एआई बनेगा किसानों का नया साथी: तमिलनाडु ने शुरू की 'उझावर AI योजना', बताएगा कब करें बुवाई और कैसे बचाएं फसल?
तमिलनाडु सरकार ने किसानों के लिए 'उझावर AI योजना' शुरू की है। 2 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत किसानों को मोबाइल पर एआई आधारित खेती संबंधी सलाह मिलेगी। इसमें मौसम, मिट्टी, उर्वरक, कीट-रोग और फसल प्रबंधन की जानकारी शामिल होगी।
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विस्तार
तमिलनाडु सरकार ने किसानों की मदद के लिए 'उझावर AI योजना' शुरू की है। इसकी घोषणा राज्य के 2026-27 के कृषि बजट में की गई। इस योजना के तहत किसानों को एआई की मदद से खेती से जुड़ी जानकारी और सलाह सीधे उनके मोबाइल पर मिलेगी।
राज्य ने कितने रुपये दिए हैं?
तमिलनाडु के कृषि और किसान कल्याण मंत्री आर. विनोथ ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए इस योजना के लिए राज्य कोष से 2 करोड़ रुपये आवंटित किए। यह योजना कृषि विस्तार सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग तकनीकों को एकीकृत करेगी।
किस से संबंधी सुझाव मिलेंगे?
इस नई पहल के तहत, बुवाई से लेकर कटाई तक, संपूर्ण फसल चक्र को कवर करने वाली व्यापक तकनीकी सलाह मोबाइल उपकरणों के माध्यम से दी जाएगी। स्वचालित सेवाओं में स्थानीय मौसम पूर्वानुमान, मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता प्रबंधन, कीट और रोग प्रकोप संबंधी चेतावनियाँ और मौजूदा कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसल संबंधी सुझाव शामिल होंगे।
वॉयस-फर्स्ट एग्रीकल्चर सर्विसेज क्या है?
ग्रामीण किसानों के लिए पहुंच की समस्या को दूर करने के लिए सरकार 'वॉयस-फर्स्ट एग्रीकल्चर सर्विसेज' शुरू कर रही है। इस सुविधा से किसान अपने मोबाइल फोन पर आवाज के जरिए ज्ञान आधारित कृषि सलाह, वास्तविक समय की बाजार जानकारी और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
इस बजट दस्तावेज में कृषि क्षेत्र के डिजिटल विकास पर बात करते हुए कहा गया है कि तमिलनाडु की कृषि पारंपरिक निर्वाह खेती से हटकर प्रौद्योगिकी-आधारित, विज्ञान-केंद्रित मॉडल की ओर अग्रसर हुई है, जिसका केंद्र बिंदु किसान समृद्धि है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एकीकरण 2021 में शुरू किए गए 'उझावर' मोबाइल एप्लिकेशन जैसे पूर्व डिजिटल हस्तक्षेपों पर आधारित है, जिसने राज्य के कृषि क्षेत्र में डेटा-आधारित प्रबंधन स्थापित किया है।
केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कितने रुपये मिले?
डिजिटल परामर्श तंत्र व्यापक किसान पहचान ढांचों से भी जुड़ेगा। मृदा प्रबंधन प्रयासों के तहत, राज्य ने घोषणा की है कि लगभग तीन लाख किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए जाएंगे, जिन्होंने किसान पहचान संख्या (एफआईडी) प्राप्त कर ली है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से 6.16 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, साथ ही एक लाख अन्य किसानों के लिए राज्य सरकार द्वारा अलग से 4 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इसके अलावा, राज्य सरकार 3 करोड़ रुपये के व्यय से एक राज्यव्यापी कृषि प्रदर्शनी का आयोजन करेगी, जिसमें किसानों और आम जनता को आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों, अच्छी कृषि पद्धतियों (जीएपी), मूल्यवर्धन मशीनरी और स्मार्ट खेती के तरीकों का प्रदर्शन किया जाएगा।
सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने कहा कि कृषि परिणामों के लिए समय पर जानकारी उपलब्ध कराना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि समय पर वर्षा होना, और इस बात पर जोर दिया कि डेटा-आधारित उपकरण योजना के कार्यान्वयन में निष्पक्षता, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करेंगे।