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Una News: ऊना में गोभी की खेती में किसानों को होने लगा घाटा
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फसल को तैयार करने में मेहनत अधिक और आमदन कम
मंडियों में 10 रुपये प्रति किलो से भी कम कीमत मिल रही
किसानों ने कहा- लागत भी नहीं हुई पूरी, शादियों के सीजन में भी नहीं बढ़े दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में गोभी की खेती करने वाले किसान इन दिनों आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसल तैयार करने में अधिक मेहनत, समय और लागत लगती है, लेकिन मंडियों में उन्हें मिलने वाली आमदनी बेहद कम है। वर्तमान में गोभी की कीमत 10 रुपये प्रति किलो से भी नीचे गिर गई है, जिससे लागत निकालना मुश्किल हो गया है।
किसानों ने बताया कि बीज, खाद, दवाइयों, सिंचाई और मजदूरी पर लगातार बढ़ रहे खर्च के बावजूद फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। अच्छी पैदावार के बावजूद बाजार में अधिक आवक के कारण कीमतें गिर रही हैं, जिससे किसानों में निराशा बढ़ रही है।
किसान रवि कुमार, यशपाल, सुरेश कुमार, संदीप सैनी, सूरज कुमार और भूपिंदर ठाकुर ने कहा कि दिसंबर से गोभी के दाम लगातार गिर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले कोहरे से फसल प्रभावित हुई और अब शादियों के सीजन में भी उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा।
किसानों ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि गोभी समेत अन्य सब्जियों के लिए समर्थन मूल्य तय किया जाए या बाजार व्यवस्था में सुधार करके किसानों को राहत प्रदान की जाए, ताकि उन्हें मेहनत का सही फल मिल सके।
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मंडियों में 10 रुपये प्रति किलो से भी कम कीमत मिल रही
किसानों ने कहा- लागत भी नहीं हुई पूरी, शादियों के सीजन में भी नहीं बढ़े दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में गोभी की खेती करने वाले किसान इन दिनों आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसल तैयार करने में अधिक मेहनत, समय और लागत लगती है, लेकिन मंडियों में उन्हें मिलने वाली आमदनी बेहद कम है। वर्तमान में गोभी की कीमत 10 रुपये प्रति किलो से भी नीचे गिर गई है, जिससे लागत निकालना मुश्किल हो गया है।
किसानों ने बताया कि बीज, खाद, दवाइयों, सिंचाई और मजदूरी पर लगातार बढ़ रहे खर्च के बावजूद फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। अच्छी पैदावार के बावजूद बाजार में अधिक आवक के कारण कीमतें गिर रही हैं, जिससे किसानों में निराशा बढ़ रही है।
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किसान रवि कुमार, यशपाल, सुरेश कुमार, संदीप सैनी, सूरज कुमार और भूपिंदर ठाकुर ने कहा कि दिसंबर से गोभी के दाम लगातार गिर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले कोहरे से फसल प्रभावित हुई और अब शादियों के सीजन में भी उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा।
किसानों ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि गोभी समेत अन्य सब्जियों के लिए समर्थन मूल्य तय किया जाए या बाजार व्यवस्था में सुधार करके किसानों को राहत प्रदान की जाए, ताकि उन्हें मेहनत का सही फल मिल सके।