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Rampur Bushahar News: सड़क नहीं, शिक्षक नहीं, कुमारसैन कॉलेज में अव्यवस्था ले रही परीक्षा
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कुमारसैन कॉलेज। संवाद
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कुमारसैन कॉलेज में वाणिज्य संकाय बंद, बीए भी मात्र आठ बच्चों ने लिया प्रवेश
. कॉलेज की अवस्थाओं के कारण लगातार कम हो रही विद्यार्थियों की संख्या
. कॉलेज के लिए अच्छी कनेक्टिविटी नहीं, कई प्रोफेसर के पद भी खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)।
सड़क नहीं, शिक्षक नहीं, कुमारसैन कॉलेज में अव्यवस्था ले रही परीक्षा। उपमंडल मुख्यालय कुमारसैन के राजकीय महाविद्यालय का ऐसा ही हाल है उपमंडल मुख्यालय कुमारसैन स्थित राजकीय महाविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। इस वर्ष बीए प्रथम वर्ष में मात्र आठ बच्चों ने प्रवेश लिया है, जबकि वाणिज्य संकाय को सरकार ने बंद कर दिया है। विद्यार्थियों की घटती संख्या का मुख्य कारण कॉलेज के अच्छी कनेक्टिविटी का न होना और शिक्षकों के पद रिक्त होना है। कुमारसैन कॉलेज जार पंचायत में स्थित है। इस कॉलेज के लिए आज तक सीधी सड़क नहीं बन पाई है। कॉलेज तक पहुंचने के लिए बच्चों को लंबे संपर्क मार्गों से पहुंचना पड़ता है। कई बच्चे कुमारसैन में क्वार्टर लेकर रहते हैं, उन्हें भी कॉलेज तक पैदल पहुंचना पड़ता है।
वर्ष 2014 में स्थापित इस कॉलेज में करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक भवन का निर्माण किया गया। कॉलेज में इतिहास के प्रोफेसर का पद दो साल से खाली है। अंग्रेजी के प्रोफेसर का पद भी खाली है। वाणिज्य संकाय के लिए मात्र एक प्रोफेसर नियुक्त है, जो अब सिर्फ दूसरे और तीसरे साल के विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। कॉलेज में पिछले बीए और बीकॉम में साल प्रथम, दूसरे और तीसरे वर्ष में कुल 83 बच्चे थे, जिनमें से इस बार 34 पास आउट हो गए हैं। इस बार बीए प्रथम वर्ष में मात्र आठ बच्चों ने दाखिला लिया है। इस प्रकार अभी तक इस कॉलेज में अब 57 विद्यार्थी हैं।
सरकार ने वाणिज्य संकाय को बच्चों की कम संख्या का हवाला देकर बंद किया है, लेकिन कॉलेज की अव्यवस्थाएं भी विद्यार्थियों की संख्या कम होने का एक कारण है। वाणिज्य संकाय के बंद होने से इस विषय के विद्यार्थियों को अब अन्य कॉलेजों का रुख करना पड़ रहा है। कॉलेज प्रबंधन ने स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों और अभिभावकों को जागरूक करने का प्रयास किया। हालांकि, इन प्रयासों का अपेक्षित परिणाम नहीं मिला। कम प्रवेश संख्या के कारण कॉलेज के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए हैं।
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उनका कहना है कि कॉलेज तक बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। एनएच-पांच से कॉलेज तक सीधी सड़क का निर्माण हो, जिससे विद्यार्थियों को आने-जाने में सुविधा मिले। कॉलेज में शिक्षकों के कई पद भी लंबे समय से रिक्त हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाना चाहिए। इससे विद्यार्थियों को सभी विषयों की नियमित पढ़ाई का लाभ मिलेगा। कॉलेज के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ेगा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने आसपास की पंचायतों से सीधी बस सेवा शुरू करने की मांग की है। इनमें कोटीघाट, मोगड़ा, जंजैली और बड़ागांव जैसी पंचायतें शामिल हैं।
परिवहन सुविधा मिलने से दूरदराज के विद्यार्थियों को कॉलेज तक पहुंचने में आसानी होगी। आधारभूत सुविधाओं में सुधार आवश्यक है। पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति भी महत्वपूर्ण है। नए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जानी चाहिए। बेहतर परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने से कुमारसैन कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इससे करोड़ों रुपये की लागत से बने इस संस्थान का पूरा लाभ क्षेत्र के युवाओं को मिल सकेगा।
शिक्षकों की कमी चिंता का कारण
कुमारसैन पंचायत प्रधान प्रवीण कुमार ने इस समस्या को विधायक कुलदीप सिंह राठौर के समक्ष रखा है। विधायक ने जल्द ही इसका समाधान करने की बात कही है। क्षेत्र के लोगों ने यह समस्या जिला परिषद सदस्य तारा देवी के समक्ष भी उठाई है। पीटीए प्रधान ललित कुमार ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कॉमर्स विषय का बंद होना और शिक्षकों की कमी चिंता का कारण है। ललित कुमार ने सरकार से समय रहते समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
उच्च अधिकारियों के साथ किया पत्राचार
प्राचार्य एसके गांधी ने कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए उच्च अधिकारियों के साथ पत्राचार किया गया है। कॉलेज प्रबंधन विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के प्रयास कर रहा है।
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. कॉलेज की अवस्थाओं के कारण लगातार कम हो रही विद्यार्थियों की संख्या
. कॉलेज के लिए अच्छी कनेक्टिविटी नहीं, कई प्रोफेसर के पद भी खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)।
सड़क नहीं, शिक्षक नहीं, कुमारसैन कॉलेज में अव्यवस्था ले रही परीक्षा। उपमंडल मुख्यालय कुमारसैन के राजकीय महाविद्यालय का ऐसा ही हाल है उपमंडल मुख्यालय कुमारसैन स्थित राजकीय महाविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। इस वर्ष बीए प्रथम वर्ष में मात्र आठ बच्चों ने प्रवेश लिया है, जबकि वाणिज्य संकाय को सरकार ने बंद कर दिया है। विद्यार्थियों की घटती संख्या का मुख्य कारण कॉलेज के अच्छी कनेक्टिविटी का न होना और शिक्षकों के पद रिक्त होना है। कुमारसैन कॉलेज जार पंचायत में स्थित है। इस कॉलेज के लिए आज तक सीधी सड़क नहीं बन पाई है। कॉलेज तक पहुंचने के लिए बच्चों को लंबे संपर्क मार्गों से पहुंचना पड़ता है। कई बच्चे कुमारसैन में क्वार्टर लेकर रहते हैं, उन्हें भी कॉलेज तक पैदल पहुंचना पड़ता है।
वर्ष 2014 में स्थापित इस कॉलेज में करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक भवन का निर्माण किया गया। कॉलेज में इतिहास के प्रोफेसर का पद दो साल से खाली है। अंग्रेजी के प्रोफेसर का पद भी खाली है। वाणिज्य संकाय के लिए मात्र एक प्रोफेसर नियुक्त है, जो अब सिर्फ दूसरे और तीसरे साल के विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। कॉलेज में पिछले बीए और बीकॉम में साल प्रथम, दूसरे और तीसरे वर्ष में कुल 83 बच्चे थे, जिनमें से इस बार 34 पास आउट हो गए हैं। इस बार बीए प्रथम वर्ष में मात्र आठ बच्चों ने दाखिला लिया है। इस प्रकार अभी तक इस कॉलेज में अब 57 विद्यार्थी हैं।
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सरकार ने वाणिज्य संकाय को बच्चों की कम संख्या का हवाला देकर बंद किया है, लेकिन कॉलेज की अव्यवस्थाएं भी विद्यार्थियों की संख्या कम होने का एक कारण है। वाणिज्य संकाय के बंद होने से इस विषय के विद्यार्थियों को अब अन्य कॉलेजों का रुख करना पड़ रहा है। कॉलेज प्रबंधन ने स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों और अभिभावकों को जागरूक करने का प्रयास किया। हालांकि, इन प्रयासों का अपेक्षित परिणाम नहीं मिला। कम प्रवेश संख्या के कारण कॉलेज के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए हैं।
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उनका कहना है कि कॉलेज तक बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। एनएच-पांच से कॉलेज तक सीधी सड़क का निर्माण हो, जिससे विद्यार्थियों को आने-जाने में सुविधा मिले। कॉलेज में शिक्षकों के कई पद भी लंबे समय से रिक्त हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाना चाहिए। इससे विद्यार्थियों को सभी विषयों की नियमित पढ़ाई का लाभ मिलेगा। कॉलेज के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ेगा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने आसपास की पंचायतों से सीधी बस सेवा शुरू करने की मांग की है। इनमें कोटीघाट, मोगड़ा, जंजैली और बड़ागांव जैसी पंचायतें शामिल हैं।
परिवहन सुविधा मिलने से दूरदराज के विद्यार्थियों को कॉलेज तक पहुंचने में आसानी होगी। आधारभूत सुविधाओं में सुधार आवश्यक है। पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति भी महत्वपूर्ण है। नए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जानी चाहिए। बेहतर परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने से कुमारसैन कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इससे करोड़ों रुपये की लागत से बने इस संस्थान का पूरा लाभ क्षेत्र के युवाओं को मिल सकेगा।
शिक्षकों की कमी चिंता का कारण
कुमारसैन पंचायत प्रधान प्रवीण कुमार ने इस समस्या को विधायक कुलदीप सिंह राठौर के समक्ष रखा है। विधायक ने जल्द ही इसका समाधान करने की बात कही है। क्षेत्र के लोगों ने यह समस्या जिला परिषद सदस्य तारा देवी के समक्ष भी उठाई है। पीटीए प्रधान ललित कुमार ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कॉमर्स विषय का बंद होना और शिक्षकों की कमी चिंता का कारण है। ललित कुमार ने सरकार से समय रहते समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
उच्च अधिकारियों के साथ किया पत्राचार
प्राचार्य एसके गांधी ने कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए उच्च अधिकारियों के साथ पत्राचार किया गया है। कॉलेज प्रबंधन विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के प्रयास कर रहा है।