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क्या वोटर घटने से बढ़ा मतदान प्रतिशत?: असम, केरल और पुदुचेरी चुनाव के बाद हो रहे दावों में कितनी सच्चाई, जानें
Sat, 11 Apr 2026 08:33 PM IST
Kirtivardhan Mishra
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: Kirtivardhan Mishra
Updated Sat, 11 Apr 2026 08:33 PM IST
सार
असम, केरल और पुदुचेरी में इस बार 2021 के मुकाबले ज्यादा मतदान दर्ज प्रतिशत दर्ज किया गया। हालांकि, यह साफ नहीं हुआ कि क्या यह विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मतदाताओं के नाम कटने से हुआ है या वाकई में इस बार वोटर्स ने बढ़चढ़कर पिछले रिकॉर्ड को तोड़ा है। आइये जानते हैं क्या है वास्तविकता...
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असम, केरल और पुदुचेरी में 2021 और 2026 के वोट प्रतिशत की तुलना। (पोस्टल बैलट सम्मिलित नहीं)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
असम, केरल और पुदुचेरी में 9 अप्रैल को सफलतापूर्वक मतदान कराया गया। इस बार तीन में से दो राज्यों में मतदान के पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए। जहां असम में इस बार 85.9 फीसदी वोट पड़े, वहीं पुदुचेरी में 89.87 प्रतिशत वोटिंग हुई। इस लिहाज से असम में 2016 का 84.67% और पुदुचेरी में 2011 का 86.9 प्रतिशत वोटिंग का रिकॉर्ड टूट गया। इन दोनों राज्यों के अलावा केरल ने भी पिछली बार से अधिक मतदान दर्ज किया गया।
इन रिकॉर्डतोड़ वोटिंग के आंकड़ों के बीच ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि निर्वाचन आयोग की तरफ से इस बार चुनाव से पहले कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में वोटरों की घटी संख्या की वजह से ही अलग-अलग राज्यों में वोटिंग में उछाल दर्ज हुआ। तर्क यह दिया जा रहा है कि चूंकि इस बार वोटर पिछली बार के मुकाबले कम थे, इसलिए मतदान प्रतिशत में उछाल आना तय था। अमर उजाला ने पंजीकृत मतदाताओं और वोट प्रतिशत की तुलना की और जाना कि आखिर इन दावों की क्या सच्चाई है।
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इन रिकॉर्डतोड़ वोटिंग के आंकड़ों के बीच ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि निर्वाचन आयोग की तरफ से इस बार चुनाव से पहले कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में वोटरों की घटी संख्या की वजह से ही अलग-अलग राज्यों में वोटिंग में उछाल दर्ज हुआ। तर्क यह दिया जा रहा है कि चूंकि इस बार वोटर पिछली बार के मुकाबले कम थे, इसलिए मतदान प्रतिशत में उछाल आना तय था। अमर उजाला ने पंजीकृत मतदाताओं और वोट प्रतिशत की तुलना की और जाना कि आखिर इन दावों की क्या सच्चाई है।
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1. असम में पिछली बार और इस बार के मतदान में कितना फर्क?
असम में पिछले चुनाव में कुल 2 करोड़ 34 लाख, 36 हजार 864 मतदाता थे। इनमें से कुल 1 करोड़ 91 लाख 71 हजार 536 ने वोट डाले थे। इस लिहाज से कुल 81.8 फीसदी वोटिंग हुई थी।वहीं, 2026 की बात करें तो कुल 2 करोड़ 50 लाख 54 हजार 463 मतदाता रजिस्टर्ड थे। यानी, एसआईआर के बाद भी कुल मतदाताओं का आंकड़ा ही 2021 के मुकाबले इस बार बढ़ा है। इस बार कुल 85.9 फीसदी वोट प्रतिशत पड़े हैं। यानी करीब 2.15 करोड़ लोगों ने वोटिंग में हिस्सा लिया।
इस लिहाज से देखा जाए तो जहां 2021 में कुल पंजीकृत मतदाताओं में से करीब 42.65 लाख ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया था तो वहीं, 2026 में करीब 35-36 लाख मतदाताओं (पोस्टल बैलट की गिनती बाकी) ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। यानी कुल मिलाकर असम में सीधे-सीधे वोटिंग में हिस्सेदारी ही नहीं वोट करने वाले वोटर भी बढ़ें हैं।
2. केरल में पिछली बार और इस बार के मतदान में कितना फर्क?
दूसरी तरफ केरल की बात करें तो 2021 में यहां कुल 2 करोड़ 75 लाख 3 हजार 768 वोटर थे। इनमें से 2 करोड़ 3 लाख 24 हजार 89 लोगों ने वोटिंग में हिस्सा लिया। इस लिहाज से वोट प्रतिशत 73.9 फीसदी रहा।वहीं, 2026 में कुल 2 करोड़ 71 लाख 42 हजार 952 मतदाता रजिस्टर्ड थे। केरल में इस बार 78.27 प्रतिशत वोट पड़े। अनुमान के मुताबिक, 2 करोड़ 12 लाख वोटरों ने इस बार भी वोटिंग की है। यानी 2021 के मुकाबले ज्यादा मतदाताओं ने हिस्सेदारी की।
इस लिहाज से देखा जाए तो 2026 में केरल में 2021 के मुकाबले कुल साढ़े पांच लाख कम वोटर रजिस्टर्ड रहे, इसके बावजूद मतदाताओं की संख्या करीब आठ से नौ लाख तक ज्यादा रही। यानी एसआईआर से वोट घटने का असर भी मतदान पर नहीं पड़ा, उल्टा मतदाता और वोट प्रतिशत दोनों ही बढ़ गए।
3. पुदुचेरी में पिछली बार और इस बार के मतदान में क्या फर्क
केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में 2021 में कुल 10 लाख 4 हजार 507 रजिस्टर्ड मतदाता रहे। इनमें से 8 लाख 20 हजार 305 ने अपने मत का प्रयोग किया। यानी कुल वोट प्रतिशत 81.66% रहा।वहीं, 2026 में एसआईआर के बाद 9 लाख 50 हजार 311 वोटर ही बचे। यानी 2021 के मुकाबले 54 हजार वोट घट गए। इस साल यहां 89.87 फीसदी वोटिंग हुई। यानी, इस बार करीब 8 लाख 54 हजार मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। इस लिहाज से पिछली बार के मुकाबले 34 हजार वोट ज्यादा ही पड़े। यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद यहां वोटर तो घटे, लेकिन मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर वोट किया और ज्यादा मतदान प्रतिशत दर्ज कराया।
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