नई व्यवस्था: हिमाचल प्रदेश में वैट भुगतान पूरी तरह ऑनलाइन, बैंक रोजाना भेजेंगे ई-चालान का रिकॉर्ड
राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर नियमों में संशोधन कर कारोबारियों के लिए कर भुगतान ऑनलाइन करना अनिवार्य कर दिया है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मूल्य परिवर्धित कर (वैट) जमा करने की व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर नियमों में संशोधन कर कारोबारियों के लिए कर भुगतान ऑनलाइन करना अनिवार्य कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब वैट अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत व्यापारियों को कर, बकाया मांग और अन्य देय राशियों का भुगतान पोर्टल से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से करना होगा। राजपत्र में जारी अधिसूचना के अनुसार, सभी पंजीकृत व्यापारियों के लिए कर और अन्य देय राशियों का भुगतान ई-पेमेंट से करना अनिवार्य होगा। इस बदलाव का उद्देश्य कर भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के साथ इससे जुड़े रिकॉर्ड की निगरानी और मिलान को व्यवस्थित करना है।
भुगतान का रिकॉर्ड रोजाना भेजेंगे बैंक
संशोधित नियमों के तहत अधिकृत बैंकों को प्रतिदिन ई-चालानों का विवरण ई-पेमेंट स्क्रोल के रूप में प्ररूप-42 में संबंधित कोषागार को भेजना होगा। इसकी एक प्रति हिमाचल प्रदेश के महालेखाकार कार्यालय को भी रोजाना भेजी जाएगी। इससे कर भुगतान के रिकॉर्ड का नियमित मिलान करने और किसी तरह की विसंगति सामने आने पर उसकी पहचान करने में मदद मिलेगी।
ई-चालान पर दर्ज तारीख ही होगी मान्य
संशोधित नियमों में कर भुगतान की तारीख को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है। इसके तहत भुगतान की मान्य तारीख वही होगी, जो प्ररूप-2-क के ई-चालान पर जमा तिथि के रूप में दर्ज होगी। इससे भुगतान की तारीख निर्धारित करने में स्पष्टता रहेगी और कर संबंधी रिकॉर्ड के सत्यापन में भी सुविधा होगी।