सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ajit Pawar's political journey: Amidst power, struggle and controversies, he became Deputy CM for the 5th time

अजित पवार का राजनीतिक सफर: सत्ता, संघर्ष और विवादों के बीच 6वीं बार डिप्टी सीएम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Wed, 28 Jan 2026 09:57 AM IST
विज्ञापन
सार

महाराष्ट्र की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल अजित पवार लंबे समय से राज्य की सियासत में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। दूर्भाग्यपूर्ण रूप से आज सुबह बारामती में उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान हादसे का शिकार हो गया। 66 वर्ष की उम्र में उनका निधान हो गया। आइए उनके राजनीतिक जीवन से जुड़ी बाते जानते हैं। 

Ajit Pawar's political journey: Amidst power, struggle and controversies, he became Deputy CM for the 5th time
अजित पवार का निधन - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता अजित पवार को पिछले 13 वर्षों में छठवीं बार उप मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला। वह महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक गैर-लगातार उप मुख्यमंत्री रहने वाले नेता भी रहे।

Trending Videos


विज्ञापन
विज्ञापन


अजित पवार के उप मुख्यमंत्री कार्यकाल:

  • 10 नवंबर 2010 - 25 सितंबर 2012 (मुख्यमंत्री: पृथ्वीराज चव्हाण)
  • 25 अक्तूबर 2012 - 26 सितंबर 2014 (मुख्यमंत्री: पृथ्वीराज चव्हाण)
  • 23 नवंबर 2019 - 26 नवंबर 2019 (मुख्यमंत्री: देवेंद्र फडणवीस)
  • 30 दिसंबर 2019 - 29 जून 2022 (मुख्यमंत्री: उद्धव ठाकरे)
  • 2 जुलाई 2023 - वर्तमान (मुख्यमंत्री: एकनाथ शिंदे / देवेंद्र फडणवीस सरकार)

वह दिसंबर 2024 से देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में एकनाथ शिंदे के साथ महाराष्ट्र के 8वें उप मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत रहें। 

कौन हैं अजित पवार?

अजित अनंतराव पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में हुआ। वह एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे हैं। उनके पिता वी. शांताराम के राजकमल स्टूडियो में काम करते थे। अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के राजनीतिक नक्शेकदम पर चलते हुए राजनीति में प्रवेश किया। जनता और समर्थकों के बीच वह ‘दादा’ के नाम से लोकप्रिय हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा देओली प्रवर से की और माध्यमिक शिक्षा महाराष्ट्र शिक्षा बोर्ड से पूरी की। उनकी शिक्षा माध्यमिक स्तर तक ही रही।

राजनीतिक सफर कैसे रहा?

अजित पवार ने राजनीति की शुरुआत 1982 में की, जब वह मात्र 20 वर्ष के थे। उन्होंने सबसे पहले एक चीनी सहकारी संस्था का चुनाव लड़ा।

  • 1991: पुणे जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बने, 16 साल तक इस पद पर रहे।
  • 1991: बारामती से लोकसभा के लिए चुने गए, लेकिन अपने चाचा शरद पवार के लिए सीट छोड़ दी।
  • उसी वर्ष महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए।
  • 1992-1993: कृषि और बिजली राज्य मंत्री बने।
  • साल 1995, 1999, 2004, 2009 और 2014 में बारामती निर्वाचन क्षेत्र से वह लगातार जीतते रहे।

उन्होंने कृषि, बागवानी, बिजली और जल संसाधन मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। जल संसाधन मंत्री के रूप में उन्होंने कृष्णा घाटी और कोकण सिंचाई परियोजनाओं की जिम्मेदारी संभाली।

सत्ता तक पहुंच का सफर

अजित पवार को महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वाकांक्षी और प्रभावशाली नेता माना जाता है। 2009 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने उप मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई थी, लेकिन उस समय यह पद छगन भुजबल को मिला। हालांकि, दिसंबर 2010 में वह पहली बार उप मुख्यमंत्री बने। 2013 में उनका नाम सिंचाई घोटाले से जुड़े विवाद में आया और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। बाद में उन्हें क्लीन चिट मिली और वह फिर से पद पर लौटे।

विवादों से रिश्ता

  • अजित पवार का राजनीतिक जीवन विवादों से भी जुड़ा रहा है।
  • 2013: “अगर बांध में पानी नहीं है तो क्या पेशाब करके भरें?” वाला बयान, जिसकी काफी आलोचना हुई। बाद में उन्होंने माफी मांगी।
  • 2014: लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं को धमकाने के आरोप।
  • भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोप भी समय-समय पर लगे
  • लवासा लेक सिटी प्रोजेक्ट में कथित मदद और अन्य मामलों को लेकर विवाद।

हालांकि, इन विवादों के बावजूद अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे।

राजनीतिक पहचान

अजित पवार को एक मजबूत संगठनकर्ता और प्रशासनिक अनुभव वाले नेता के रूप में देखा जाता रहा। उनके और चाचा शरद पवार के बीच राजनीतिक मतभेदों की चर्चा भी होती रही है, लेकिन उन्होंने हमेशा खुद को शरद पवार का अनुयायी बताया है। आज अजित पवार महाराष्ट्र की सत्ता राजनीति के सबसे अहम चेहरों में शामिल रहे और राज्य की राजनीति में उनकी भूमिका निर्णायक मानी जाती था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed