सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   court news3

Sirmour News: समुद्री नौकरी का हवाला भी नहीं आया काम

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Mar 2026 11:58 PM IST
विज्ञापन
court news3
विज्ञापन
कोर्ट ने आदेश को वापस लेने की मांग ठुकराई
Trending Videos

-कोर्ट ने पति को संपत्ति और देनदारियों का हलफनामा दाखिल करने के दिए थे आदेश, खारिज की अर्जी
- कई मौके मिलने के बाद भी नहीं दिया संपत्ति का हलफनामा, 25 मार्च को अंतिम आदेश पर सुनवाई
दीपक मेहता
नाहन (सिरमौर)। फैमिली कोर्ट ने वैवाहिक विवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें व्यक्ति ने अदालत से पहले के आदेश को वापस लेने की मांग की थी। अदालत ने साफ कहा कि पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद यदि पक्षकार जरूरी दस्तावेज दाखिल नहीं करता, तो अदालत कार्यवाही आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र है।
यह मामला महाराष्ट्र के जिला के रायगढ़ निवासी सन जोत सिंह सोहल और उसकी पत्नी जसविंद्र कौर सैनी का है। पत्नी ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक और भरण-पोषण की मांग की थी। अदालत में कार्यवाही के दौरान पति को अपनी आय, संपत्ति और देनदारियों का हलफनामा दाखिल करने के लिए कई मौके दिए गए थे। इसके बावजूद 17 नवंबर 2025 तक वह हलफनामा पेश नहीं कर पाया। इसके बाद अदालत ने उसका अधिकार बंद कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब पति ने आवेदन देकर कहा कि वह समुद्री जहाज पर नाविक के रूप में कार्यरत है और 2 अगस्त 2025 से जहाज पर होने के कारण भारत नहीं आ सका। उसने अदालत से आदेश वापस लेने और भारत लौटने पर हलफनामा दाखिल करने की अनुमति देने की मांग की, लेकिन पत्नी ने इस आवेदन का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि पति जानबूझकर मामले को लंबा खींच रहा है और भरण-पोषण से बचने की कोशिश कर रहा है।
--अदालत ने दलील को माना असंतोषजनक
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश कपिल शर्मा ने कहा कि प्रतिवादी को पहले ही पर्याप्त अवसर दिए जा चुके थे। केवल यह कहना कि वह समुद्री नौकरी में है, हलफनामा दाखिल न करने का पर्याप्त कारण नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि मामले को अनिश्चित समय तक लंबित नहीं रखा जा सकता, क्योंकि इससे याचिकाकर्ता को परेशानी होगी। इसी आधार पर पति की अर्जी को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया गया। अब भरण-पोषण से जुड़ी याचिका पर अंतिम आदेश के लिए मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।
संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed