Bengal: धार्मिक नेताओं की स्टाइपेंड योजना खत्म, 7वां वेतन आयोग लागू; 1 जून से महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा
पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने धार्मिक आधार पर मिलने वाली इमाम, मुअज्जिन और पुजारी स्टाइपेंड योजनाएं जून से बंद करने का फैसला किया। साथ ही महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, सातवें वेतन आयोग गठन और नई ओबीसी सूची तैयार करने को मंजूरी दी गई।
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पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम और बड़े फैसले लिए गए हैं। राज्य सरकार ने धार्मिक आधार पर दी जाने वाली स्टाइपेंड योजनाओं को जून से समाप्त करने का निर्णय लिया है, साथ ही सातवां वेतन आयोग लागू करने और महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।
सरकारी निर्णय के अनुसार, इमाम, मुअज्जिन और पुजारी सहित धार्मिक नेताओं को दी जाने वाली मासिक सहायता योजनाएं अब जून से बंद कर दी जाएंगी। सरकार का कहना है कि धार्मिक श्रेणी के आधार पर दी जा रही इन योजनाओं को समाप्त किया जाएगा और इस संबंध में जल्द ही औपचारिक अधिसूचना जारी होगी।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि छात्रों से जुड़ी किसी भी छात्रवृत्ति योजना को बंद नहीं किया जाएगा। इससे पहले इन धार्मिक पदाधिकारियों को क्रमशः 3000 और 2000 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे थे।
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इसी कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए भी बड़ा ऐलान किया है। 1 जून से राज्य की सभी सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा दूरगामी बस सेवाओं पर भी लागू होगी।
इसके अलावा, सरकार ने सातवें वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दी है, जिससे राज्य के सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में संशोधन होगा। इसके दायरे में सरकारी कर्मचारी, स्थानीय निकायों, शिक्षा संस्थानों और अन्य सरकारी संस्थाओं के कर्मचारी शामिल होंगे। हालांकि महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी को लेकर किसी प्रकार का निर्णय इस बैठक में नहीं लिया गया है।
इसी बीच सरकार ने राज्य की ओबीसी सूची में संशोधन का भी निर्णय लिया है। यह कदम कलकत्ता हाईकोर्ट के 2024 के फैसले के अनुरूप बताया जा रहा है। इसके तहत ओबीसी वर्गों की नई सूची तैयार करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी। सरकार का कहना है कि सभी फैसले प्रशासनिक सुधार और कल्याणकारी योजनाओं को ध्यान में रखकर लिए गए हैं, जिनका सीधा असर राज्य के कर्मचारियों और आम जनता पर पड़ेगा।ये भी पढ़ें- Twisha Sharma Death: कौन थीं ट्विशा शर्मा? मिस पुणे रहीं, फिल्मों में किया काम, शादी के पांच महीने बाद मौत