अब नहीं लगेगा जाम! 35 मिनट का सफर होगा 14 मिनट में, नई टनल और पुल से शुरू हुआ वाहनों का सफर
लंबे इंतजार के बाद कछियारी-भंगवार फोरलेन पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। 95 मीटर लंबे रियूंद पुल और 600 मीटर की ट्विन टनल के खुलने से कांगड़ा शहर के जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। अब कछियारी से रानीताल तक का सफर करीब 14 मिनट में पूरा हो सकेगा, जबकि पहले इसमें 35 से 40 मिनट लगते थे।
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लंबे इंतजार के बाद शिमला-मटौर नेशनल हाईवे के तहत कछियारी-भंगवार फोरलेन (कांगड़ा बाईपास) को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। बाईपास के शुरू होने से कांगड़ा शहर को लंबे समय से लगने वाले ट्रैफिक जाम से पूरी तरह निजात मिल जाएगी। 95 मीटर लंबे रियूंद पुल और ट्विन टनल पर यातायात बहाल होते ही एनएचआई का करीब 1300 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट पूरा हो गया। कछियारी से रानीताल तक का सफर अब करीब 14 मिनट में पूरा होगा। पहले कांगड़ा से रानीताल तक पहुंचने में 35 से 40 मिनट तक का समय लग जाता था।
वर्ष 2023 से शुरू हुए इस कार्य से तरसूह और पलवाना जैसे दुर्गम गांवों तक सीधी सड़क पहुंच गई है। अब ज्वालामुखी से धर्मशाला और पालमपुर, टांडा जाने वालों को कांगड़ा शहर से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। घट्टा के पास बनी 600 मीटर की ट्विन टनल सैलानियों और व्यापारियों के लिए वरदान साबित होगी। पहले पुरानी तंग सुरंग के कारण वाहनों से लदे बड़े ट्रक नहीं निकल पाते थे, जिससे अब मुक्ति मिलेगी। टनल पार करते ही पर्यटकों को धौलाधार पर्वतमाला का भव्य दृश्य दिखेगा। साइट इंजीनियर धनंजय मिश्रा के अनुसार सड़क को स्थायी तौर पर बहाल कर दिया गया है।
कछियारी-भंगवार फोरलेन देरी से शुरू होने का मुख्य कारण रियूंद पुल रहा है। पलवाना क्षेत्र में रियूंद खड्ड पर पुल का निर्माण कार्य लेट शुरू हुआ। पहले इस पुल का डिजाइन ही फाइनल नहीं हो पा रहा था। फाइनल हुआ तो ऊंचाई अधिक होने के चलते जो दो मुख्य पिल्लर थे, जिनकी ऊंचाई 68 मीटर थी, जिनके निर्माण में अधिक समय लग गया। इस दौरान बीच बरसात के मौसम के कारण काम को रोकना पड़ा था। यही कारण था फोरलेन के शुरू होने में समय लग गया।