मंडी: दो बार उजड़े आशियाने, अब तीसरी बार घर बसाने का इंतजार; द्रंग के दो परिवारों की मुआवजे पर टिकी उम्मीद
मंडी जिले के द्रंग में दो परिवारों की जिंदगी विकास की मार से दो बार प्रभावित हुई है। मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए पुराने घर छोड़ने के बाद मुआवजे और जमा पूंजी से नए मकान बनाए गए। अब हाईवे के पास डंगा धंसने से ये नए मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दोनों परिवार किराए के कमरों में रह रहे हैं। प्रशासन की कमेटी नुकसान का आकलन कर रही है, जबकि निर्माण कंपनी दोनों परिवारों को 8-8 हजार रुपये मासिक किराया दे रही है।
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विकास की राह में घर उजड़ना किसी परिवार के लिए सिर्फ ईंट-पत्थर खोना नहीं होता, बल्कि उसके साथ वर्षों की मेहनत, यादें और भविष्य की उम्मीदें भी जुड़ी होती हैं। मंडी जिले के द्रंग गांव के दो परिवारों के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है। इन परिवारों ने पहले मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए अपना पुराना आशियाना छोड़ा। मुआवजे की राशि और जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर किसी तरह नए घर बनाए। लेकिन नए घर में चैन से रहने की उम्मीद भी पूरी नहीं हो पाई थी कि हाईवे के पास डंगा धंसने से ये मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए।
अब धर्मा देवी और देवेंद्र सिंह के परिवारों के सामने तीसरी बार आशियाना बसाने की चुनौती खड़ी है। दोनों परिवार फिलहाल किराए के कमरों में रहने को मजबूर हैं और उनकी उम्मीद प्रशासन की ओर से मिलने वाले मुआवजे पर टिकी है।
मुआवजा और जमा पूंजी से बनाया था नया घर
प्रभावित धर्मा देवी, देवेंद्र सिंह और अनीता कटारिया ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दौरान पुराने मकान प्रभावित हुए थे। पुराने घर के बदले मिली मुआवजा राशि के साथ उन्होंने अपनी वर्षों की जमा पूंजी भी नए मकान बनाने में लगा दी।
परिवारों को उम्मीद थी कि एक बार फिर अपना घर खड़ा करने के बाद जिंदगी पटरी पर लौट आएगी। नए मकान में परिवारों ने रहना शुरू ही किया था कि हाईवे के समीप बना विशालकाय डंगा धंस गया। इसके कारण मकानों को नुकसान पहुंचा और परिवारों को दोबारा अपना घर खाली करना पड़ा।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि पहली बार घर उजड़ने के बाद उन्होंने बड़ी मुश्किल से नया मकान बनाया था। अब दोबारा मकान बनाने की आर्थिक क्षमता उनके पास नहीं है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए दो गुना मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वे किसी सुरक्षित स्थान पर फिर से अपना आशियाना बना सकें।
कलवर्ट के पास पानी के रिसाव से धंसा डंगा
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी के अनुसार, हाईवे के एक कलवर्ट के पास पानी का रिसाव होने के कारण डंगा क्षतिग्रस्त हुआ। इससे दो मकानों को नुकसान पहुंचा है।
मामले में उपायुक्त मंडी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है। कमेटी मौके का निरीक्षण कर चुकी है और अब नुकसान का आकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद कमेटी के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए हाईवे निर्माण कर रही गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड ने किराया देने का फैसला किया है। कंपनी के जीएम विकास नागर ने बताया कि दोनों परिवारों को 8-8 हजार रुपये प्रतिमाह किराया दिया जा रहा है।
कंपनी की ओर से यह भी कहा गया है कि मुआवजा मिलने के बाद भी प्रभावित परिवारों को छह महीने तक किराया दिया जाएगा। इससे परिवारों को तत्काल रहने की व्यवस्था बनाए रखने में कुछ राहत मिल रही है।
अब फैसले का इंतजार
दो बार अपना घर गंवा चुके इन परिवारों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि तीसरी बार वे अपना आशियाना कहां और कैसे बनाएंगे। प्रशासनिक कमेटी ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है, लेकिन प्रभावितों की नजर अब मुआवजे के फैसले पर है।
परिवारों का कहना है कि पर्याप्त मुआवजा मिलने के बाद ही वे सुरक्षित जगह पर दोबारा घर बनाने की हिम्मत जुटा पाएंगे। फिलहाल उनके लिए विकास की यह कीमत किराए के कमरे और मुआवजे के इंतजार के रूप में सामने खड़ी है।