आदित्य ठाकरे का आरोप: बांद्रा फुटबॉल ग्राउंड को कन्वेंशन सेंटर बनाने की तैयारी, बच्चों से छिनेगा मैदान
Aaditya Thackeray: शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया है कि मुंबई महानगरपालिका ने बांद्रा पश्चिम स्थित नेविल डी'सूजा फुटबॉल ग्राउंड को कन्वेंशन सेंटर के लिए आरक्षित कर दिया है। ठाकरे ने कहा कि इससे हजारों खिलाड़ियों और बच्चों का खेल मैदान छिन जाएगा। उन्होंने भाजपा पर मुंबई में खेलों को खत्म करने और मनोरंजन स्थलों को कंक्रीट के ढांचों में बदलने का आरोप लगाया है। आइए, विस्तार से मामले को जानते हैं...
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मुंबई में खेल सुविधाओं को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) नेता और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया है कि मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बांद्रा पश्चिम स्थित नेविल डी'सूजा फुटबॉल ग्राउंड को कन्वेंशन सेंटर के लिए आरक्षित कर दिया है। आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि इस फैसले से हजारों खिलाड़ियों और बच्चों का खेल मैदान छिन जाएगा। उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा पर मुंबई में खेल संस्कृति को कमजोर करने और खेल मैदानों को कंक्रीट के व्यावसायिक ढांचों में बदलने का आरोप लगाया है।
क्या बांद्रा का फुटबॉल मैदान अब कन्वेंशन सेंटर बनेगा?
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि बांद्रा पश्चिम का नेविल डी'सूजा फुटबॉल ग्राउंड अब कन्वेंशन सेंटर के लिए आरक्षित कर दिया गया है। उनके अनुसार, पिछले नौ वर्षों में इस मैदान पर हजारों खिलाड़ी खेल चुके हैं और यहां कई बड़े टूर्नामेंट आयोजित हुए हैं। ठाकरे ने आरोप लगाया कि मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन (एमएफए) को इस मैदान का उपयोग करने से रोका जा रहा है ताकि वहां एक व्यावसायिक कंक्रीट ढांचा खड़ा किया जा सके। आदित्य ठाकरे वर्तमान में मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं।
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आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि बीएमसी में भाजपा शासन और राज्य सरकार के निर्देशों के तहत यह फैसला लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना से ठेकेदारों और बिल्डरों को फायदा होगा, जबकि बच्चों और खिलाड़ियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। ठाकरे ने यह भी दावा किया कि प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर का नाम किसी भाजपा नेता के नाम पर रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा खेल सुविधाओं को खत्म कर मुंबई को कंक्रीट के शहर में बदल रही है।
भारत फीफा विश्व कप में क्यों नहीं खेलता, इस पर क्या बोले ठाकरे?
आदित्य ठाकरे ने भारत के फीफा विश्व कप में भाग नहीं लेने के मुद्दे को भी इस विवाद से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यदि लोग यह सोचते हैं कि 140 करोड़ से अधिक आबादी वाला भारत फीफा विश्व कप में क्यों नहीं खेलता, जबकि छोटे-छोटे देश खेल रहे हैं, तो उन्हें ऐसे फैसलों को देखना चाहिए। ठाकरे के मुताबिक, जब खेल मैदानों को अन्य निर्माण कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, तो खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे शहर में खेल के लिए उपलब्ध स्थान लगातार कम होते जा रहे हैं।
क्या इस फैसले से ट्रैफिक और अन्य समस्याएं बढ़ेंगी?
आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि बांद्रा पश्चिम और रिक्लेमेशन क्षेत्र पहले से ही भारी यातायात दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यदि वहां कन्वेंशन सेंटर बनाया जाता है तो ट्रैफिक की समस्या और बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि बच्चों का खेल का मैदान खत्म होगा और इलाके में वाहनों की संख्या बढ़ेगी। ठाकरे ने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने पहले अपने विरोध के जरिए मुंबई के दो अन्य मनोरंजन मैदानों को बचाया था। उनके अनुसार, सरकार मनोरंजन और खेल स्थलों को नियंत्रित और टिकट आधारित कंक्रीट ढांचों में बदलने की दिशा में काम कर रही है।