Andhra Pradesh: इंस्टाग्राम, दोस्ती और दुष्कर्म; पीड़िता पंचायत राज विभाग में कर्मचारी; आरोपी दिहाड़ी मजदूर
आंध्र प्रदेश के पालनाडु जिले में एक सरकारी कर्मचारी के साथ दुष्कर्म मामले में आरोपी को माचेरला से गिरफ्तार कर अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। घटना को 2 अप्रैल को पीड़ता के घर में घुसकर अंजाम दिया गया था।
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आंध्र प्रदेश के पालनाडु जिले की एक सरकारी कर्मचारी के साथ दुष्कर्म की घटना हुई है। अदालत ने इस मामले में आरोपी को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी का नाम नामला श्रीनू है। इसे पुलिस ने माचेरला शहर से बुधवार रात गिरफ्तार किया था। आरोपी को न्यायिक हिरासत में गुरजाला उप-जेल भेजा गया है।
2 मार्च को महिला के साथ दुष्कर्म
दुष्कर्म की घटना 2 अप्रैल को माचेरला शहर में हुई थी। 32 वर्षीय महिला अपने घर पर थी। आरोपी मे महिला पर हमला किया। आरोपी ने पीड़िता को चाकू दिखाकर डराया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के साथ मारपीट भी की और उसके गुप्तांगों में एक लोहे की रॉड डाल दी।
पंचायती राज विभाग में कर्मचारी
पीड़िता पंचायत राज विभाग में एक अटेंडर के तौर पर काम करती है। वह अपने पति से अलग हो चुकी थी और पिछले साल सत्तेनापल्ली से माचेरला आकर रहने लगी थी। पुलिस के अनुसार, वह अपने छोटे भतीजे के साथ रहती है। हालांकि, उसका भतीजा स्कूल की छुट्टियां में अपने परिवार के पास सत्तेनापल्ली गया हुआ था, इसलिए वह घर पर अकेली थी।
पानी पीने के बहाने घर में दाखिल हुआ आरोपी
पुलिस ने पीड़िता के हवाले से बताया कि आरोपी पीने का पानी मांगने के बहाने घर में घुसा था। उसने महिला को एक दुपट्टे से बांध दिया, कपड़े का एक टुकड़ा उसके मुंह में ठूंस दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। हमले के बारे में तब पता चला जब पीड़िता के भतीजे का फोन पर उससे संपर्क नहीं हो पाया। भतीजे ने अपने दोस्तों को ये बात बताई। जिसके बाद पीड़िता को हाथ-पैर बंधे हुए बेहोशी की हालत में पाया गया।
पुलिस ने पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी पीड़िता का परिचित था। आरोपी की पहचान श्रीनिवास के रूप में हुई, जो राजुपालेम मंडल का रहने वाला एक दिहाड़ी मजदूर है। दोनों की पहली बार इंस्टाग्राम के जरिए जान-पहचान हुई थी और बाद में वे एक-दूसरे के काफी करीब आ गए थे।
मुख्यमंत्री को पुलिस विभाग को निर्देश
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमें गठित की थीं। मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू ने भी पुलिस विभाग को निर्देश दिया था कि वे पीड़िता को न्याय दिलाएं और सच्चाई का पता लगाएं। पुलिस ने बुधवार रात को आरोपी को धर दबोचा और अगले दिन उसे अदालत में पेश किया।