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अस्पताल में मारपीट का मामला: 14 दिन की न्यायिक हिरासत में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे, कोर्ट क्या दिया आदेश?
Sun, 19 Jul 2026 05:49 PM IST
Pavan
एएनआई, मुंबई
एएनआई, मुंबई
Published by: Pavan
Updated Sun, 19 Jul 2026 05:49 PM IST
सार
Ramesh Mhatre On Judicial Custody: शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दरअसल, 6 जुलाई को डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के साथ मारपीट के मामले में कोर्ट ने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।
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न्यायिक हिरासत में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
महाराष्ट्र में डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सों और स्टाफ के साथ मारपीट के मामले में आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि उन्हें 3 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में रखा जाए। वहीं, दूसरी आरोपी साधना करंडे; जो अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज की मां हैं और शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टर-नर्स के साथ मारपीट के मामले में आरोपी हैं, उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
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हाई कोर्ट ने क्या दिया था निर्देश?
इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को 19 जुलाई को शाम पांच बजे तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने डॉक्टरों के संगठनों को सोमवार को बुलाई गई राज्यव्यापी हड़ताल वापस लेने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि अगर रमेश म्हात्रे निर्धारित समय तक आत्मसमर्पण नहीं करते हैं या उनका पता नहीं चलता है, तो संबंधित अधिकारी कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकते हैं। इसमें उनकी अचल संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है।
रमेश म्हात्रे को 14 जुलाई को कल्याण की अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। अदालत ने यह फैसला रमेश म्हात्रे की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुनाया था, क्योंकि गिरफ्तारी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रमेश के वकील एम.के. काजी ने कहा था कि उन्होंने अभियोजन पक्ष की सभी आपत्तियों का जवाब दिया, जिसके बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर उनके मुवक्किल को जमानत दे दी।
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डॉक्टरों पर हमले का क्या है मामला?
यह मामला 6 जुलाई को डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। इस घटना के बाद चिकित्सा समुदाय में व्यापक आक्रोश देखने को मिला था। रमेश म्हात्रे को डोंबिवली के विष्णुनगर पुलिस थाने में दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132 और 121(1) के तहत गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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#WATCH | Maharashtra: Shiv Sena corporator Ramesh Mhatre, accused in the assault case involving doctors, nurses and staff at Shastri Nagar Hospital in Dombivli, surrendered before the Vishnu Nagar Police in compliance with a Bombay High Court order.
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The High Court had cancelled… pic.twitter.com/5uyWTZJ80Z— ANI (@ANI) July 19, 2026
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हाई कोर्ट ने क्या दिया था निर्देश?
इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को 19 जुलाई को शाम पांच बजे तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने डॉक्टरों के संगठनों को सोमवार को बुलाई गई राज्यव्यापी हड़ताल वापस लेने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि अगर रमेश म्हात्रे निर्धारित समय तक आत्मसमर्पण नहीं करते हैं या उनका पता नहीं चलता है, तो संबंधित अधिकारी कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकते हैं। इसमें उनकी अचल संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है।
रमेश म्हात्रे को 14 जुलाई को कल्याण की अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। अदालत ने यह फैसला रमेश म्हात्रे की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुनाया था, क्योंकि गिरफ्तारी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रमेश के वकील एम.के. काजी ने कहा था कि उन्होंने अभियोजन पक्ष की सभी आपत्तियों का जवाब दिया, जिसके बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर उनके मुवक्किल को जमानत दे दी।
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डॉक्टरों पर हमले का क्या है मामला?
यह मामला 6 जुलाई को डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। इस घटना के बाद चिकित्सा समुदाय में व्यापक आक्रोश देखने को मिला था। रमेश म्हात्रे को डोंबिवली के विष्णुनगर पुलिस थाने में दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132 और 121(1) के तहत गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।