{"_id":"6a0b122ff49321d74e0dd959","slug":"up-cm-yogi-adityanath-amar-ujala-samwad-up-samwad-2026-namaz-roads-issue-reaction-of-leaders-religious-institu-2026-05-18","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"No Namaz On Roads: संवाद के मंच पर योगी, आखिर क्यों किया नमाज का जिक्र, क्या कहता है ऑल इंडिया मुस्लिम जमात?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
No Namaz On Roads: संवाद के मंच पर योगी, आखिर क्यों किया नमाज का जिक्र, क्या कहता है ऑल इंडिया मुस्लिम जमात?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 18 May 2026 06:50 PM IST
विज्ञापन
सार
सीएम योगी ने अमर उजाला संवाद के मंच से क्या कहा? ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की इस पर क्या प्रतिक्रिया रही है? आज से पहले कब-कब सीएम योगी सड़कों पर नमाज पढ़े जाने को लेकर सख्ती बरतने की बात कह चुके हैं? इसे लेकर उनकी सरकार में क्या नियम बनाए और लागू किए गए हैं? आइये जानते हैं...
अमर उजाला संवाद के मंच पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर सड़क पर धार्मिक गतिविधियों, खासतौर पर नमाज अदा किए जाने को लेकर एक सख्त बयान दिया है। अमर उजाला संवाद में अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने साफ कहा है कि सड़कें चलने के लिए होती हैं। ऐसे में किसी को भी सड़कों को रोकने या इसका आवागमन बाधित करने का कोई अधिकार नहीं है। योगी के इस बयान ने यूपी से लेकर पूरे देश में बहस का एक सिलसिला छेड़ दिया है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब यूपी सीएम के तौर पर योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज का मुद्दा उठाया और इसे सार्वजनिक तौर पर रोकने की मांग की है। वह 2017 में मुख्यमंत्री पद ग्रहण करने के बाद से लेकर अब तक कई मौकों पर इस चलन का विरोध जता चुके हैं और यहां तक कि इसे लेकर शासन और प्रशासनिक स्तर पर आदेश भी जारी करवा चुके हैं।
आइये जानते हैं कि सीएम योगी ने अमर उजाला संवाद के मंच से क्या कहा? ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की इस पर क्या प्रतिक्रिया रही है? आज से पहले कब-कब सीएम योगी सड़कों पर नमाज पढ़े जाने को लेकर सख्ती बरतने की बात कह चुके हैं? इसे लेकर उनकी सरकार में क्या नियम बनाए और लागू किए गए हैं? आइये जानते हैं...
Trending Videos
आइये जानते हैं कि सीएम योगी ने अमर उजाला संवाद के मंच से क्या कहा? ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की इस पर क्या प्रतिक्रिया रही है? आज से पहले कब-कब सीएम योगी सड़कों पर नमाज पढ़े जाने को लेकर सख्ती बरतने की बात कह चुके हैं? इसे लेकर उनकी सरकार में क्या नियम बनाए और लागू किए गए हैं? आइये जानते हैं...
विज्ञापन
विज्ञापन
योगी ने अमर उजाला संवाद में क्या कहा?
'उत्तर प्रदेश: कल, आज और कल' विषय पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ''लोग आज पूछते हैं कि क्या यूपी में सड़कों पर सचमुच नमाज नहीं होती? हम कहते हैं कि कतई नहीं होती। आप जाकर देख लो। सड़कें चलने के लिए हैं या कोई भी व्यक्ति चौराहे पर आकर तमाशा बना देगा? क्या अधिकार है उसे सड़क रोकने और आवागमन बाधित करने का? जहां उसका स्थल होगा, वहां जाकर करें। लोगों ने कहा- कैसे होगा? हमारी संख्या ज्यादा है। हमने कहा- शिफ्ट में कर लो। घर में रहने की जगह नहीं है, तो संख्या नियंत्रित कर लो। नहीं है सामर्थ्य तो क्यों संख्या बढ़ाई जा रही है?''मुख्यमंत्री ने कहा, ''अगर आपको सिस्टम के साथ रहना है, तो याद रखना कि नियम-कानून को मानना शुरू करें। कानून का राज होगा, कानून को सब के लिए समान रूप से लागू करेंगे। नमाज पढ़ना जरूरी है, तो शिफ्ट में पढ़ें। हम रोकेंगे नहीं, लेकिन सड़क पर नहीं...। सड़क चलने के लिए है। आम नागरिक के लिए है। काम नागरिक के लिए है। कर्मचारी के लिए है। हम उसे बाधित नहीं करेंगे। सरकार का नियम सार्वभौम है। सभी के लिए समान रूप से लागू होगा। हमने कहा कि अराजकता नहीं चलने देंगे। प्यार से मानेंगे तो ठीक बात है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे। हमारा काम है संवाद बनाना। आप संवाद से मानेंगे तो संवाद से, नहीं तो संघर्ष से भी देख लो। बरेली में लोगों ने हाथ आजमाने का काम किया, देख ली है ताकत।''
योगी के बयान पर किसने क्या कहा?
1. मुख्यमंत्री ने जो कहा, वह सही कहा: राजभरउत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि चाहे मस्जिद, मंदिर, गिरिजाघर हो या गुरुद्वारा हो, वो इसलिए होते हैं कि उसके अंदर हम पूजा-पाठ करें। सड़क पर कोई खुलेआम पूजा-पाठ नहीं करता। मुख्यमंत्री जी ने जो कहा है, वह सही कहा है।
2. नमाज के लिए एक जगह मुकर्रर है: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने योगी के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि नमाज के लिए एक जगह मुकर्रर है और उस जगह को मस्जिद कहा जाता है। इसके अलावा इस्लाम में यह भी हुक्म दिया गया कि अगर आप घर में हैं, तो वहां भी नमाज पढ़ सकते हैं। दुकान में हैं, तो वहां भी नमाज पढ़ सकते हैं। नमाज पढ़ने के लिए सुकून और इत्मीनान जरूरी है, ताकि खुदा और बंदे के बीच कोई चीज बाधा न बने। यह सुकून और इत्मीनान मस्जिद या घर में बेहतर तरीके से मिल सकता है। इसलिए मस्जिद में नमाज पढ़ने का ज्यादा सवाब माना गया है। मुसलमान सड़कों-चौराहों-पार्कों में नमाज नहीं पढ़ता। शरीयत में यह व्यवस्था भी है कि ईद और बकरीद जैसे मौकों पर, जब नमाजियों की संख्या ज्यादा हो जाती है, तो एक ही मस्जिद में अलग-अलग जमातें कराई जा सकती हैं। इससे सड़क पर ट्रैफिक प्रभावित नहीं होगा, जाम नहीं लगेगा और किसी को परेशानी भी नहीं होगी। इस्लाम किसी के लिए मुश्किल पैदा नहीं करता, सबके लिए आसानी लेकर आता है।
इससे पहले कब-कब सड़कों पर नमाज को लेकर सख्त बयान दे चुके सीएम
1. अप्रैल 2025
न्यूज एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) को दिए इंटरव्यू में ईद के दौरान सड़कों पर नमाज रोकने के प्रशासनिक फैसले को सही ठहराते हुए सीएम योगी ने धार्मिक अनुशासन की बात की थी। इस दौरान सीएम ने कहा था कि
"सड़क चलने के लिए होती है, बीच रास्ते में नमाज नहीं होनी चाहिए। त्योहार और उत्सव या ऐसा कोई भी आयोजन बदतमीजी का माध्यम नहीं बनना चाहिए। अगर सुविधा चाहिए तो उस अनुशासन का पालन करना भी सीखें।"
2. मई 2022 का बयान
अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में योगी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यक्रम के दौरान यूपी की सड़कों पर नमाज पर रोक लगाने को अपनी एक बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि बताया था। उन्होंने कहा था, "उत्तर प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ है कि ईद की नमाज़ या अलविदा जुमे की नमाज़ सड़कों पर नहीं पढ़ी गई। लोगों को यह समझना होगा कि किसी भी धार्मिक गतिविधि से आम जनता को असुविधा या परेशानी नहीं होनी चाहिए।"
अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में योगी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यक्रम के दौरान यूपी की सड़कों पर नमाज पर रोक लगाने को अपनी एक बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि बताया था। उन्होंने कहा था, "उत्तर प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ है कि ईद की नमाज़ या अलविदा जुमे की नमाज़ सड़कों पर नहीं पढ़ी गई। लोगों को यह समझना होगा कि किसी भी धार्मिक गतिविधि से आम जनता को असुविधा या परेशानी नहीं होनी चाहिए।"