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Una News: बजट के इंतजार में पीजीआई सेटेलाइट सेंटर का एसटीपी और ईटीपी प्लांट
Tue, 15 Sep 2026 12:50 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 15 Sep 2026 12:50 AM IST
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ऊना। मलाहत में निर्माणाधीन पीजीआई सेटेलाइट सेंटर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) का निर्माण बजट की कमी के कारण अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। दोनों प्लांटों के निर्माण पर कुल 4.55 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसमें अब तक 2.67 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं जबकि 1.88 करोड़ रुपये की राशि अभी जारी होना बाकी है। शेष बजट न मिलने से जल शक्ति विभाग के स्तर पर निर्माण कार्य की गति प्रभावित हो रही है।
पीजीआई सेटेलाइट सेंटर में अस्पताल संचालन के दौरान निकलने वाले सीवरेज और अन्य अपशिष्ट जल के उपचार के लिए एसटीपी और ईटीपी जरूरी हैं। इन प्लांटों के निर्माण के बाद ही सेंटर की सीवरेज व्यवस्था को पूरी तरह से जोड़ने समेत संबंधित पाइपलाइन के कार्य को अंतिम रूप दिया जा सकेगा। ऐसे में प्लांट का निर्माण पूरा होना सेंटर की अन्य सुविधाओं को मुकम्मल करने के लिए भी अहम है।
इस परियोजना को लेकर बजट का मामला पहले भी सामने आ चुका है। वर्ष 2024 में बजट न मिलने के कारण प्लांट का काम शुरू नहीं हो पाया था। बाद में सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके बाद मई 2026 में 1.67 करोड़ रुपये और जारी हुए। इसके बावजूद कुल स्वीकृत लागत के मुकाबले 1.88 करोड़ रुपये अभी जल शक्ति विभाग को मिलना बाकी हैं।
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495 करोड़ की परियोजना, 403 कनाल भूमि पर बन रहा सेंटर
पीजीआई सेटेलाइट सेंटर करीब 495 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। इसके लिए मलाहत में करीब 403 कनाल भूमि पीजीआई प्रबंधन के नाम की जा चुकी है। सेंटर के लिए जमीन, बिजली, सड़क, पानी और सीवरेज जैसी आधारभूत सुविधाएं प्रदेश सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही हैं। सेंटर शुरू होने के बाद ऊना सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
एसटीपी और ईटीपी प्लांट स्थापित करने के लिए जल शक्ति विभाग से बकाया बजट नहीं मिल पाया है। इसे लेकर सरकार के उच्च अधिकारियों के समक्ष इस समस्या को उठाया गया है। फिलहाल 1.88 करोड़ रुपये की राशि जारी होना बाकी है।
-डॉ. राजीव चौहान, नोडल अधिकारी पीजीआई सेटेलाइट सेंटर ऊना
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पीजीआई सेटेलाइट सेंटर में अस्पताल संचालन के दौरान निकलने वाले सीवरेज और अन्य अपशिष्ट जल के उपचार के लिए एसटीपी और ईटीपी जरूरी हैं। इन प्लांटों के निर्माण के बाद ही सेंटर की सीवरेज व्यवस्था को पूरी तरह से जोड़ने समेत संबंधित पाइपलाइन के कार्य को अंतिम रूप दिया जा सकेगा। ऐसे में प्लांट का निर्माण पूरा होना सेंटर की अन्य सुविधाओं को मुकम्मल करने के लिए भी अहम है।
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इस परियोजना को लेकर बजट का मामला पहले भी सामने आ चुका है। वर्ष 2024 में बजट न मिलने के कारण प्लांट का काम शुरू नहीं हो पाया था। बाद में सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके बाद मई 2026 में 1.67 करोड़ रुपये और जारी हुए। इसके बावजूद कुल स्वीकृत लागत के मुकाबले 1.88 करोड़ रुपये अभी जल शक्ति विभाग को मिलना बाकी हैं।
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495 करोड़ की परियोजना, 403 कनाल भूमि पर बन रहा सेंटर
पीजीआई सेटेलाइट सेंटर करीब 495 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। इसके लिए मलाहत में करीब 403 कनाल भूमि पीजीआई प्रबंधन के नाम की जा चुकी है। सेंटर के लिए जमीन, बिजली, सड़क, पानी और सीवरेज जैसी आधारभूत सुविधाएं प्रदेश सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही हैं। सेंटर शुरू होने के बाद ऊना सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
एसटीपी और ईटीपी प्लांट स्थापित करने के लिए जल शक्ति विभाग से बकाया बजट नहीं मिल पाया है। इसे लेकर सरकार के उच्च अधिकारियों के समक्ष इस समस्या को उठाया गया है। फिलहाल 1.88 करोड़ रुपये की राशि जारी होना बाकी है।
-डॉ. राजीव चौहान, नोडल अधिकारी पीजीआई सेटेलाइट सेंटर ऊना