सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   India News ›   Assembly Election Updates West Bengal Assam Tamil Nadu Kerala Puducherry Candidate lists Rally manifesto news

Assembly Elections 2026: तमिलनाडु में TVK का घोषणा पत्र जारी, बंगाल और असम में नेताओं के बीच जुबानी जंग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला। Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Wed, 04 Mar 2026 04:46 PM IST
विज्ञापन
सार

Assembly Election Updates: देश के पांच राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ऐसे में आइए जानते हैं कि चुनावी चौसर पर कौन सा दल किस मुद्दे के सहारे जनता के बीच जाएगा और किस राज्य में कौन सी राजनीतिक रणनीति काम करेगी। साथ ही अलग-अलग राज्यों से चुनाव से जुड़े हर छोटे-बड़े अपडेट पर भी एक नजर डालेंगे।

Assembly Election Updates West Bengal Assam Tamil Nadu Kerala Puducherry Candidate lists Rally manifesto news
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां बढ़ीं - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

इस साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव कराए जाने हैं। निर्वाचन आयोग की टीमें राज्यों के दौरे कर तैयारियों की समीक्षा कर रही है। इसी बीच राजनीतिक दलों ने प्रत्याशियों के नाम का एलान करना भी शुरू कर दिया है। कहीं चुनावी घोषणा पत्र के वादों से जनता को लुभाने के प्रयास किए जा रहे हैं, तो किसी राज्य में क्षेत्रीय अस्मिता को मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कई राजनीतिक दलों के बड़े चेहरे जनसभाओं के माध्यम से जनाधार बढ़ाने की कवायद भी कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में कैसा राजनीतिक माहौल है? चुनाव आयोग की तैयारियां कहां तक पहुंचीं? जानिए इस खबर में

Trending Videos


निर्वाचन आयोग की तरफ से चुनाव की औपचारिक घोषणा और आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले किस राज्य में कौन सी सियासी गतिविधि सुर्खियां बटोर रही है? राजनीतिक दलों के बीच कैसे सियासी गठजोड़ पर मंथन हो रहा है? विधानसभा सीटों पर उतारे जा रहे प्रत्याशियों में कौन कद्दावर उम्मीदवार है, किसे पहली बार किस्मत आजमाने का मौका मिल रहा है? राजनीतिक धुरंधरों में किसके पास विरासत की ताकत है? कौन पहली बार राजनीतिक अखाड़े में दांव-पेंच आजमाने आ रहा है? सियासी चौसर पर कितने नए राजनीतिक दल या निर्दलीय प्रत्याशी पहली बार अपना भाग्य आजमाएंगे? ऐसे तमाम सवालों से जुड़े अपडेट्स भी अमर उजाला की इस रिपोर्ट में एक ही जगह पर पढ़ें...
विज्ञापन
विज्ञापन


तमिलनाडु में विजय की पार्टी का घोषणापत्र
तमिलनाडु में अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया है। विजय ने कहा कि अगर उनकी सरकार बनती है तो दो एकड़ से कम जमीन वाले किसानों के बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। उनका कहना है कि यह कदम गरीब किसानों के परिवारों को राहत देने के लिए उठाया जाएगा।

विजय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी वादा किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी साफ और पारदर्शी शासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। विजय ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य की जनता को एक नया राजनीतिक विकल्प देना चाहती है।

उन्होंने सत्तारूढ़ डीएमके पर भी हमला बोला और कहा कि उनकी पार्टी राज्य की राजनीति में बदलाव लाने के लिए तैयार है। विजय ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव उनके लिए एक भावनात्मक क्षण है और वे जनता से मौका देने की अपील कर रहे हैं।

असम में कांग्रेस की पहली सूची से बढ़ी हलचल
असम में कांग्रेस ने तीन मार्च को विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में पार्टी ने कई वरिष्ठ नेताओं के साथ युवाओं और नए चेहरों को भी मौका दिया है। कांग्रेस का कहना है कि टिकट देने में सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय समीकरण और जमीनी पकड़ को ध्यान में रखा गया है। पार्टी का दावा है कि जिन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है वे भाजपा के खिलाफ मजबूत मुकाबला करेंगे।

पहली सूची जारी होने से पहले उम्मीदवारों के नामों पर लंबे समय तक विचार-विमर्श हुआ। प्रदेश नेतृत्व और केंद्रीय चुनाव समिति के बीच कई दौर की बैठकों के बाद इस सूची को अंतिम रूप दिया गया। कांग्रेस ने कुछ मौजूदा विधायकों पर फिर से भरोसा जताया है, जबकि कई सीटों पर नए चेहरे उतारकर बदलाव का संदेश देने की कोशिश की है।

कांग्रेस इस बार बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और कथित भ्रष्टाचार को चुनावी मुद्दा बना रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि असम की जनता बदलाव चाहती है। वहीं भाजपा भी पूरी ताकत से चुनावी तैयारी में जुट गई है। खबर है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही असम में बड़ी रैली कर सकते हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और तेज होने की संभावना है।

ये भी पढ़ें- राज्यसभा चुनाव: 'MVA उम्मीदवार के रूप में शरद पवार का समर्थन करेगी कांग्रेस', रमेश चेन्निथला का बयान

बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच तीखा संघर्ष
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल काफी गरम है। भाजपा इस बार राज्य में सरकार बनाने की कोशिश में पूरी ताकत लगा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह जैसे शीर्ष नेता वहां कई रैलियां कर चुके हैं। पार्टी लगातार राज्य में अपने संगठन को मजबूत करने में लगी हुई है।

दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भाजपा और चुनाव आयोग पर लगातार हमला बोल रही हैं। वह एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही हैं और आरोप लगा रही हैं कि इससे मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है। टीएमसी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।

टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। पार्टी का दावा है कि एसआईआर से जुड़े तनाव के कारण राज्य में कई लोगों की मौत हो चुकी है। टीएमसी ने कहा कि वह बंगाल के लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी और किसी भी तरह की नाइंसाफी का विरोध करेगी।

ये भी पढ़ें- Nitish Kumar Rajya Sabha Candidate: नीतीश कुमार राज्यसभा जा सकते हैं? बिहार के CM को लेकर अटकलें तेज

केरल में कांग्रेस की चुनावी रणनीति
केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। खबर है कि पार्टी अपने 22 में से 20 मौजूदा विधायकों को दोबारा चुनाव मैदान में उतार सकती है। उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए राज्य के नेता दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के साथ बैठक कर रहे हैं।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार दो मौजूदा विधायकों को इस बार टिकट नहीं दिया जा सकता है। छह बार के विधायक के. बाबू ने चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। वहीं एक अन्य नेता राहुल ममकूटथिल के खिलाफ दर्ज मामलों के कारण उन्हें टिकट मिलने की संभावना कम बताई जा रही है।

इस बार केरल में कई मुद्दे चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। सबरीमाला मंदिर से जुड़े सोने की चोरी का मामला चर्चा में है। इसके अलावा भूकंप और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के पुनर्वास का मुद्दा भी उठ रहा है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने वायनाड में कई परिवारों के लिए घर बनाने की पहल की है।

ये भी पढ़ें- सियासी गलियों की होली: अरविंद केजरीवाल 'कट्टर ईमानदार टोली' संग मस्ती में डूबे, राहुल गांधी ने भी उड़ाए गुलाल

पुडुचेरी में भी चुनावी माहौल बनने लगा
पुडुचेरी में भी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में यहां रैली करने पहुंचे। मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी ने उनका स्वागत किया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस और डीएमके पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि इन दलों के शासन में विकास बाधित हुआ।

हालांकि अभी पुडुचेरी में चुनाव की तारीखों का एलान नहीं हुआ है। चुनाव आयोग ने संकेत दिया है कि होली के बाद मतदान कार्यक्रम की घोषणा की जा सकती है। आयोग की ओर से यह भी संकेत मिला है कि यहां एक ही चरण में मतदान कराया जा सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में पुडुचेरी की राजनीति और गरमाने की संभावना है।


अन्य वीडियो-


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article