Ratlam: 'कोच के नीचे से उठा धुआं, फिर भड़की आग'; रेलवे स्टाफ की सूझबूझ से बचीं 68 यात्रियों की जान; टला हादसा
रतलाम के पास राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 कोच में आग लगने से हड़कंप मच गया। आरपीएफ और रेलवे कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई से 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। शॉर्ट सर्किट को आग का प्रारंभिक कारण माना जा रहा है।
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विस्तार
मध्य प्रदेश के रतलाम के पास रविवार सुबह राजधानी एक्सप्रेस में अचानक आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे कर्मचारियों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते बड़ा हादसा टल गया। करीब 15 मिनट के अंदर बी-1 कोच में मौजूद सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह घटना पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के अंतर्गत लूनी रिछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशनों के बीच सुबह करीब 5:30 बजे हुई। बताया जा रहा है कि आग दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस की बी-1 थर्ड एसी बोगी में लगी थी।
कोच के नीचे से उठा धुआं, फिर भड़क उठी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में कोच के नीचे के हिस्से से घना धुआं निकलता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और बी-1 कोच के साथ उससे सटे एसएलआर लगेज ब्रेक वैन को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें दूर तक दिखाई दे रही थीं। स्थिति गंभीर होते देख ट्रेन के गार्ड ने तुरंत लोको पायलट को सूचना दी। इसके बाद तेज रफ्तार ट्रेन को तत्काल रोका गया और यात्रियों को दूसरे कोचों में शिफ्ट किया गया।
RPF और रेलवे स्टाफ ने संभाला मोर्चा
घटना के तुरंत बाद आरपीएफ जवान और रेलवे कर्मचारी राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। टीम ने बिना घबराहट के यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों के मुताबिक, समय रहते की गई कार्रवाई से किसी भी यात्री को चोट नहीं पहुंची। दमकल विभाग की टीमों और वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। सुरक्षा के लिहाज से ओवरहेड इलेक्ट्रिक सप्लाई बंद कर दी गई और क्षतिग्रस्त कोचों को ट्रेन से अलग कर दिया गया।
रेल यातायात प्रभावित
इस हादसे के कारण नई दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर रेल संचालन प्रभावित हुआ। कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोका गया, जिनमें मुंबई-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी शामिल रही। बाद में ट्रैक को साफ कर परिचालन बहाल किया गया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच के आदेश
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि आग लगने की वास्तविक वजह सामने आ सके। रेलवे प्रशासन ने बताया कि प्रभावित यात्रियों की यात्रा पूरी कराने के लिए कोटा स्टेशन पर अतिरिक्त कोच जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है। घटना के बाद कई यात्रियों ने रेलवे स्टाफ और आरपीएफ जवानों की बहादुरी और तत्परता की सराहना की। यात्रियों का कहना है कि अगर कुछ मिनट की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रेल यातायात पूरी तरह बहाल
कोटा ADRM ललित कुमार धुरंधर ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षतिग्रस्त तार को सफलतापूर्वक दुरुस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि तीन टावर वैगन विक्रमगढ़ पहुंचने पर चार्ज किए जाएंगे। पहले से लगाया गया ब्लॉक अब रद्द कर दिया जाएगा और अब रेल यातायात को सामान्य कर दिया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि बहाली कार्य में स्थानीय प्रशासन का पूरा सहयोग मिला, साथ ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां समय पर मौके पर पहुंचीं, जिससे राहत और मरम्मत कार्य तेजी से संभव हो सका। आग से प्रभावित कोच वर्तमान में लूनी रिछा स्टेशन पर खड़े हैं, जहां फॉरेंसिक टीम द्वारा आगे की जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि कई ट्रेनों का संचालन टीएसएल (सिंगल लाइन वर्किंग) के माध्यम से सफलतापूर्वक किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही पूरे सेक्शन में रेल यातायात पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा।