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BJP New President: नवीन के युवा कंधों पर होगा जिम्मेदारियों का बड़ा बोझ, आगामी चुनाव परीक्षा की घड़ी

हिमांशु मिश्र, अमर उजाला Published by: लव गौर Updated Wed, 21 Jan 2026 05:20 AM IST
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सार

BJP New President:  भाजपा में अब से नवीन युग की शुरुआत हो गई है। ऐसे में अब नए भाजपा अध्यक्ष नवीन के युवा कंधों पर जिम्मेदारियों का बड़ा बोझ होगाष। क्योंकि हिंदुत्व की छत्रछाया में सामाजिक न्याय की सियासत को साधना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

BJP New President heavy burden of responsibilities on Nitin Naveen  upcoming elections will be crucial test
नितिन नवीन - फोटो : PTI
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विस्तार
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दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा की जिम्मेदारी अब नितिन नवीन के रूप में अब तक के सबसे युवा कंधों पर है। पार्टी में पीढ़ी परिवर्तन के संदेश के साथ आए नितिन नवीन को संगठनात्मक, वैचारिक, पीढ़ीगत और रणनीतिक चुनौतियों का सामना करना होगा।
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इनमें हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की छत्रछाया में पुरानी मगर मजबूत लकीर को कायम रखने केसाथ समय के अनुरूप ऐसी नई लकीर खींचने की होगी, जिसमें भाजपा की पुरानी पहचान ही न बचे बल्कि विस्तार की संभावना भी मूर्त रूप ले। मतलब उन्हें हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की छाया में सामाजिक न्याय की सियासत का समीकरण साधते हुए भाजपा को आगे बढ़ाना होगा।
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कार्यभार ग्रहण समारोह में पीएम मोदी ने वाजपेयी, आडवाणी, जोशी से लेकर निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यकाल की उपलब्धियां गिना कर नितिन के लिए एक लाइन खींच दी है। पीएम के भाषण का लब्बोलुवाब यह था कि वाजपेयी-आडवाणी युग में मजबूत नींव से शुरू हुआ भाजपा का सफर नड्डा के कार्यकाल में पंचायत से संसद तक विजय पताका के रूप में लहरा रहा है। अब ऐसे में नितिन को भाजपा को हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की विचारधारा के दायरे में नया रूप देना होगा।

मोदी का ब्लू प्रिंट
पीएम मोदी का आज का भाषण भाजपा की भावी राजनीति का ब्लू प्रिंट है। इसमें उन्हें घुसपैठ, अर्बन नक्सल और परिवारवाद के खिलाफ जंग को हथियार बनाने का निर्देश दिया है।

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आगामी चुनाव परीक्षा की घड़ी

चंद महीने बाद पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और असम में चुनाव होने हैं। असम में पार्टी सत्ता में है, जबकि पूरब के सबसे अहम राज्य पश्चिम बंगाल में पार्टी की दशकों पुरानी सत्ता में आने की इच्छा पूरी नहीं हो रही। इसके अलावा केरल और तमिलनाडु में सियासत का मुख्य खिलाड़ी बनने के लिए भाजपा दशकों से संघर्ष कर रही है। जाहिर तौर पर इन राज्यों के चुनाव परिणाम नितिन के भविष्य के लिए बेहद अहम साबित होंगे।

नए क्षेत्रों में पार्टी का विस्तार भी चुनौती
राष्ट्रीय राजनीति में मोदी युग की शुरुआत के बाद से अब तक करीब एक दशक के सफर में भाजपा का उत्तर, पूरब, पूर्वोत्तर और गैर हिंदी भाषी क्षेत्रों में खासा विस्तार हुआ है।  ऐसे में नवीन के सामने चुनौती पुराने आधार को और सशक्त करने के साथ पार्टी के नए विस्तार की होगी।

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सामाजिक न्याय की सियासत
हिंदुत्व की छत्रछाया में सामाजिक न्याय की राजनीति से पार पाना है। केंद्र की सत्ता में आने के बाद पीएम मोदी ने हिंदुत्व और सामाजिक न्याय की सियासत में संतुलन बैठाने का पार्टी को अहम और सफल मॉडल दिया है।

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