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Deportation: अमेरिका से प्रत्यर्पित शख्स गुजरात में किया गया गिरफ्तार; फर्जी पासपोर्ट पर यात्रा करने का आरोप
Tue, 04 Mar 2025 02:35 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 04 Mar 2025 02:35 PM IST
सार
अमेरिका से निर्वासन के बीच दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। जिस पर फर्जी पासपोर्ट के जरिए अमेरिकी, कनाडा की यात्रा कर चुका है। गुजरात के गांधीनगर जिले के कलोल का रहने वाला आरोपी जिग्नेश पटेल पनामा के रास्ते अमेरिका से प्रत्यर्पित किया गया था। वह रविवार शाम को नई दिल्ली पहुंचा था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिका से बड़े पैमाने पर निर्वासन के बीच भारत में एक शख्स को फर्जी पासपोर्ट पर यात्रा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अहमदाबाद पुलिस ने मंगलवार को बताया कि हाल ही में अमेरिका से प्रत्यर्पित गुजरात के 31 वर्षीय व्यक्ति को अहमदाबाद में फर्जी पहचान के साथ यात्रा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वह दूसरे नाम से जारी भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, गुजरात के गांधीनगर जिले के कलोल का रहने वाला आरोपी जिग्नेश पटेल पनामा के रास्ते अमेरिका से प्रत्यर्पित किया गया था। वह रविवार शाम को नई दिल्ली पहुंचा था।
अहमदाबाद के एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन FIR दर्ज
अहमदाबाद के एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में रविवार को उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर के अनुसार, वह पहले वसीम खलील नाम से जारी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर कथित तौर पर दिल्ली से कनाडा गया था। अहमदाबाद के विशेष अभियान समूह (एसओजी) के निरीक्षक एनडी नकुम ने बताया कि जिग्नेश पटेल को रविवार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि जिस पासपोर्ट पर वह यात्रा कर रहा था, वह फर्जी था या खलील के नाम से जारी किया गया था। एफआईआर में कहा गया है कि इसका खुसाला तब हुआ जब जिग्नेश पटेल ने अमेरिका से निर्वासित होने के बाद नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आगमन आव्रजन मंजूरी के लिए संपर्क किया। जब उसके यात्रा दस्तावेजों की जांच की गई, तो पता चला कि उसने अपने भारतीय पासपोर्ट के खो जाने का हवाला देते हुए वापसी के दौरान पनामा में एक आपातकालीन प्रमाण पत्र प्राप्त किया था।
यात्री ने कबूली फर्जी पासपोर्ट की बात
हालांकि, सिस्टम से यात्री के प्रस्थान विवरण की जांच करने पर, खोए हुए पासपोर्ट के खिलाफ कुछ भी नहीं मिला, एफआईआर में कहा गया है। जब उससे भारत से जाने वाले पासपोर्ट के बारे में पूछा गया, तो उसने कबूल किया कि उसने वसीम खलील के नाम से जारी किए गए पासपोर्ट का उपयोग करके प्रतिरूपण करके यात्रा की थी। उसके पासपोर्ट के विवरण की आगे की जांच करने पर पता चला कि वह 3 फरवरी, 2025 को एयर कनाडा की उड़ान से दिल्ली से कनाडा के लिए रवाना हुआ था।
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फर्जी पासपोर्ट से कनाडा की भी यात्रा की
एफआईआर में कहा गया है कि प्रस्थान के दौरान वह एक अलग व्यक्ति के रूप में पाया गया और कार्रवाई के लिए उसे पुलिस को सौंप दिया गया। नाकुम ने कहा, 'पासपोर्ट फर्जी है या उसने खलील नाम के व्यक्ति का असली पासपोर्ट इस्तेमाल किया है, यह जांच का विषय है। हमने अधिकारियों से जानकारी मांगी है और जांच चल रही है, क्योंकि आरोपी हमारी हिरासत में है।' अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर खलील के नाम से भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल कर दिल्ली से कनाडा पहुंचा और वहां से उसने अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश की, तभी उसे पकड़ लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 319 (2) के तहत धोखाधड़ी और पासपोर्ट अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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अहमदाबाद के एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन FIR दर्ज
अहमदाबाद के एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में रविवार को उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर के अनुसार, वह पहले वसीम खलील नाम से जारी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर कथित तौर पर दिल्ली से कनाडा गया था। अहमदाबाद के विशेष अभियान समूह (एसओजी) के निरीक्षक एनडी नकुम ने बताया कि जिग्नेश पटेल को रविवार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि जिस पासपोर्ट पर वह यात्रा कर रहा था, वह फर्जी था या खलील के नाम से जारी किया गया था। एफआईआर में कहा गया है कि इसका खुसाला तब हुआ जब जिग्नेश पटेल ने अमेरिका से निर्वासित होने के बाद नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आगमन आव्रजन मंजूरी के लिए संपर्क किया। जब उसके यात्रा दस्तावेजों की जांच की गई, तो पता चला कि उसने अपने भारतीय पासपोर्ट के खो जाने का हवाला देते हुए वापसी के दौरान पनामा में एक आपातकालीन प्रमाण पत्र प्राप्त किया था।
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यात्री ने कबूली फर्जी पासपोर्ट की बात
हालांकि, सिस्टम से यात्री के प्रस्थान विवरण की जांच करने पर, खोए हुए पासपोर्ट के खिलाफ कुछ भी नहीं मिला, एफआईआर में कहा गया है। जब उससे भारत से जाने वाले पासपोर्ट के बारे में पूछा गया, तो उसने कबूल किया कि उसने वसीम खलील के नाम से जारी किए गए पासपोर्ट का उपयोग करके प्रतिरूपण करके यात्रा की थी। उसके पासपोर्ट के विवरण की आगे की जांच करने पर पता चला कि वह 3 फरवरी, 2025 को एयर कनाडा की उड़ान से दिल्ली से कनाडा के लिए रवाना हुआ था।
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फर्जी पासपोर्ट से कनाडा की भी यात्रा की
एफआईआर में कहा गया है कि प्रस्थान के दौरान वह एक अलग व्यक्ति के रूप में पाया गया और कार्रवाई के लिए उसे पुलिस को सौंप दिया गया। नाकुम ने कहा, 'पासपोर्ट फर्जी है या उसने खलील नाम के व्यक्ति का असली पासपोर्ट इस्तेमाल किया है, यह जांच का विषय है। हमने अधिकारियों से जानकारी मांगी है और जांच चल रही है, क्योंकि आरोपी हमारी हिरासत में है।' अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर खलील के नाम से भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल कर दिल्ली से कनाडा पहुंचा और वहां से उसने अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश की, तभी उसे पकड़ लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 319 (2) के तहत धोखाधड़ी और पासपोर्ट अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।