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Arunachal Pradesh: राज्यपाल से मिलीं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर, कई मुद्दों पर की चर्चा
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सार
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी. परनाइक से मुलाकात कर महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और सशक्तिकरण पर चर्चा की। राज्यपाल ने महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक भूमिका और स्वयं सहायता समूहों की सराहना करते हुए महिला सशक्तिकरण को राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
राज्यपाल से मिलीं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मंगलवार को राजभवन में अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी. परनाइक (सेवानिवृत्त) से मुलाकात की। इस दौरान राज्य में महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा, सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
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राज्यपाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश की महिलाएं सामाजिक, आर्थिक और सामुदायिक जीवन में बेहद सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। कृषि, उद्यमिता, प्रशासन और सामाजिक अभियानों तक महिलाओं का योगदान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सराहना करते हुए कहा कि ये समूह ग्रामीण आजीविका, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक उत्थान में परिवर्तनकारी भूमिका निभा रहे हैं।
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राज्यपाल ने कहा कि राज्य की महिलाएं नशा विरोधी अभियानों, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ पारंपरिक हथकरघा, वस्त्र और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी सक्रिय योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश की विविध जनजातीय परंपराओं में महिलाएं लंबे समय से पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और सामाजिक सामंजस्य की संरक्षक रही हैं। राज्य की प्रगति महिलाओं के सशक्तिकरण से सीधे जुड़ी हुई है। राज्यपाल परनाइक ने कहा कि अरुणाचली महिलाओं में अद्भुत धैर्य, गरिमा और सांस्कृतिक समझ है।
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शिक्षा, प्रशासन, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाना एक प्रगतिशील, समावेशी और आत्मनिर्भर अरुणाचल प्रदेश के निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग और अरुणाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में 29 मई को ईटानगर में आयोजित होने वाले 'जन सुनवाई - राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार' कार्यक्रम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल महिलाओं को अपनी समस्याएं रखने, सहायता प्राप्त करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती हैं। इस बैठक में अरुणाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष यालेम तागा बुरांग भी मौजूद रहीं।
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राज्यपाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश की महिलाएं सामाजिक, आर्थिक और सामुदायिक जीवन में बेहद सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। कृषि, उद्यमिता, प्रशासन और सामाजिक अभियानों तक महिलाओं का योगदान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सराहना करते हुए कहा कि ये समूह ग्रामीण आजीविका, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक उत्थान में परिवर्तनकारी भूमिका निभा रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य की महिलाएं नशा विरोधी अभियानों, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ पारंपरिक हथकरघा, वस्त्र और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी सक्रिय योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश की विविध जनजातीय परंपराओं में महिलाएं लंबे समय से पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और सामाजिक सामंजस्य की संरक्षक रही हैं। राज्य की प्रगति महिलाओं के सशक्तिकरण से सीधे जुड़ी हुई है। राज्यपाल परनाइक ने कहा कि अरुणाचली महिलाओं में अद्भुत धैर्य, गरिमा और सांस्कृतिक समझ है।
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शिक्षा, प्रशासन, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाना एक प्रगतिशील, समावेशी और आत्मनिर्भर अरुणाचल प्रदेश के निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग और अरुणाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में 29 मई को ईटानगर में आयोजित होने वाले 'जन सुनवाई - राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार' कार्यक्रम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल महिलाओं को अपनी समस्याएं रखने, सहायता प्राप्त करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती हैं। इस बैठक में अरुणाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष यालेम तागा बुरांग भी मौजूद रहीं।